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TRP स्कैम: अर्णब ने बार्क के CEO के साथ रची थी साजिश! टाइम्स नाउ को भी 431 करोड़ की लगी चोट

मुंबई
टीआरपी केस में मुंबई पुलिस की ओर से मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल पूरक चार्जशीट से रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन चीफ की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस चार्जशीट के मुताबिक, अर्णब ने रिपब्लिक टीवी चैनलों की रेटिंग में सुधार करने के लिए ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल () के तत्कालीन सीईओ की मिलीभगत से TRP के साथ अवैध रूप से छेड़छाड़ की और उनकी मदद के लिए उन्हें भुगतान किया। पुलिस ने दोनों के बीच वॉट्सएप चैट को महत्वपूर्ण सबूत माना है।

मुंबई पुलिस की अपराध खुफिया इकाई (CIU) ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में अर्णब को आरोपी नंबर 19 बनाया है। पूरक चार्जशीट के मुताबिक, पुलिस ने जांच के दौरान अर्णब को एक प्रश्नावली भेजी थी। इसका जवाब देते हुए अर्णब ने स्वीकार किया है कि उनके और पार्थ के बीच वॉट्सएप चैट हुई थी। इसमें पार्थ रिपब्लिक टीवी चैनलों को लाभ पहुंचाने के लिए बार्क से अर्णब को बार-बार गुप्त जानकारी लीक कर रहे थे। मामले में पार्थ आरोपी नंबर 15 हैं।

टाइम्स नाउ को 431 करोड़ का नुकसान
चार्जशीट में कहा गया है कि जून 2017 से मार्च 2018 के बीच जब पार्थ बार्क के साथ काम कर रहे थे, तब टाइम्स नाऊ की टीआरपी रेटिंग में अवैध रूप से हेरफेर किया गया ताकि यह चैनल रिपब्लिक टीवी चैनलों की टीआरपी से नीचे चला जाए। इसके चलते टाइम्स नाउ समाचार नेटवर्क को 431 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह बातें टाइम्स नाउ के एक कार्यकारी ने अपने बयान में मुंबई पुलिस को सूचित किया।

साजिश के चलते रिपब्लिक को मिला टीआरपी
चार्जशीट में कहा कि पार्थ और अर्णब के बीच रिपब्लिक चैनलों की टीआरपी में हेरफेर करने की साजिश ने उसे सबसे ज्यादा टीआरपी वाले चैनल के रूप में स्थान दिया गया। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि अर्णब ने पार्थ को टीआरपी में हेरफेर करने में उनकी सहायता के बदले में पार्थ को भुगतान किया था, जो जांच के दौरान पार्थ के आवास से जब्त किए गए गहनों और महंगी वस्तुओं से साबित होता है।

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