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जिला पंचायत अध्यक्ष: UP के 41 जिलों में सीधी टक्कर, मथुरा-अयोध्या में BJP की नाक का सवाल

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में 17 जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर निर्विरोध जीत के बाद अन्य जिलों में कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। बचे हुए 57 जिलों में से 41 ऐसे हैं, जहां केवल दो ही प्रत्याशियों के बीच टक्कर होगी। यहां बीजेपी का सामना समाजवादी पार्टी समर्थित उम्मीदवारों से होगा। इनमें बीजेपी के फोकस वाले अयोध्या और मथुरा जैसे जिले भी शामिल हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के डेटा के अनुसार 41 जिलों में आखिरकार केवल दो नामांकन पेपर ही स्वीकार किए गए। यहां सीधी लड़ाई बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच ही होगी। जौनपुर जिले में सबसे अधिक पांच नामांकन किए गए हैं। यह सीट बीजेपी ने सहयोगी पार्टी अपना दल को दिया है। प्रतापगढ़, सीतापुर, एटा और बागपत जिलों में 4-4 नामांकन हुए हैं। वहीं 11 जिलों में 3-3 नामांकन दाखिल किए गए हैं।

अयोध्या में जिला पंचायत की 40 सीटों में से बीजेपी को केवल 8 पर जीत मिली थी। वहीं समाजवादी पार्टी के खाते में 21 सीटें आई थी। अयोध्या जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी समर्थित रोली सिंह मैदान में हैं। वह समृद्ध बिजनस परिवार से ताल्लुक रखती हैं और उन्हें सांसद लल्लू सिंह का करीबी माना जाता है। वहीं सपा की तरफ से पूर्व सांसद मित्रसेन यादव की बहू इंदु सेन प्रत्याशी हैं।

मथुरा में लड़ाई कांटे की है। यहां की 33 सीटों में से बीजेपी समर्थित कैंडिडेट्स को 8 सीटें मिलीं। वहीं राष्ट्रीय लोक दल समर्थित 8 प्रत्याशी चुनकर आए हैं। यहां बीजेपी की तरफ से किशन चौधरी, जबकि रालोद की तरफ से राजेंद्र सिकरवार मैदान में हैं। मथुरा में सबसे अधिक 13 सीटें बीएसपी ने जीती हैं। लेकिन पार्टी मुखिया मायावती ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। यहां सबसे बड़ी सेंधमारी बीएसपी और निर्दल प्रत्याशियों के खेमे में ही करने की कोशिश होगी।

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सेमीफाइनल के तौर पर देखे जा रहे त्रिस्तरीय चुनावों के बाद बीजेपी ने चुनाव परिणाम के बाद अपना सारा फोकस जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुख की सीटों पर लगा दिया। गोरखपुर और वाराणसी में भी बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत के बाद अब मथुरा और अयोध्या जैसी जगहों पर बीजेपी की साख दांव पर लगी है। हिंदू धार्मिक स्थलों की वजह से यह संघ परिवार के लिए भी सामाजिक-राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण है। वोटिंग और चुनाव परिणामों की घोषणा 3 जुलाई को की जाएगी।

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