बांग्लादेश चुनाव 2018: कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी, चौथी बार PM बनने की रेस में शेख हसीना

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बांग्लादेश में आम चुनावों के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार सुबह मतदान शुरू हो गए हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, 300 संसदीय सीटों में से 299 सीटों पर चुनाव हो रहा है जिसके लिए 1,848 उम्मीदवार मैदान में हैं. चुनाव के लिए 40,183 मतदान केंद्र बनाए गए हैं.

मतदान से पहले कई हफ्तों तक चले प्रचार के दौरान काफी हिंसा हुई और सरकार पर विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के आरोप लगे.

स्थानीय समयानुसार मतदान सुबह आठ बजे से शुरू हुए हैं. राजधानी में ढाका सिटी सेंटर कॉलेज में सबसे पहले प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वोट डाला. हसीना के रिश्तेदार और पार्टी सांसद फजले नूर तापस इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. हसीना ने कहा, ‘उदारवादी बलों को जीत दिलाने के लिए लोग आवामी लीग के पक्ष में मतदान करेंगे.’

Prime Minister of Bangladesh Sheikh Hasina casts her vote in general elections in Dhaka #Bangladesh pic.twitter.com/Xep0FPKcaj
— ANI (@ANI) December 30, 2018

एक ओर जहां हसीना चौथी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए चुनाव लड़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर जेल में बंद उनकी चिर प्रतिद्वंदी खालिदा जिया का भविष्य अधर में लटका नजर आता है. जानकारी के मुतबिक जिया आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हैं.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

हजारों सैनिकों और अर्द्धसैनिकों सहित छह लाख सुरक्षाकर्मियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए तैनात किया गया है. देश में 10.41 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं. सुरक्षा एजेंसियों से धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है क्योंकि मीडिया में ऐसी खबरें आई हैं कि 16 से 26 दिसंबर के बीच शरारती तत्वों ने हिंदुओं के तीन घरों को जला दिया था.

बांग्लादेश के टेलीकॉम नियामक ने रविवार मध्यरात्रि तक मोबाइल 3जी/4जी सेवा बंद करने का आदेश दिया है, ताकि चुनावों के दौरान अशांति फैलाने वाली अफवाहों से बचा जा सके. 1971 में पाकिस्तान से आजादी मिलने के बाद बांग्लादेश में यह 11वां आम चुनाव है.

अवामी लीग और बीएनपी के बीच झड़प

हाल ही में सत्तारूढ़ अवामी लीग और विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के समर्थकों के बीच हुई झड़प में 13 लोगों की मौत हुई थी जबकि हजारों लोग घायल हुए. इस बीच विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कमजोर करने के लिए उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है.

रैपिड ऐक्शन बटालियन ने सोशल मीडिया पर संसदीय चुनाव से संबंधित भड़काऊ वीडियो डालने और अफवाहें उड़ाने के लिए शुक्रवार रात 8 लोगों को गिरफ्तार किया. अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार लोगों के वीडियो बनाने की सामग्री, लैपटॉप और मोबाइल फोन को जब्त कर लिए गए हैं.

(भाषा से इनपुट)

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