भारतीय रेलवे: कन्फर्म टिकट कैसे प्राप्त करें? आइए यहां समझते हैं- पूरा खेल…

Prakash Gupta
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भारतीय रेलवे: हर कोई ट्रेन से लंबा सफर तय करना चाहता है और ऐसे में त्योहार या शादी के सीजन में लोगों को ट्रेन का कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता है। इसलिए इन्हें पहले से बुक करना पड़ता है और ऐसे में कई एजेंट भी होते हैं जो लोगों को कन्फर्म टिकट भी देते हैं।

एजेंट के पास कन्फर्म रेलवे टिकट हमेशा उपलब्ध रहेगा। लेकिन अगर आप किसी एजेंट से टिकट लेंगे तो आपको ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. लेकिन सवाल यह उठता है कि कन्फर्म रेलवे टिकट इन एजेंटों तक कैसे पहुंचता है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे का हर दलाल हर ट्रेन का टिकट दो से तीन महीने पहले ही बुक कर लेता है. इसके लिए वे अलग-अलग उम्र के टिकट बुक करते हैं। इसमें उनका नाम, उम्र और लिंग शामिल है। इसके बाद जब भी कोई यात्री किसी एजेंट के माध्यम से टिकट बुक करता है तो उसे उसी हिसाब से कन्फर्म टिकट दिया जाता है.

किसी एजेंट से टिकट लेने में आप फंस सकते हैं

इस तरह आप समझ गए होंगे कि एजेंट से लिए गए टिकट में आपका नाम, उम्र और लिंग की सही जानकारी नहीं होगी. एजेंट द्वारा कहा जाता है कि आपसे आईडी कार्ड नहीं मांगा जाएगा लेकिन यात्रा के दौरान जब टीटीई को संदेह होगा तो वह आपसे आईडी मांग सकता है।

अगर आपका नाम, उम्र और लिंग टिकट में मौजूद आईडी से मेल नहीं खाता है तो आपकी कन्फर्म सीट जा सकती है। इसके अलावा आपको जुर्माना भरने के साथ-साथ जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। 400 रुपये के स्लीपर टिकट के बदले आपको 2000 रुपये जुर्माना देना पड़ सकता है. इसलिए आपको एजेंट से टिकट लेने से बचना चाहिए।

रेलवे एजेंट के खिलाफ कार्रवाई करेगा

इसके अलावा रेलवे विभाग की ओर से एजेंटों या टिकटों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाया जाता है. इस अभियान के तहत अवैध टिकट बेचने वालों को पकड़ा जाता है. हाल ही में रेलवे ने कई ऐसे एजेंटों को गिरफ्तार किया है जो अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए कन्फर्म टिकट बुक कर रहे थे.

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