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मौत की सजा की सजा पर SC की नई गाइडलाइंस

नई दिल्ली
ने शुक्रवार को पर गाइडलाइन जारी करने संबंधी दायर की गई एक याचिका पर अहम दिशा-निर्देश जारी किए। शीर्ष अदालत ने मौत की सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में लगातार चुनौती देने वाली याचिकाओं के संबंध में जारी की हैं। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सभी को ईमानदारी से इन गाइडलाइंस का पालन करना चाहिए।

नई गाइडलाइन में कहा गया है कि अगर हाई कोर्ट द्वारा मौत की सजा वाले किसी आदेश के खिलाफ अपील होती है, तो इस अपील की सुनवाई 3 जजों की बेंच के सामने होगी। लेकिन सु्प्रीम कोर्ट द्वारा अपील की सुनवाई स्वीकार करने की तारीख के 6 महीनों के अंदर होनी चाहिए।

जैसे ही से जुड़ी SLP (हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील) दायर की जाती है, रजिस्ट्री 60 दिन में संबंधित कोर्ट से रेकॉर्ड लेगी। अपीलकर्ता को दस्तावेज के लिए 30 दिन का समय होगा। 12 फरवरी को आए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, रेकॉर्ड को दस्तावेजों की अनुवादित कॉपी के साथ भेजा जाएगा। यह क्षेत्रीय भाषा में हो सकता है।

जैसे ही सुप्रीम कोर्ट अपील स्वीकार करेगी, रजिस्ट्री पार्टियों को 30 दिन के अंदर अतिरिक्त डॉक्युमेंट्स फाइल करने के लिए जोर दे सकती है। इन गाइडलाइंस में आगे कहा गया कि अगर केस के रेकॉर्ड या अतिरिक्त दस्तावेज रिसीव नहीं होते हैं तो मामले को संबंधित ऑफिस में मामले से जुड़े जज चैंबर में सुनवाई पर फैसला लेंगे। मौजूदा नियमों के मुताबिक, तब मामले को रजिस्ट्रार कोर्ट के समक्ष पेश नहीं किया जाएगा।

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