कतर एयरवेज के CEO ने कहा, नहीं खरीदेंगे दुश्मन के स्वामित्व वाली जेट एयरलाइंस

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कतर एयरवेज ने जेट एयरवेज में हिस्सेदारी खरीदने से इनकार कर दिया है. कतर एयरवेज का मानना है कि कर्ज से दबी इस एयरवेज का एक बड़ा हिस्सा एतिहाद एयरवेज के पास है. जिसका मालिक अबू धाबी है और वह कतर के दुश्मन हैं. कतर एयरवजे के सीईओ अकबर अल-बेकर ने यह बात कही.

अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात का हिस्सा है जिसने 2017 में आतंकवाद को समर्थन दिए जाने के कतर के आरोपों के बाद उसके साथ संबंध खत्म कर दिए थे. दोहा ने आरोपों से इनकार किया था. सऊदी अरब, मिस्र और बहरीन के साथ संयुक्त अरब अमीरात ने विवाद के बाद से कतर एयरवेज पर प्रतिबंध लगा दिया था.

अल-बेकर ने रॉयटर को मुंबई में एक एविएशन कॉन्फ्रेंस के मौके पर बताया, ‘हम निश्चित रूप से इसे (जेट एयरवेज) देखते अगर एतिहाद की 24 प्रतिशत हिस्सेदारी नहीं होती.’ उन्होंने कहा, ‘मैं एक ऐसी एयरलाइंस में हिस्सेदारी कैसे ले सकता हूं जिसके मालिक हमारे विरोधी हैं?’

इंडिगो एयरलाइंस में हिस्सेदारी लेने में होगी कतर एयरवेज को खुशी

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबकि एतिहाद ने जेट को वित्तीय संकट से निपटने में मदद मुहैया करने के लिए अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना बनाई है. अल-बेकर ने कहा कि कतर एयरवेज को देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो में हिस्सेदारी लेने में खुशी होगी, जो दुनियाभर के विमानन बाजार में सबसे तेजी से बढ़ रही है.

कतर एयरवेज ने पहले ही इंटरग्लोब एविएशन के स्वामित्व वाली इंडिगो में निवेश करने में रुचि व्यक्त की है. लेकिन ऐसी एयरलाइंस में नहीं जहां उनके देश के दुश्मन के पास पर्याप्त स्वामित्व हो. यह बात कतर एयरवजे के सीईओ अकबर अल-बेकर ने कही. उनका निशाना जेट एयरलाइंस की तरफ था.

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