Metro

दुबई, कतर… हवाला के जरिए धर्मांतरण के लिए आए 1 करोड़, अब खुल रही हर परत

लखनऊ
अवैध धर्मांतरण का रैकेट मामले में बाल कल्याण मंत्रालय का एक कर्मचारी गिरफ्त में आया है। धर्मांतरण रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार हुए उमर और जहांगीर से पूछताछ में पता चला है इस्लामिक दावाह सेंटर में देश और विदेश से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम हवाला के जरिए आई है।

कतर, दुबई और अबुधाबी से आया पैसा
पड़ताल में सामने आया है कि उमर ने अपने निजी, परिवारीजनों और फातिमा चैरिटेबल ट्रस्ट के बैंक खातों में विदेश से रकम ट्रांसफर करवाई थी। वर्तमान में इस्लामिक दवाह सेंटर के बैंक खाते से 50 लाख रुपये बरामद हुए हैं। एडीजी एलओ प्रशांत कुमार ने बताया कि असम की संस्था मारकाजुल मारिफ से भी उमर को बड़ी रकम मिली है। एडीजी के मुताबिक इस्लामिक दावा सेंटर के खाते में एक करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांजैक्शन किया गया है।

ज्यादातर रकम हवाला के जरिए आई है। कतर, दुबई, अबुधाबी से इस्लामिक दावाह सेंटर के खातों में कई ट्रांजेक्शन हुए हैं। एडीजी ने बताया कि धर्मांतरण से जुड़े जो भी दस्तावेज इन पांचों के यहां से मिले हैं उनका सत्यापन कराया जा रहा है। अलीगढ़, नोएडा, गाज़ियाबाद, बनारस,सहारनपुर समेत प्रदेश के 27 जिलों के पुलिस कप्तानों को पत्र लिखा गया है। इन शहरों में धर्म परिवर्तन करवा चुके लोगों का सत्यापन कराया जा रहा है।

बाल कल्याण मंत्रालय में काम करने वाला पकड़ा गया
एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि गुरुग्राम से मन्नू यादव उर्फ अब्दुल मन्नान, इरफान शेख को महाराष्ट्र के बीड से और राहुल भोला को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। इरफान दिल्ली में मिनिस्ट्री ऑफ चाइल्ड वेलफेयर में इंटरप्रेटर का काम करता है, जबकि मन्नू और राहुल मूक-बधिर हैं। मूक-बधिरों के बीच इरफान की अच्छी पकड़ है।

एडीजी ने बताया, ‘वह उन्हें इस्लाम की खूबियां और दूसरे धर्मों की बुराइयां बताकर, प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए तैयार करने में उमर की मदद करता था। वह उमर तक ऐसे मूक-बधिरों का डेटा भी पहुंचाता था। राहुल भी मूक-बधिरों को धर्मांतरण के लिए तैयार करने में इरफान की मदद करता था। मन्नू और कानपुर के आदित्य गुप्ता के धर्मांतरण में राहुल की अहम भूमिका रही है।’

गौरतलब है कि लंबे समय से लापता आदित्य केरल के धार्मिक कैंप में मिला था। फिलहाल वह कानपुर में अपने घर वालों से साथ है।

‘धर्म बदलने के बाद तोड़ डाली मूर्तियां’
एडीजी ने बताया कि राहुल का धर्मांतरण मन्नू ने करवाया था। इसके बाद दोनों ने आदित्य का धर्मांतरण करवाया। धर्मांतरण के बाद मन्नू इस्लाम को लेकर इस कदर कट्टर हो गया कि उसने अपने घर में रखी मूर्तियां तक तोड़ डाली थीं। सूत्रों के मुताबिक उमर वर्ष 2006 में दोहा में अबू अमेना बिलाल फिलिप से मिला था।

उमर और बिलाल ने इस्लामिक एजुकेशन के लिए एक एमओयू भी साइन किया था। धर्मांतरण से पहले उसका नाम डेनिस ब्रैडली फिलिप्स था। उसके पास कनाडा की नागरिकता है। वह कतर में स्थित इस्लामिक प्रीचर, इस्लामिक ऑनलाइन विवि का संस्थापक और चांसलर है। उसे 2014 में गिरफ्तार किया गया था।

Related Articles

Back to top button