राज्य

विधान परिषद में BJP तो विधान सभा में RJD नंबर वन


पटना
बिहार की राजनीति में हमेशा से कुछ नई चीजें देखने को मिलती ही रहती है। राज्य में भले ही जनता दल युनाइटेड () सरकार का नेतृत्व कर रही है, लेकिन विधान परिषद में जल्द ही सहयोगी बीजेपी नंबर वन पार्टी बन गई है। वहीं विधानसभा में विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सबसे बड़ी पार्टी है। आइए विधान मंडल के दोनों सदनों में सदस्यों की संख्या बल के आधार पर ताकत को समझने की कोशिश करते हैं।

विधान परिषद में ऐसे पावरफुल बनेगी बीजेपी
में राज्यपाल कोटे के मनोनीत 10 सदस्य आज (23 मई) को रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद सदस्यों की संख्या के हिसाब से बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी। यहां भी दिलचस्प खेल देखने को मिलेगा। बीजेपी को नंबर वन पार्टी बने रहने का सुख कुछ दिनों के लिए ही मिलेगा। क्योंकि जैसे ही राज्यपाल 12 नए सदस्यों को मनोनीत कर देंगे बीजेपी नंबर दो हो जाएगी और जेडीयू नंबर एक।

भारतीय संवैधानिक प्रक्रिया में राज्य कैबिनेट की सिफारिश पर राज्यपाल विधान परिषद के 12 सदस्यों को मनोनीत करते हैं। 2014 में हुए मनोनयन में सभी सदस्य जदयू के थे। मनोनीतसदस्यों में से दो राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और पशुपति कुमार पारस राज्य के उच्च सदन से इस्तीफा देकर लोकसभा सांसद बन चुके हैं। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के भाई और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस 2018 में मनोनीत हुए और साल भर बाद ही 2019 के लोकसभा चुनाव में सांसद बन गए थे। वहीं 2014 में जेडीयू कोटे से विधान परिषद के लिए मनोनीत हुए नरेंद्र सिंह की सदस्यता बीच में ही रद्द की जा चुकी है।

बीजेपी-जेडीयू दोनों के सदस्य होंगे मनोनीत
सूत्रों का कहना है कि बिहार विधान परिषद के लिए इस बार होने वाले मनोनयन में सभी 12 सदस्य जेडीयू के नहीं होंगे। इसमें से बीजेपी और लोजपा के भी सदस्य शामिल हो सकते हैं। हालांकि किस दल के कितने सदस्य होंगे यह अभी तय नहीं हुआ है।

विधान परिषद से रिटायर होने वाले नेता
जावेद इकबाल अंसारी, ललन कुमार सर्राफ, रणवीर नंदन, राम लखन राम रमण, राणा गंगेश्वर सिंह, विजय कुमार मिश्रा, शिव प्रसन्न यादव, संजय कुमार सिंह, रामवचन राय और रामचंद्र भारती।

इसके अलावा विधानसभा कोटे से विधान परिषद की नौ सीटों का चुनाव लंबित है। इनमें से तीन जेडीयू, दो बीजेपी, तीन आरजेडी और एक कांग्रेस के हिस्से में जाएगी।

मनोनयन से पहले ये होगी बिहार विधान परिषद की स्थिति

बीजेपी: 17+1 (निर्दलीय अशोक अग्रवाल भाजपा के सहयोगी सदस्य हैं।)
जेडीयू: 15
आरजेडी: 08 +1(निर्दलीय रीतलाल यादव राजद के सहयोगी सदस्य हैं।)
कांग्रेस: 02
हम: 01
लोजपा: 01

2015 के चुनाव परिणाम के हिसाब से विधानसभा में दलों की ताकत
आरजेडी: 80
जेडीयू: 71
बीजेपी: 53
कांग्रेस: 27
आरएलएसपी: 2
एलजेपी: 2
सीपीआई: 3
हम: 1
निर्दलीय : 4
कुल: 243

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