….जब CM भूपेश और अमित जोगी की हुई मुलाकात……नामांकन के दौरान इस मुलाकात में कुछ ऐसा हुआ कि लोगों के चेहरे पर बिखर गयी मुस्कान… पढ़िये ये खबर

….जब CM भूपेश और अमित जोगी की हुई मुलाकात……नामांकन के दौरान इस मुलाकात में कुछ ऐसा हुआ कि लोगों के चेहरे पर बिखर गयी मुस्कान… पढ़िये ये खबर

गौरेला,पेंड्रा,मरवाही 16 अक्टूबर 2020। …राजनीति में इक्तेफाक से तो वास्ता पड़ता ही रहता है ! इसी इक्तेफाक की एक झलक मरवाही चुनाव के नामांकन में उस वक्त दिखी…जब राजनीति के दो प्रतिद्वदी की नजरें एक दूसरे से टकरायी। मरवाही चुनाव के शंखनाद के बीच लगा नहीं था कि इस तरह से कभी अमित जोगी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी सामना होगा। लेकिन वक्त की कुंडली ने कुछ ऐसा संयोग बैठाया कि जब कलेक्टरेट कार्यालय में अमित जोगी और ऋचा जोगी नामांकन भर रहे थे…उसी वक्त मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी कोरबा के रास्ते प्रत्याशी केके ध्रुव के नामांकन में पहुंच गये।

राजनीति के कट्टर प्रतिद्वदी के एक ही मकसद के लिए एक ही जगह पहुंचने पर भी यही अटकलें लग रही थी कि शायद ही दोनों में से कोई भी एक-दूसरे का सामना करेगा। लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का अंदाज इसलिए तो जुदा कहा जाता है ना…वो बिना झेपे सीधे कलेक्टरेट दफ्तर के उसी कमरे में दाखिल हो गये, जहां अमित जोगी और ऋचा जोगी के साथ विधायक रेणु जोगी नामांकन पर्चा भर रहे थे। साथ में पीसीसी चीफ मोहन मरकाम भी थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जोगी परिवार के एक ही कमरे में रहने के बाद मौजूद लोगों की मानों धड़कनें तेज हो गयी…कि अब क्या होगा ?…दो विरोधी की क्या नजरें आपस में मिलेगी ? या फिर दोनों अनजान बन अपने-अपने कामों में जुट जायेंगे?…लेकिन चंद सेकंड बाद ही कुछ ऐसी तस्वीरें आयी, जिसे देखकर हर किसी के चेहरे पर मुस्कान बिखर गयी।

हुआ यूं कि जैसे मुख्यमंत्री कमरे में अंदर गये,….तो मौजूद सभी लोग खड़े होने लगे। कमरे में अचानक हलचल तेज देख रेणु जोगी ने पलटकर देखा तो सामने मुख्यमंत्री थे…। रेणु जोगी की तरफ देखते ही मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर अभिवादन कर दिया…शिष्टाचार निभाते हुए रेणु जोगी ने भी हाथ जोड़कर सर झुकाया। इसी दौरान वकील के साथ बैठे अमित जोगी और ऋचा जोगी की भी नजरें मुख्यमंत्री पर पड़ी तो अमित जोगी भी अपनी कुर्सी छोड़ खड़े हो गये और मुख्यमंत्री का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री चूंकि खड़े थे, लिहाजा कमरे में मौजूद कोई भी शख्स बैठ नहीं रहा था,….ऐसे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुद से सभी से अनुरोध कर बैठने का अनुरोध किया। इसके बाद भी अमित और ऋचा खड़े रहे तो उन्हें भी बैठने का मुख्यमंत्री ने इशारा किया, जिसके बाद दोनों बैठकर पर्चा भरने में जुट गये।

करीब दो तीन मिनट के इस मुलाकात के बाद कमरे का माहौल सामान्य तो हो गया, लेकिन मुख्यमंत्री की सरलता और शिष्टाचार की चर्चा पूरे दिन होती रही।

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