IAS बनने HR मैनेजर की नौकरी छोड़ी…..लेकिन डिप्रेशन में बन गई ‘कूड़ा बीनने वाली…….पुलिस के सामने फर्राटेदार अंग्रेजी में करने लगी बात… जानिये फिर क्या हुआ

IAS बनने HR मैनेजर की नौकरी छोड़ी…..लेकिन डिप्रेशन में बन गई ‘कूड़ा बीनने वाली…….पुलिस के सामने फर्राटेदार अंग्रेजी में करने लगी बात… जानिये फिर क्या हुआ


हैदराबाद 3 नवंबर 2020। …वो मल्टीनेशनल कंपनी की HR थी…IAS की तैयारी कर रही थी…लेकिन डिप्रेशने जिंदगी इस कदर तबाह कर दी कि आज वो कुड़ा बीनने वाली बन गयी। सोशल मीडिया पर इस युवती का वीडियो वायरल हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, करीब आठ महीने पहले उसने घर छोड़ दिया. अब मांगते-खाते और भटकते हुए करीब डेढ़ हजार किलोमीटर दूर गोरखपुर पहुंच गई है. इस लड़की की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.

जानकारी के मुताबिक, रजनी नाम की यह युवती वारंगल (तेलंगाना) की रहने वाली है. 23 जुलाई को वह विक्षिप्त हालत में गोरखपुर के तिवारीपुर थाने के पास मिली. जुलाई की प्रचंड गर्मी में उसके शरीर पर आठ सेट कपड़े थे. वह कूड़ेदान के पास फेंके हुए सूखे चावल बीन कर खा रही थी. इसकी जानकारी किसी ने पुलिस को दी गई, जिसके बाद दो सिपाही उसके पास पहुंचे तो युवती सिपाहियों को देखकर फरार्टेदार अंग्रेजी बोलने लगी.

रजनी के पिता ने मातृछाया के अधिकारियों को बताया कि साल 2000 में एमबीए की पढ़ाई प्रथम श्रेणी से पास की तो उसका इरादा आईएएस बनने का था. दो बार सिविल सर्विसेज की परीक्षा दी लेकिन दोनों बार उसे नाकामयाबी मिली. इसके बाद वह डिप्रेशन में रहने लगी. डिप्रेशन से बचने के लिए उसने एचआर की जॉब की लेकिन वह नौकरी भी छूट गई.

इसके बाद दिमागी संतुलन तेजी से बिगड़ने लगा. नवंबर में उसने घर छोड़ दिया और फि‍र वह घूमते-घूमते गोरखपुर पहुंच गई. बीते 23 जुलाई को उसे पुलिस ने मातृछाया के सुपुर्द किया था.इलाज और काउंसलिंग से रजनी की हालत सुधरी तो उसने घर का पता बताया. तेलंगाना के वारंगल के हनमकोंडा में रजनी का परिवार रहता है. मातृछाया की टीम ने उसके परिजनों से संपर्क किया. परिवार में दिव्यांग पिता, बूढ़ी मां और एक भाई है लेकिन तीनों ने गोरखपुर आने से इनकार कर दिया. इसके बाद मातृछाया की टीम रजनी को हवाई जहाज से लेकर उसके घर पहुंची.

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