भूलकर भी न करें टूटे डिस्प्ले वाला फोन इस्तेमाल, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या!

Prakash Gupta
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स्मार्टफोन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। भारत में स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में 1.2 अरब मोबाइल फोन यूजर्स थे। इनमें से 75 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स थे।

2026 तक स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या एक अरब तक पहुंचने की उम्मीद है। आजकल बड़ी संख्या में लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये स्मार्टफोन बटन वाले फोन की तुलना में अधिक नाजुक होते हैं।
थोड़ा सा भी गिरने पर उनकी स्क्रीन टूट जाती है. लोग टूटी स्क्रीन वाले फोन का इस्तेमाल करना बंद नहीं करते। हालाँकि, यह आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। आज इस आर्टिकल में हम आपको टूटी स्क्रीन वाले स्मार्टफोन के इस्तेमाल से होने वाले खतरों के बारे में बताएंगे।

टुडे स्क्रीन वाले फ़ोन का उपयोग करने में यह जोखिम है

टच स्क्रीन ठीक से काम नहीं करती.

कई बार ऐसा होता है कि जब हम टूटे या क्रैक डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं तो उसका टच ठीक से काम नहीं करता है। जिसके कारण हमें बार-बार अपनी उंगलियों से फोन पर क्लिक करना पड़ता है। जिसके कारण हमें कोई भी मैसेज करने या कोई भी काम करने में समय लग जाता है।

डिवाइस सुरक्षा ख़तरे में है

जब हम क्रैक स्क्रीन वाला फोन इस्तेमाल करते हैं तो इससे फोन के जल्दी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि फोन की स्क्रीन अंदर मौजूद डिवाइस को सुरक्षित रखने का भी काम करती है। जब फोन की स्क्रीन टूटती है तो इससे फोन के अंदर पानी या किसी तरल पदार्थ के जाने का खतरा बढ़ जाता है, जो फोन को खराब कर सकता है।

हानिकारक विकिरण का खतरा

जब हम टूटी स्क्रीन वाला फोन इस्तेमाल करते हैं तो संभव है कि फोन के हानिकारक रेडिएशन का असर हमारे शरीर पर ज्यादा पड़ता हो। ये हमारे लिए खतरनाक हो सकता है.

आंखों पर असर

जब हमारे फोन की स्क्रीन टूट जाती है तो हमें कुछ भी देखने या कोई मैसेज पढ़ने के लिए अपनी आंखों पर ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। इससे हमारी आंखों पर बुरा असर पड़ता है.

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