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अपने प्रोजेक्ट की कीमतों में 10 फीसद तक की बढ़ोतरी कर सकते हैं रियल इस्टेट कारोबारी

रायपुर: राजधानी रायपुर सहित प्रदेश भर में सीमेंट, रेत, सरिया सहित ईंट-गिट्टी की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हो गई है। इसे देखते हुए अगले माह से रियल इस्टेट कारोबारी भी अपने प्रोजेक्ट की कीमतों में 10 फीसद तक की बढ़ोतरी कर रहे हैं।

राजधानी रायपुर में बीते तीन महीनों में रेत, सीमेंट व सरिया के साथ ही ईंट-गिट्टी की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। राजधानी रायपुर में रेत की कीमतों में जहां दो हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है वहीं सीमेंट के दाम भी 45 रुपये प्रति बैग बढ़ गए हैं।

क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि इन दिनों भवन निर्माण सामग्री बाजार सुस्त बना हुआ है। उसके बाद भी कीमतों में जबरदस्त तेजी है। सीमेंट की कीमतें बढ़ाने के लिए तो कंपनियों ने एक कार्टेल ही बना लिया है।

हालांकि, कारोबारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी बाजार बिल्कुल भी सपोर्ट नहीं कर रहा है। इन दिनों बाजार में मांग बिल्कुल सुस्त बनी हुई है। कारोबारी राजेश कुमार ने बताया कि इन दिनों बारिश की वजह से बाजार में मांग बिल्कुल नहीं है। मगर, कीमतों में जबरदस्त तेजी आ रही है।

पहली बार सीमेंट थोक में 310 रुपए :

इतिहास में पहली बार मानसून में सीमेंट की कीमत थोक में 310 रुपए हो गई है। इस कीमत को कम करने के बजाये सीमेंट कंपनियां और बढ़ाने की तैयारी में हैं। पहले मंगलवार की रात से कीमत में 20 रुपए इजाफा करने की तैयारी थी, लेकिन इसको एक दिन के लिए टाल दिया गया है। अब बुधवार रात से कीमत 20 रुपए बढ़ाने की तैयारी है।

इसी के साथ कीमत को साढ़े तीन सौ रुपए तक ले जाने का टारगेट तय किया गया है। इसके पीछे का कारण बारिश में कम खपत में ज्यादा मुनाफा कमाना है। इसके लिए सीमेंट कंपनियों ने सिंडीकेट बना लिया है।

प्रदेश में सीमेंट की कीमत मार्च से आसमान पर है। फरवरी में मालभाड़ा को लेकर 23 दिनों तक चली हड़ताल के बाद से सीमेंट की कीमत को कंपनियों ने बढ़ाने का काम किया है। उस समय कीमत जो तीन सौ रुपए पार हुई, तो अब तक कम नहीं की गई है।

नान ट्रेड सीमेंट की कीमत में भी उस समय 40 रुपए का इजाफा किया गया था। तब कीमत 250 रुपए हो गई थी। यह कीमत इस समय 255 रुपए है। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर संघ के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला का कहना है, नान ट्रेड सीमेंट की कीमत कभी इतनी नहीं रही है। कीमत ज्यादा होने से हर काम की लागत में इजाफा हो गया है।

भवन निर्माण सामग्री कीमत

< लाल ईंट 5200-6000 रुपये प्रति हजार

< काला ईंट 2800-3200 रुपये प्रति हजार

< रेत (हाइवा 500 फीट) 9500- 10000 रुपये

< गिट्टी 20 रुपये प्रति फीट

< सीमेंट 285-300 रुपये प्रति बैग

< सरिया 55000-56000 रुपये प्रति टन

खपत कम, कीमत ज्यादा

सीमेंट के कारोबारियों का कहना है, बारिश में सरकारी कामों के साथ रीयल एस्टेट के कामों की रफ्तार भी बहुत धीमी हो जाती है। जो जरूरी मकान और निर्माण कार्य रहते हैं, वहीं होते हैं। करीब पचास फीसदी काम बंद होने से सीमेंट की खपत भी आधी हो जाती है। प्रदेश में रोज 45 हजार टन सीमेंट की खपत प्रदेश के साथ बाहर के राज्यों में जाने से होती है।

जानकारों का कहना है, कम खपत में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए सीमेंट कंपनियों ने एक तरह से सिंडीकेट बनाकर काम करना प्रारंभ किया है। माल भी पूरा नहीं दे रहे कारोबारियों का कहना है, जिन कारोबारियों को जितने माल की जरूरत है, उससे कम माल देकर माल की किल्लत बताने का प्रयास हो रहा है।

रायपुर के साथ प्रदेश के दूसरे शहरों में कम माल दिया जा रहा है, जबकि बाहर भरपूर माल भेजा जा रहा है। जिनके काम अटके हुए हैं, उनकी किसी भी कीमत पर सीमेंट लेने की मजबूरी है।

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