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रानी दुर्गावती सेवा समिति जेन्जरा के तत्वावधान में मनाया गया रानी दुर्गावती शहादत दिवस

कटघोरा:ग्राम जेन्जरा रानी दुर्गावती सेवा समिति के तत्वावधान में रानी दुर्गावती प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम व शहादत दिवस जेन्जरा बायपास चौक में मनाया गया।आज वीरांगना रानी दुर्गावती की 457 वी पेनांजली व प्रतिमा स्थापना दिवस है। कार्यक्रम की शुरुआत रानी दुर्गावती की पूजा अर्चना के साथ कि गई।इस कार्यक्रम के मुख्यअतिथि पाली तनाखार विधायक माननीय मोहित राम केरकेट्टा,गों.ग.पा. प्रदेश अध्यक्ष माननीय तुलेश्वर मरकाम,गोंगपा रा. महासचिव श्याम सिंह मरकाम,गोंडवाना पार्टी के प्रदेश सचिव लालबहादुर,जिलाध्यक्ष सुरेश पोर्ते, कोर्राम,कुलदीप सहित गुहाराम कर्मो,कामता प्रसाद,जेन्जरा सरपंच मनीराम,पवन नेटी,बी. एस. उइके,अजय पोर्ट सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

बता दे कि रानी दुर्गावती (5 अक्टूबर 1524 – 24 जून 1564) भारत की एक प्रसिद्ध वीरांगना थीं,जिसने मध्य प्रदेश के गोंडवाना क्षेत्र में शासन किया।उनका जन्म 5 अक्टूबर 1524 को कालिंजर के राजा पृथ्वी सिंह चंदेल के यहाँ हुआ उनका राज्य गढ़मंडला था,जिसका केंद्र जबलपुर था। उन्होने अपने विवाह के चार वर्ष बाद अपने पति गौड़ राजा दलपत शाह की असमय मृत्यु के बाद अपने पुत्र वीरनारायण को सिंहासन पर बैठाकर उसके संरक्षक के रूप में स्वयं शासन करना प्रारंभ किया। इनके शासन में राज्य की बहुत उन्नति हुई। दुर्गावती को तीर तथा बंदूक चलाने का अच्छा अभ्यास था। चीते के शिकार में इनकी विशेष रुचि थी। उनके राज्य का नाम [[गोंडवाना]] था जिसका केन्द्र जबलपुर था। वे इलाहाबाद के मुगल शासक आसफ़ खान से लोहा लेने के लिये प्रसिद्ध हैं।

कार्यक्रम की बेला में पाली तानाखार विधायक महोदय मोहितराम केरकेट्टा ने जेन्जरा बायपास में रानी दुर्गावती प्रतिमा स्थापना हेतु विधायक निधि से 1.5 लाख रुपये देने की घोषणा की है।चार वर्ष पूर्व जेन्जरा बायपास चौक का नाम रानी दुर्गावती चौक नामकरण हो चुका था और आज रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस है जिस पर गोंगपा ने जेन्जरा चौक पर इनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करने का कार्यक्रम आयोजन किया है।कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष माननीय तुलेश्वर मरकाम ने बताया कि आज पूरा आदिवासी समाज व देश के कोने कोने में रहने वाले सभी प्रबुद्धजन रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस मना रहे हैं।ये काला दिवस आज से 457 वर्ष पूर्व गोंडवाना के साम्राज्य को निस्तेनाबूत कर दिया,दादा मरकाम के आने के बाद गोंडवाना की लहर सी चली,उस लहर में गोंडवाना ने महाराष्ट्र,छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से विधायक बनाया।मरकाम जी ने आगे बताया कि ये कार्यक्रम हम प्रतिवर्ष मनाते आ रहे हैं और कार्यक्रम आगे बढ़ता ही जा रहा है निश्चित रूप में हम अपनी मांगों को लेकर गोंडवाना समाज की स्थापना प्राप्त करेंगे।कार्यक्रम के अंत मे गोंगपा ने बताया कि 5 अक्टूबर को रानी दुर्गावती प्रतिमा का लोकार्पण किया जाएगा।
कार्यक्रम में गोंगपा के कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।

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