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पूर्व PM वीपी सिंह से रिश्ते का दावा, पाकिस्तान से फंडिंग… धर्मांतरण के खेल से ATS भी हैरान

लखनऊयूपी में अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार मोहम्मद उमर गौतम और मौलाना जहांगीर ने देश-विदेश से फंड जुटाने के लिए बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के फर्जी सर्टिफिकेट तैयार किए थे। जांच में सामने आया है कि दोनों पाकिस्तान के अलावा टर्की और अरब के कई इस्लामिक संगठनों के संपर्क में थे। धर्मांतरण के लिए उनके बैंक खातों में ज्यादातर रकम चंदे के रूप में भेजी गई।

वहीं एटीएस की ओर से धर्मांतरण का शिकार बने लोगों और उनके परिजनों के लिए जारी की गी हेल्पलाइन में लोगों ने संपर्क करना शुरू कर दिया है। हेल्पलाइन पर तमाम गुमशुदा लोगों के परिजन भी संपर्क साध रहे हैं।

पैरवी के लिए आगे आया संगठनउमर गौतम और जहांगीर की गिरफ्तारी के बाद उनकी पैरवी के लिए नई दिल्ली स्थित स्टूडेंट इस्लामिक आर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया ने दोनों की तत्काल रिहाई की मांग की है। संगठन की ओर से ट्वीट कर कहा गया है कि राज्य सरकार अपने राजनैतिक हितों को साधने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने के उद्देश्य से यह कवायद कर रही है जिसमें मीडिया का एक वर्ग भी शामिल है।

बच्चों से विशेष प्रार्थना करवाने के आरोपों के बाद चर्चा में आए नूरुल हुदा स्कूल के मालिक मौलाना उमर शरीफ शुक्रवार को मीडिया के सामने आए। उन्होंने बताया कि वह मोहम्मद उमर गौतम को पिछले 10-12 साल से जानते थे। वह बतौर शिक्षाविद् स्कूल आता था। उमर गौतम फतेहपुर के कई लोगों के संपर्क में था और वह उनके यहां आता-जाता था। उन्होंने धर्मांतरण के लिए उत्प्रेरित करने के शिक्षिका के आरोप को गलत बताया।

खुद को उमर बताता था वीपी सिंह का रिश्तेदार
मौलाना उमर शरीफ ने कहा कि वह मोहम्मद उमर गौतम को पिछले 10-12 साल से जानते हैं। वह स्कूल में होने वाली शैक्षणिक गोष्ठियों में आते थे। इसमें बाहर के लोग और बच्चे भी आते थे। इन गोष्ठियों का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना होता था। कई और विद्वान भी आते थे। उमर गौतम खुद को पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत विश्वनाथ प्रताप सिंह का रिश्तेदार बताता था।

टीचर ने आरोपों को बताया झूठा
संस्था का उमर गौतम से संबंध सिर्फ शिक्षाविद् के रूप में था। उनके मामले से कोई सरोकार नहीं है। प्रतिष्ठित क्षत्रिय घराने से ताल्लुक होने के कारण उसका जिले के ठाकुरों और मुस्लिम घरानों के तमाम लोगों से संपर्क है। शिक्षिका कल्पना सिंह के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि स्कूल में 60 प्रतिशत छात्र हिंदू हैं। स्टाफ में 80 प्रतिशत हिंदू टीचर हैं। वह हर प्रकार की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

3 दिन में मांगी रिपोर्टराष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने फतेहपुर की डीएम को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है कि क्या दूसरे धर्म के बच्चों को विशेष प्रार्थना के लिए मजबूर किया जाता था। या किसी का धर्मांतरण करवाया गया है।

वाराणसी मामले में जांच करेगी एटीएस
वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के अमौली गांव निवासी युवक अमित मौर्य के धर्मांतरण मामले की जांच एटीएस को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पिछले दो साल में अमित किन लोगों के संपर्क में रहा है। उत्तर प्रदेश समेत दिल्‍ली और अन्‍य शहरों में एक हजार से अधिक लोगों का कराने के आरोप में यूपी एटीएस ने उमर गौतम और जहांगीर आलम को गिरफ्तार करने के साथ दस्‍तावेज कब्‍जे में लिए हैं।

एक रजिस्‍टर में उन लोगों के नाम-पता व अन्‍य विवरण दर्ज हैं, जिन्‍होंने धर्म परिवर्तन कर इस्‍लाम कबूल कर लिया। इस रजिस्‍टर में वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के अमौली गांव के अमित कुमार मौर्य का नाम भी दर्ज है। धर्म परिवर्तन करने के फॉर्म और अंडरटेकिंग के अनुसार अमित ने 15 फरवरी 2020 को इस्लाम धर्म स्‍वीकार कर लिया।

एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि युवक ने मुस्लिम युवती से प्रेम विवाह करने के बाद उमरा जाने के लिए धर्म परिवर्तन किया था। लेकिन उसने अपना नाम नहीं बदला है। नौकरी और अन्‍य जगहों पर उसका हिंदू नाम ही चल रहा है।

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