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मुंबई में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए बीएमसी कर रही स्टडी

मुंबईकोरोना की तीसरी लहर आने से पहले बीएमसी हर स्तर पर तैयारी में जुट गई है। अस्पतालों में ऑक्सिजन बेड और वेंटिलेटर बढ़ाने के साथ ही वॉर्ड वॉर रूम को हाईटेक बनाया जा रहा है। बीएमसी इस बात का अध्ययन कर रही है कि तीसरी लहर के दौरान स्थिति से निपटने के लिए वॉर रूम में क्या बदलाव किया जा सकता है?

बीएमसी इस बात पर भी स्टडी कर रही है कि क्या नया जोड़ा जाए कि नागरिकों को बिना समय गंवाए तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि दूसरी लहर के दौरान वॉर रूम काफी मददगार साबित हुए थे।

मैन पॉवर बढ़ाने पर विचार
काकानी ने कहा कि दूसरी लहर अप्रैल में जब चरम पर थी, उस समय 24 वॉर रूम में करीब 80 हजार कॉल आए थे, जिनमें बेड्स, ऐंबुलेंस व इलाज के बारे में जानकारी मांगी गई थी। वॉर रूम ने लोगों की काफी मदद की। अब वॉर रूम को और हाईटेक करने के साथ मैन पॉवर बढ़ाने एवं उसमें अन्य सुविधाओं का इजाफा करने के बारे में अध्ययन कर रहे हैं।

कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के कारण मुंबई में बीएमसी स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने में जुट गई है। इसी कड़ी में सोमवार से मालाड में एक और नया जंबो कोविड केयर सेंटर बीएमसी के बेड़े में शामिल होने वाला है। इससे कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बीएमसी के पास अतिरिक्त 2,200 बेड उपलब्ध होंगे।

250 बेड का पिडियाट्रिक वॉर्ड
कुछ बेड पीआईसीयू के लिए आरक्षित होंगे, जिसमें अलग तरह का वेंटिलेटर और ऑक्सिजन मास्क होंगे। तीन नए जंबो सेंटर में यह पहला जंबो सेंटर होगा, जिसमें बच्चों के लिए 250 बेड का पिडियाट्रिक वॉर्ड बनाया गया है। अन्य दो जंबो सेंटर सायन और कांजुरमार्ग में बनाए जाने वाले हैं।

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