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डेल्टा प्लस वैरियंट का खतरा रोकने को स्टेशनों पर जांच तेज, 35 रैपिड रेस्पॉन्स टीमें लगाईं

लखनऊ
कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वैरियंट का खतरा रोकने के लिए रेलवे स्टेशनों पर दूसरे राज्यों से आ रहे यात्रियों की जांच तेज हो गई है। यात्रियों की सैंपलिंग के लिए स्टेशनों पर कुल 35 रैपिड रेस्पॉन्स टीमें लगाई गई हैं। आठ-आठे घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी कर रहीं ये टीमें उन राज्यों से आ रहे यात्रियों की सैंपलिंग पर ज्यादा जोर दे रही हैं, जहां डेल्टा प्लस वैरियंट के ज्यादा मामले सामने आए हैं। उधर, शहर के सरकारी अस्पतालों में बने कोरोना टीकाकरण केंद्रों में शनिवार को लोगों को वैक्सीन की कमी से जूझना पड़ा। इस कारण स्लॉट बुक होने के बावजूद पहली डोज लगवाने आए 45+ श्रेणी के लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।

सीएमओ प्रवक्ता योगेश रघुवंशी ने बताया कि अब तक महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस के सबसे ज्यादा 20 मरीज मिले हैं। ऐसे में यहां से आने वाले यात्रियों को खास एलर्ट पर रखा गया है। इसी तरह तमिलनाडु में 9 और एमपी में भी 7 मरीज चिह्नित हुए हैं। ऐसे मे इन राज्यों से आ रहे यात्रियों की जांच विशेष रूप से की जा रही है। इसके अलावा बस अड्डों पर भी दूसरे राज्यों से आ रही बसों के यात्रियों की जांच हो रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल नागपुर से आए एक यात्री की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसके सैंपल जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए केजीएमयू भेजा गया है।

बिना टीका लगवाए लौटे लोग, अफसर बोले- भेज रहे पूरी डोज
उधर, राजधानी के सरकारी अस्पतालों में बने कोरोना टीकाकरण केंद्रों में शनिवार को लोगों को वैक्सीन की कमी से जूझना पड़ा। इस कारण स्लॉट बुक होने के बावजूद पहली डोज लगवाने आए 45+ श्रेणी के लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इसी तरह दूसरी डोज लगवाने कई लोगों को भी टीका नहीं लग सका, हालांकि 18-44 साल की श्रेणी के लोगों को परेशानी नहीं हुई। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार वैक्सीन की कमी से इनकार कर रहे हैं। उनका दावा है कि शहर में वैक्सीन कोई कमी नहीं है।

सरकारी अस्पतालों में भेजी जा रही वैक्सीन की कम डोज
जानकारी के मुताबिक, कई दिनों से सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन की कम डोज भेजी जा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में बने कई टीकाकरण केंद्रों पर शुक्रवार को भी वैक्सीन की कमी के कारण लोगों को लौटना पड़ा था। इस बीच शनिवार को भी केजीएमयू, लोहिया, पीजीआई लोकबंधु, आरएलबी और ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय के टीकाकरण केंद्रों में कई लोगों को टीका नहीं लग सका। कई जगह इससे परेशान लोगों ने विरोध भी दर्ज करवाया।

अस्पतालों के जिम्मेदार भी बोले, नहीं लग सका टीका

लोकबंधु अस्पताल: चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि 45 साल से ज्यादा उम्र की श्रेणी के लिए डोज ही नहीं भेजी गई। इस कारण इस श्रेणी के काफी लोगों को वैक्सीन नहीं लग पाई।

लोहिया संस्थान: प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश सिंह ने बताया कि शनिवार को 45+ श्रेणी के लिए कोई स्लॉट ही नहीं था। सिर्फ 18-44 श्रेणी के लोगों को वैक्सीन लगाई गई।

ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय: 45 से ऊपर वालों को वैक्सीन नहीं लगी। सीएमएस डॉ. आनंद बोध का कहना है कि शुक्रवार को 45+ श्रेणी में सिर्फ 50 लोगों को वैक्सीन लग पाई थी। शनिवार को इस श्रेणी के लोगों को लिए डोज ही नहीं भेजी गई। इस कारण स्लॉट बुक करवा कर आए काफी लोग वापस लौट गए। बुजुर्गों ने इस पर आक्रोश भी जताया।

नोडल इंचार्ज की दलील, सेंटर पर गड़बड़ी हुई होगी
जिले में वैक्सिनेशन के नोडल इंचार्ज डॉ. एमके सिंह ने वैक्सीन की कमी से साफ इनकार किया है। लोगों की समस्याओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। सेंटर पर कुछ गड़बड़ी के कारण लोगों को परेशानी हुई होगी। उन्होंने कहा कि मैंने खुद 7-8 सेंटर खुलवाएं है, जहां वैक्सिनेशन हुआ है। जरूरत के हिसाब से हर सेंटर पर डोज भेजी जा रही हैं।

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