जम्मू-कश्मीर के बाद अब उत्तराखंड में नहीं खरीद सकेंगे जमीन, जानिए क्या है कानून?

Prakash Gupta
3 Min Read

इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई अपना घर किसी शांत और पहाड़ी इलाके यानी हिल स्टेशन पर बनाना चाहता है। लेकिन यहां उन लोगों के लिए कुछ अच्छी खबर है जो इसे चाहते हैं। अब आप चाहकर भी उत्तराखंड में जमीन खरीदकर घर नहीं बना सकते या वहां खेती नहीं कर सकते।

दरअसल, कुछ दिनों पहले राज्य के मौजूदा भूमि कानून के खिलाफ भारी जन विरोध प्रदर्शन हुआ था. देहरादून समेत कई जिलों में स्थानीय लोगों और कई समाज सेवी संगठनों ने इस भूमि कानून के विरोध में रैलियां निकाली थीं. इसके बाद नए साल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भूमि कानून को लेकर बड़ा फैसला लिया है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाहरी लोगों के राज्य में जमीन खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया है। धामी ने आदेश दिया है कि अगले आदेश तक जिला मजिस्ट्रेट उत्तराखंड के बाहर के लोगों को कृषि और बागवानी उद्देश्यों के लिए जमीन खरीदने की अनुमति नहीं देंगे।

यानी राज्य में कृषि और बागवानी उद्देश्यों के लिए बाहरी लोगों द्वारा जमीन खरीदने पर अंतरिम प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने जमीन खरीदने से पहले खरीदार का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन करने के बाद ही जमीन खरीदने के निर्देश दिए थे.

मुख्यमंत्री का निर्देश

बताया जा रहा है कि सीएम धामी ने हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर भूमि कानून को लेकर अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की थी. बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि भूमि कानून के लिए गठित समिति द्वारा बड़े पैमाने पर जनसुनवाई की जाए और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों और विशेषज्ञों की राय ली जाए. भूमि कानून की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था हेतु गढ़वाल एवं कुमाऊँ के कमिश्नर को भी शामिल किया जाय।

अब क्या व्यवस्था है

उत्तर प्रदेश जमींदारी और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950 की धारा 154 में 2004 में किए गए संशोधन के अनुसार, जो व्यक्ति 12 सितंबर 2003 से पहले उत्तराखंड राज्य में अचल संपत्ति के धारक नहीं हैं, उन्हें जमीन खरीदने की अनुमति नहीं है। एक प्रावधान है अधिकारी द्वारा अनुमति दिये जाने हेतु। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्यहित और जनहित में यह फैसला, इस कानून समिति की रिपोर्ट आने तक या नया आदेश जारी होने तक इस प्रस्ताव पर कोई रोक नहीं लगाई जायेगी.

Share This Article