व्यवसाय / काम की खबर

गजब ! एक रुपये लीटर पेट्रोल ,तेल खरीदने के लिए टूटे लोग, भीड़ इतनी कि पुलिस बुलानी पड़ी Amazing ! People broke down to buy one rupee liter petrol, oil, the crowd was so much that the police had to be called

क्या अब आप कल्पना कर सकते हैं कि पेट्रोल एक रुपये लीटर होगा? नहीं न… लेकिन ऐसा हुआ है। बढ़ती महंगाई और आसमान छूते पेट्रोल-डीजल के दाम के बीच महाराष्ट्र के सोलापुर में एक रुपये प्रति लीटर ही पेट्रोल बेचा गया।

इसे खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। आलम यह हो गया कि बाद में भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस तक को बुलाना पड़ गया।

500 लोगों को मिला सबसे सस्ता पेट्रोल

तेल की कीमतें पिछले 10 दिन से स्थिर हैं। हालांकि, इससे पहले यह लगातार 10 दिन तक बढ़ी थीं। ऐसे में महंगाई की मार आम आदमी की जेब पर पड़ी रही है। ऐसे में सोलापुर में 500 लोगों को एक रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल दिया गया। यह आयोजन डॉ. आंबेडकर स्टूडेंट्स एंड यूथ पैंथर्स की ओर से आयोजित किया गया था।

विरोध का अनोखा तरीका

दरअसल, यह आयोजन पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों का विरोध करने व डॉ. भीमराव आंबेडकर की जंयती के मौके पर किया गया था। विरोध स्वरूप सिर्फ 500 लोगों को ही सस्ती दर पर पेट्रोल दिया गया। हालांकि, इसके बाद भी काफी देर तक लोग पेट्रोल पंप पर पहुंचते रहे। संगठन की प्रदेश इकाई के नेता महेश सर्वगौडा ने कहा, महंगाई तेजी से बढ़ी है और पेट्रोल का दाम 120 रुपये प्रति लीटर हो गया है। ऐसे में लोगों को राहत देने और डॉ. आंबेडकर की जयंती मनाने के लिए एक रुपये की दर पर पेट्रोल बेचने का फैसला किया गया।

महंगाई की चौतरफा मार

पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतें हर दिन उछाल पर है। इससे आम इंसान पर महंगाई के मकड़जाल में चौतरफा फंसता जा रहा है। इसकी मार रसोई से लेकर सफर तक भी साफ तौर पर पड़ रही है। बीते तीन महीनों में सीएनजी की कीमतें 33 फीसदी से ज्यादा बढ़ीं हैं। वहीं, पेट्रोल व डीजल कीमतों में 10.48 फीसदी व 11.53 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसका असर हर किमी यात्रा पर दिख रहा है। तपती गरमी के बाद गाड़ियों में एसी चलाना मुश्किल पड़ रहा है।

सीएनजी वाहनों के परिचालन खर्च में तीन गुना बढ़ोतरी

दूसरी तरफ परिचालन लागत बढ़ने से रसोई के सामान की कीमतें भी बढ़ती जा रही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से अप्रैल के बीच पेट्रोल और डीजल में प्रति लीटर 10 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जबकि सीएनजी की कीमत प्रति किलोग्राम 18 रुपये बढ़ी है। इसका असर वाहनों की परिचालन लागत पर पड़ा है। पेट्रोल और डीजल की तुलना में सीएनजी वाहनों के परिचालन खर्च में करीब तीन गुना बढ़ोतरी हुई है।

Related Articles

Back to top button