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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव जीतने की तैयारी, बीजेपी में 'बागियों' की हो रही घर वापसी

लखनऊ
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में 65 से ज्यादा सीटें जीतने का टारगेट लेकर चुनावी मैदान में उतरी बीजेपी ने हर जिले के लिए अलग रणनीति बनानी शुरू कर दी है। जिला पंचायत सदस्य चुनाव में बीजेपी का टिकट न पाने के बावजूद चुनाव लड़कर जीत जाने वाले ‘बागियों’ की घर वापसी शुरू हो गई है। तीन जुलाई तक मतदान से पहले इन सभी को बीजेपी में शामिल करा लिया जाएगा और इन्हें फिर से पार्टी अपना लेगी।

इसके साथ ही पार्टी ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत चुके पार्टी पदाधिकारियों को फिर से उसी पद पर सुशोभित करने का फैसला किया है। पार्टी ने चुनाव लड़ने के बाद इन सभी से इस्तीफा ले लिया था।

निर्दलीयों पर फोकस, चुपचाप पाले में लाने की कोशिश
बीजेपी का हर जिले में सबसे ज्यादा फोकस निर्दलीयों और छोटे दलों के जीते हुए प्रत्याशियों पर है। जिला पंचायत सदस्यों की 3050 सीटों में एक तिहाई से ज्यादा निर्दलीय जीते हैं यानी इनकी संख्या एक हजार से ज्यादा है। इनमें बीजेपी के बागियों के अलावा एसबीएसपी, निषाद पार्टी, अपना दल जैसे दलों के प्रत्याशी भी शामिल हैं। बीजेपी इन्हें ही अपने पाले में लाकर चुनाव जीतने में जुट गई है।

ज्यादातर बागियों को जिलों में बीजेपी में शामिल कराया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी जिलाध्यक्ष के अलावा प्रभारी मंत्री को दी गई है। अब तक 300 से ज्यादा जीते बागी शामिल हो चुके हैं। वहीं बलिया में बीजेपी ने एसबीएसपी के ही जीते उम्मीदवार को शामिल कराकर अपना बना लिया है। अपना दल को दो जिला पंचायत के टिकट भी दे दिए हैं।

इस बार सीधे प्रदेश से प्रत्याशियों की सूची घोषित न होकर जिलाध्यक्ष के माध्यम से चुपचाप जारी की गई। जिलों में पोस्टर और बैनर लगाने की भी मनाही कर दी गई। हर जिले में जिलाध्यक्षों ने सीधे प्रत्याशी और जिला पंचायत सदस्य की मीटिंग करवाने का फैसला किया है। यह बैठकें भी चल रही हैं।

हर जिले में सांसदों-विधायकों को जीत का जिम्मा
इस बार हर जिले में सांसदों और विधायकों को अपने जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी को जिताने का जिम्मा दिया गया है। एक हफ्ते पहले से ही सबको अपने-अपने जिले में डेरा डालने को कह दिया गया है। जिला पंचायत सदस्यों से बात करके उन्हें मतदान के दिन मतदान स्थल तक लाने की जिम्मेदारी भी सांसदों-विधायकों की होगी। इसके अलावा मतदान के दिन उस जिले के प्रभारी मंत्री भी अलर्ट मोड पर रहेंगे।

26 को एक साथ नामांकन करेंगे प्रत्याशी
बीजेपी के सभी प्रत्याशी 26 जून को एक साथ नामांकन करेंगे। नामांकन के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ प्रभारी मंत्री भी मौजूद रहेंगे। पार्टी ने अब तक 68 जिलों के प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने बांदा से सुनील पटेल, चित्रकूट से अशोक जाटव, महोबा से जय प्रकाश अनुरागी, और हमीरपुर से जयंती कुमारी को, गोंडा में घनश्याम मिश्रा को, हरदोई में प्रेमावती को, अमेठी में राजेश मसाला को, अयोध्या में रोली सिंह,सुल्तानपुर में ऊषा सिंह, अंबेडकरनगर से श्याम सुंदर उर्फ साधू वर्मा, बस्ती में संजय चौधरी को, वाराणसी में पूनम मौर्य को, सीतापुर में श्रद्धा सागर को,बाराबंकी में राजरानी रावत को प्रत्याशी घोषित किया है।

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