यहाँ और भी जानकारी है। 
Metro

ब्रेक के बाद भी आंखों में जलन, पीठ में ऐंठन, ऑनलाइन क्‍लास दे रहीं छोटी उम्र में बड़ी बीमारियां

सैयद सना, लखनऊकोरोना संक्रमण के कारण बीते डेढ़ साल से स्कूली बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन ही चल रही है। लगातार ऑनलाइन क्लास के लिए उन्हें मोबाइल और लैपटॉप पर लगातार नजरें टिकाए रखनी पड़ती हैं। इससे उनका स्क्रीन एक्सपोजर लगातार बढ़ रहा है और सेहत पर इसका असर भी। कई स्कूल क्लास के बीच थोड़ी देर का ब्रेक भी दे रहे हैं। इसके बावजूद बच्चों में सिरदर्द, आंखों में जलन, आंखों से पानी गिरना और पॉश्चर संबंधी परेशानी बढ़ रही है। अस्पतालों की ऑनलाइन ओपीडी में लगातार ऐसे मामले आ रहे हैं।

स्क्रीन एक्सपोजर का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों में दिख रहा है। धर्मेंद्र सोनी का बेटा एलपीएस में बच्चा पांचवीं का छात्र है। धर्मेंद्र ने बताया कि सुबह 7:30 बजे से 10 बजे तक बेटे की ऑनलाइन क्लास चलती हैं। किसी में ब्रेक मिलता है तो किसी में नहीं। 30 मिनट की क्लास के बाद बेटा अक्सर आंख में जलन की शिकायत करता है। पिछले तीन महीने से कमर और गर्दन दर्द भी रहने लगा है। यही परेशानी गोमतीनगर निवासी जितेंद्र सिंह चौहान के बेटे को भी है। उनका बेटा छठी में है। लगातार ऑनलाइन क्लास करने से उसे भी गर्दन और सिर में दर्द रहने लगा है।

लगातार क्लास से बच्चों की आंखें भी कमजोर हो रही हैं। गोमतीनगर निवासी राकेश सिंह ने बताया कि उनका बेटा इमाकुलेट कॉन्वेंट स्कूल में सातवीं का छात्र है। ऑनलाइन क्लास सुबह 7:45 से दोपहर डेढ़ बजे तक चलती है। हर क्लास के बाद ब्रेक भी दिया जाता है, लेकिन पांच महीने से बेटा सिरदर्द से परेशान है। इसके साथ आंखों में जलन और लालपन भी रहने लगा है।

ऑनलाइन ओपीडी में बढ़ रहे केसकेजीएमयू के ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग के प्रो. अजय सिंह ने बताया कि ऑनलाइन ओपीडी में ज्यादातर केस बच्चों में गर्दन, कमर, पीठ और जोड़ों के दर्द से जुड़े आ रहे हैं। साफ है कि बच्चों में पॉश्चर संबंधी दिक्कतें बढ़ रही हैं।‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌ शारीरिक गतिविधि न होना इसकी बड़ी वजह है। इसके अलावा ऑनलाइन क्लास के वक्त लेटकर या टेक लगाकर बैठने से भी दिक्कत हो रही है। बच्चों में पॉश्चर संबंधी दिक्कतें होने से भविष्य में उन्हें शारीरिक काम करने वाले प्रफेशन में परेशानी हो सकती हैं।

’20 से 30 मिनट बाद एक 1 मिनट का ब्रेक जरूरी’केजीएमयू के ऑफ्थलमॉलजी विभाग के डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि बच्चों को 20 से 30 मिनट स्क्रीन एक्सपोजर के बाद एक से दो मिनट ब्रेक लेना चाहिए। स्कूलों को भी ऑनलाइन कक्षाओं के समय को सुविधाजनक बनाना चाहिए‌। लगातार कक्षाएं न चलाएं। वहीं, मोबाइल इस्तेमाल करने वाले बच्चों को ज्यादा दिक्कत हो रही है। इसकी स्क्रीन छोटी होने से ज्यादा ध्यान लगाना पड़ता है। इससे आंखों और दिमाग दोनों पर ज्यादा जोर पड़ता है।

Related Articles

Back to top button