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बैंक में मरम्मत का काम करते हुए राजमिस्त्री ने देखा कैश, 6 महीने बाद फिल्मी स्टाइल में बैंक से उड़ाए 55.3 लाख रुपए

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली
फर्श बाजार इलाके के विश्वास नगर में यूनियन बैंक से सेंध लगाकर 55 लाख रुपये चोरी करने के केस को शाहदरा पुलिस ने सुलझा लिया है। आरोपी हरिराम (34) और कालीचरण (39) को गिरफ्तार किया गया है, जो विश्वास नगर के ही रहने वाले हैं। हरिराम राजमिस्त्री है, जिसने छह महीने पहले बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम के रेनोवेशन का काम किया था। वहां कैश देखने के बाद उसने साजिश रच दी। पुलिस ने आरोपी से 54 लाख 97 हजार 930 रुपये बरामद कर लिए हैं। आरोपियों ने 5400 रुपये खर्च कर दिए थे।

डीसीपी (शाहदरा) आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि सोमवार सुबह 55 लाख 3 हजार 330 रुपये चोरी होने की खबर मिली। बैंक के बराबर वाले निर्माणाधीन मकान से सेंध लगाई गई थी। बैंक मैनेजर अभिषेक कुमार झा की शिकायत पर केस दर्ज किया गया। एसीपी राजेश मीना की देखरेख में स्पेशल स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर हीरा लाल, राकेश रावत, एएसआई कृष्णपाल, एचसी अमित, दीपक, देवेंद्र, सिपाही आदेश, जगमोहन, सचिन और विकास की टीम बनाई गई। पुलिस को बैंक के पास एक बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरे की दिशा आसमान की तरफ मिली। बारीकी से जांच करने पर पता चला कि पहली मंजिल पर जाकर कैमरे की दिशा बदली गई थी, जिसमें आरोपी कैद हो गया था। पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। निर्माणाधीन बिल्डिंग में चढ़कर कैमरे की दिशा बदलने वाले की पहचान हरिराम के रूप में हुई। इससे सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और बैंक में चोरी कबूल कर ली। हरिराम की‌ निशानदेही पर पुलिस ने कालीचरण को भी दबोच लिया। इसके जरिए चोरी की रकम और वारदात में इस्तेमाल औजार बरामद कर लिए।

जुए-सट्टे के लिए की वारदात
पुलिस को पता चला है कि आरोपी हरिराम को जुए की लत है। जुआ खेलने के लिए ही बैंक में सेंधमारी की साजिश रची। दूसरा आरोपी कालीचरण का अपना कारोबार है। उसे भी जुए और सट्टे की लत है। कालीचरण का दावा है कि हरिराम ने उसके जुए में हारे हुए 10 लाख रुपये देने हैं, इसलिए उसने उसका साथ दिया। पुलिस पता लगा रही है कि वारदात में और कौन शामिल हैं।

सात घंटे में लगी रकम पर सेंध
आरोपी हरिराम ने बताया कि छह महीने पहले बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम में रेनोवेशन के लिए बुलाया गया था। तब कैश और बाकी सामान का पता चला। तभी साजिश रच ली। लॉकडाउन खुलते ही औजारों का इंतजाम किया। निर्माणाधीन बिल्डिंग का ताला बदला। सीसीटीवी कैमरे की दिशा बदली। रविवार को दिन में साथी समेत पहुंचा। निर्माणाधीन मकान के अंदर से दीवार काटी और बैंक के सर्वर रूम में ‌दाखिल हुआ। स्ट्रॉन्ग रूम की दीवार काटकर रकम निकाल ली। इस काम में करीब सात घंटे लगे।

सेंधमारी के बाद फिर मरम्मत
चोरी की वारदात को जिस बदमाश ने अंजाम दिया था, बैंक के अफसरों ने उसी को वारदात के बाद टूटी दीवार की मरम्मत के लिए बुला लिया। हरिराम ने सोमवार को अपनी काटी हुई दीवार की चिनाई की। इसके बाद वापस लौट गया। पुलिस ने जांच की तो उस पर शक हुआ। देर रात को पूछताछ के लिए बुलाया गया और जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

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