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महासंघ निकालेगा सरकार को जगाने के लिए 11 जुलाई को मशाल रैली, प्रशासन ने लगा रखा है प्रतिबंध

रायपुर: प्रदेश सरकार के जन घोषणा पत्र के महत्वपूर्ण घोषणा नियमित किये जायेंगे समस्त अनियमित कर्मचारी अभी तक नही हुआ है पूरा, अनियमित महासंघ के बैनर तले 35 हज़ार से अधिक अनियमित कर्मियों ने अपने 16 घटक संगठनों के साथ मजबूत रणनीति अपनाते हुए आंदोलन छेड़ने की तैयारी कर लिया है।

छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ, जो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त अनियमित शासकीय कर्मचारियों के हितों के रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, अब चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की ओर अग्रसर हो चुका है।

प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पाले इस संबंध में बताया कि, महासंघ द्वारा वर्तमान सरकार से कई बार जन घोषणा पत्र के बिंदु क्रमांक 11 और 30 को पूरा करने हेतु पत्राचार किया गया, विभिन्न तरह से नियमितीकरण हेतु प्रावधान बनाने हेतु अनेको जन प्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री छग शासन तथा समस्त कैबिनेट मंत्रियों को ज्ञापन पत्र देकर अनुनय निवेदन किया, परंतु आज दिनाँक तक कार्यवाही नही किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होते जा रहा है कि सरकार अपने इस वायदे को अगले चुनावी समीकरण की ओर लेकर जाना चाहती है।

वही प्रदेश संयोजक अनिल कुमार देवांगन का कहना है कि सरकार को अपनी भूमिका तय करनी होगी, क्योंकि यह 1 लाख 80 हज़ार अनियमित कर्मचारियों तथा उन पर आश्रित करीब 4 से 5 लाख परिवार सदस्यों के सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा का मामला है। सरकार को लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए अनियमित कर्मचारियों से किये गए वायदे को जल्द से जल्द पूर्ण करने के सम्बंध में कार्यवाही करना चाहिए। महासंघ के पूर्व प्रदेश संयोजक एवं वरिष्ठ कार्य समिति सदस्य गोपाल प्रसाद साहू ने इसी कड़ी में कहा कि, महासंघ अब चौतरफा प्रयास कर रहा है, इस हेतु विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रमुखों से अनियमित कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर गंभीर वार्ताएं की जा रही है, और इसमे व्यापक समर्थन धार्मिक तथा सामाजिक संगठनों द्वारा महासंघ को प्राप्त हो रहा है।

प्रदेश उपाध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि, सरकार वायदा खिलाफी करते हुए अनियमित कर्मचारियों के विरुद्ध लगातार कार्यवाहियां करते हुए शोषण को और बढ़ावा दे रही है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में आगामी समय मे बहुत बड़ा आंदोलन होना अब तय नज़र आ रहा है। आर या पार नियमित इस बार के लक्ष्य को लेकर अनियमित कर्मचारी महासंघ और उसके 16 घटक सम्बद्ध संगठन प्रमुखों ने भी इस बात की तस्दीक की है, यह बाते प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश गजेंद्र ने हमारे संवादाता को बताया।

प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ महासंघ से सम्बद्धता प्राप्त 16 संघो के अध्यक्षो क्रमशः अरूण वैश्णव,पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त वि.वि. बिलासपुर कर्मचारी संघ,विनय हरबंश, छत्तीसगढ़ नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ,नीलमणी चंदेल,स्वच्छ भारत मिषन ग्रामीण कर्मचारी कल्याण संघ, मिर्जा शहजार बेग,छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल कर्मचारी कल्याण संघ,पी.के. कौशिक, छत्तीसगढ़ संविदा प्रशिक्षण अधिकारी कल्याण संघ, गोविंद साहू,आत्मा (कृषि)कर्मचारी संघ, संतोष साहू, छत्तीसगढ़ राज्य समर्थनमूल्य धान खरीदी कम्प्यूटर आपरेटर संघ,रमा शर्मा, छत्तीसगढ़ कम्प्यूटर शिक्षक संघ,अशोक सिन्हा, अध्यक्ष,एकीकृत बाल संरक्षण योजना संविदा कर्मचारी संघ,चंद्रशेखर अग्निवंशी,छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ,लवलीन शर्मा,छत्तीसगढ़ उद्यानिकी अनियमित कर्मचारी संघ,उमेंद महिलांगे, छत्तीसगढ़ शा.औ.प्र.संस्था मेहमान प्रवक्ता कल्याण संघ,रविन्द्र चापड़ी, छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय अतिथि शिक्षक संघ, संजय ऐड़े छत्तीसगढ़ प्लेसमेंट कर्मचारी कल्याण संघ, संजय तिवारी, छग राज्य एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ तथा गोविंद कुमार गन्धराला, छत्तीसगढ़ प्रदेश अनुदेशक/भृत्य कल्याण संघ ने मिलकर आंदोलन को सफल बनाने हेतु प्रण लिया और महासंघ के चरणबद्ध आंदोलन की ओर अग्रसर होते हुए 7 चरणों के आंदोलन का आगाज़ करने एवं प्रदेश में 28 जिलों में 11 जुलाई 2021 को, सरकार को जगाने के लिए मशाल रैली निकालने की रणनीति तैयार किया गया है, चूंकि जिला प्रशासन द्वारा कोविड19 को लेकर नए गाइडलाइंस तय किये है, जिसमें धरना प्रदर्शन, रैली इत्यादि प्रतिबंधित किया गया है और इसे लेकर अनियमित कर्मचारी संगठन का शासन एवं प्रशासन से सीधे तकरार होने की संभावना नजर आ रही है।

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