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Kulbhushan jadhav case Updates: कल तक के लिए स्थगित हुई सुनवाई, भारत ने रखा अपना पक्ष



अपडेट- ICJ में कुलभूषण जाधव मामले में भारत ने अपना पक्ष रख दिया है. साथ ही कोर्ट की कार्यवाही कल यानी मंगलवार तक स्थगित कर दी गई है.

Kulbhushan Jadhav case: Proceedings adjourned in the International Court of Justice for tomorrow. pic.twitter.com/wHmjxvwqmi
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- जाधव के वकील हरीश साल्वे ने कहा, ‘भारत मांग करता है कि कुलभूषण जाधव को जल्द रिहा किया जाए.

Harish Salve in ICJ:India submits that military courts of Pakistan can’t command the confidence of this court & shouldn’t be sanctify by a direction to them to review & re-consider the case. India seeks annulment of Jadhav’s conviction, & directions that he be released forthwith pic.twitter.com/UCx9tqwZE6
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- भारत ने पाकिस्तान को इस आधार पर दोषसिद्धि पर कार्रवाई करने से रोकने के लिए अदालत को आमंत्रित किया कि वह वियना कन्वेंशन के आर्टिकल 36 का उल्लंघन कर रहा है.

H Salve: India invites court to restrain Pak from acting on conviction on ground that it was secured by means which was in violation of Article 36 of Vienna Convention&in the present case,relief of review&re-consideration would be highly inadequate,considering facts&circumstances pic.twitter.com/WAKaFdqEVS
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- जाधव के वकील ने कहा, ‘पाकिस्तान के व्यवहार से ऐसा लगता है कि जाधव को वहां न्याय नहीं मिल सकता है. पाकिस्तान की कैद में एक भारतीय नागरिक है, जिसे बलूचिस्तान में अशांति पैदा करने वाले आतंकवादी और भारतीय एजेंट के रूप में दिखाया जा रहा है. पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ माहौल बनाने के लिए जाधव का इस्तेमाल किया है.

H Salve: Pakistan’s conduct doesn’t inspire confidence that Jadhav can get justice there. Pakistan has in custody an Indian National who has been publicly portrayed to be a terrorist&Indian agent creating unrest in Balochistan…Pak used Jadhav to build a narrative against India pic.twitter.com/edYvSZnhJ8
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- साल्वे ने कहा, ‘जाधव का मुकदमा एक सैन्य अदालत द्वारा आयोजित किया गया है. मैं अदालत के ध्यान में इस बात को भी लाना चाहूंगा.’

Harish Salve representing Kulbhushan Jadhav in International Court of Justice: I would invite this court to keep in mind the relief to be granted in the backdrop of the fact that his trial has been conducted by a military court pic.twitter.com/0gM8obyP8d
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- कुलभूषण जाधव मामले की सुनवाई ICJ में फिर से शुरू हो गई है. जाधव के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि यदि आर्टिकल 36 सभी मामलों में कांसुलर एक्सेस के अधिकार देता है, जिसमें इस तरह के आरोप शामिल हैं, तो उन अधिकारों का दुरुपयोग नहीं हो सकता. मालूम हो कि जाधव को पाकिस्तान में कांसुलर एक्सेस नहीं दिए जाने को लेकर भारत लगातार उसपर हमला कर रहा है.

Harish Salve representing Kulbhushan Jadhav in International Court of Justice: If article 36 grants rights of consular access in all cases including where allegations of such kind are leveled, then demanding those can’t be an abuse of those rights. pic.twitter.com/ftUtZrpT0H
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- हेग स्थित ICJ में कुलभूषण जाधव के मामले पर सुनवाई के ठीक पहले भारत के विदेश मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी दीपक मित्तल से मुलाकात करते हुए पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान. भारत पाकिस्तान की कैद से भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को रिहा कराने के लिए इस मामले को संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च कोर्ट में ले गया है.

The Hague (Netherlands): Government of India’s agent Deepak Mittal, Joint Secretary, MEA and Pakistan’s AG Anwar Mansoor Khan before the proceedings in Kulbhushan Jadhav case at the International Court of Justice. pic.twitter.com/QmZntyMFKG
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- ICJ में कुलभूषण जाधव मामले में सुनवाई कुछ देर के लिए स्थगित की गई है.

अपडेट- साल्वे ने कहा, ‘पाकिस्तान इस बात का पर्याप्त स्पष्टीकरण देना चाहीए कि उसे कांसुलर एक्सेस प्रदान करने के लिए 3 महीने के समया कि क्यों आवश्यकता है. पाकिस्तान ने संधि के दायित्वों का अनुपालन नहीं किया है.’

H Salve in ICJ:Pak should’ve provided a substantial explanation for why it needed 3 months for providing consular access,upon which it could’ve claimed that it has complied with treaty obligation.Even on erroneous premise that para 4 applies,Pak hasn’t complied treaty obligations pic.twitter.com/XCCcU5svJL
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- जाधव के वकील साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान ने जाधव के परिवार को उनसे मिलने की अनुमति देने की पेशकश की, शर्तों पर सहमति बनी और उनकी (परिवार की) मुलाकात 25 दिसंबर, 2017 को हुई. भारत को जाधव के परिवार के साथ उनकी मुलाकात कराए जाने के तरीके से काफी निराश हुआ और 27 दिसंबर को एक पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया.

Harish Salve in ICJ: Pakistan offered to allow Jadhav’s family to visit him, the terms were agreed & the meeting was held on 25th December, 2017. India was dismayed at the manner the meeting with Jadhav’s family was conducted & wrote a letter on 27 December marking its protest pic.twitter.com/NowhpGYZKy
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- साल्वे ने बताया कि जाधव के कथित कन्फेशन में साफ दिखता है कि उन्हें बहला-फुसला कर ये लिया गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया है कि पाकिस्तान सरकार ने आपराधिक मामलों में कानूनी सहायता देने वाले शार्क कन्वेंसन को मंजूरी भी नहीं दी है.

Harish Salve in ICJ: and his (Jadhav’s) purported confession clearly appears to be coaxed. India reminded Pakistan that it’s Pakistan government which hasn’t ratified SAARC convention on legal assistance in criminal matters. 2/2 https://t.co/JToNLwC5rD
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट-  जाधव के वकील साल्वे ने कहा, ’19 जून, 2017 को, भारत ने जांच में सहायता के अनुरोध का जवाब दिया और कहा कि न केवल जाधव को कांसुलर एक्सेस से वंचित किया गया था, बल्कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद के किसी भी कार्य में जाधव की भागीदारी दिखाने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं दिया गया है.

Harish Salve in ICJ: On 19th June, 2017, India responded to the request for assistance in investigation & pointed that not only Jadhav had been denied consular access but no credible evidence have been provided by Pakistan to show his involvement in any act of terrorism. 1/2 pic.twitter.com/4jrzNpjjot
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- हरिश साल्वे ने हेग स्थित ICJ में कहा कि पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव को कोई वकील भी मुहैया नहीं कराया गया.

अपडेट- भारत को कोई जानकारी नहीं है कि पाकिस्तान में जाधव को क्या हुआ है. पाकिस्तान बाध्य है जाधव को कांसुलर एक्सेस देने के लिए- हरिश साल्वे

अपडेट- साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान कन्फेशन डॉक्यूमेंट को पाकिस्तान प्रोपेगेंडा के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है. हालांकि भारत को कोई भी ट्रायल डॉक्यूमेंट नहीं दिया गया है.

अपडेट- साल्वे ने कोर्ट में कहा कि जाधव को पिछले तीन सालों से ट्रॉमा का सामना करना पड़ रहा है.

अपडेट- कुलदीप जाधव के प्रतिनिधि साल्वे ने कहा कि 30 मार्च 2016 को, भारत ने पाकिस्तान को कांसुलर एक्सेस (जाधव के लिए) के अपने अनुरोध को याद दिलाया और हमें कोई जवाब नहीं मिला. भारत द्वारा अलग-अलग तारीखों पर 13 रिमाइंडर भेजे गए थे. 

Harish Salve representing India & Kulbhushan Jadhav in ICJ: On 30th March 2016, India reminded Pakistan of its request of consular access (for Jadhav) & received no reply. 13 reminders were sent by India on various dates pic.twitter.com/NpU8g7JjWf
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- हरीश साल्वे ने कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि पाकिस्तान प्रोपेगेंडा टूल के रूप में इसका इस्तेमाल कर रहा था. पाकिस्तान बिना देर किए कांसुलर एक्सेस देने के लिए बाध्य था.

Harish Salve representing India & Kulbhushan Jadhav in ICJ: There is no manner of doubt that Pakistan was using this as a propaganda tool. Pakistan was bound to grant consular access without delay. pic.twitter.com/rsU3rlR6Zz
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- ICJ में कुलभूषण जादव के प्रतिनिधी हरीश साल्वे ने कहा कि ‘यह वियना कन्वेंशन का एक गंभीर उल्लंघन है’

Harish Salve representing India & Kulbhushan Jadhav in ICJ: It is an egregious violation of the Vienna Convention pic.twitter.com/TRPNT80V21
— ANI (@ANI) February 18, 2019

अपडेट- नीदरलैंड के हेग स्थित ICJ (इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस) में भारतीय नागरिक कुलभूषण जादव के मामले पर पब्लिक हियरिंग शुरू हो गई है.

The Hague (Netherlands): International Court of Justice (ICJ) starts public hearing in Indian National Kulbhushan Jadhav case pic.twitter.com/UfdZgZ8Qov
— ANI (@ANI) February 18, 2019

पुलवामा में CRPF के दस्ते पर आतंकी हमला होने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान को सबक सिखाने की कोशिशों के बीच कुलभूषण जाधव मामले में भारत और पाकिस्तान इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में आज आमने-सामने होंगे. 18 फरवरी से शुरू होकर यह सुनवाई अगले चार दिनों तक चलेगी.

यह भी पढ़ें: इस आतंकी की वजह से पाकिस्तान की जेल में हैं कुलभूषण जाधव

क्या है मामला?

पाकिस्तान की आर्मी कोर्ट ने 47 साल के जाधव को अप्रैल 2017 में फांसी की सजा सुनाई थी. पाकिस्तान का आरोप है कि जाधव भारतीय जासूस हैं. जाधव एक रिटायर नेवी ऑफिसर हैं जिन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने ईरान से अपहृत कर लिया था.

चार दिनों तक चलेगी सुनवाई

सुनवाई की शुरुआत भारत के पक्ष से होगी. पाकिस्तान अपना पक्ष 19 फरवरी को रखेगा. 20 फरवरी को भारत पाकिस्तान के पक्ष का जवाब देगा. फिर 21 फरवरी को भारत के खिलाफ पाकिस्तान अपना पक्ष रखेगा. भारत की तरफ से कुलभूषण जाधव की पैरवी हरीश साल्वे करेंगे. इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए भारत के पास 3 घंटे होंगे. भारत चाहता है कि ICJ जाधव की मौत की सजा खत्म करवा दे.

यह भी पढ़ें-कुलभूषण जाधव का केस लड़ने वाले हरीश साल्वे कौन हैं?

कुलभूषण मामले में कब क्या हुआ?

25 मार्च 2016: भारत को जाधव की हिरासत की जानकारी मिली
10 अप्रैल 2017: पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट ने जाधव को मौत की सज़ा सुनाई
8 मई 2017: भारत ने ICJ का दरवाज़ा खटखटाया
15 मई 2017: मामले में सुनवाई हुई
18 मई 2017: ICJ ने फांसी पर रोक लगाई
25 दिसंबर 2017: जाधव की मां और पत्नी ने पाक जाकर जाधव से मुलाकात की
28 दिसंबर 2017: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मुलाकात की जानकारी संसद को दी

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