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महाराष्ट्र में दो महीने से दुबका था डेल्टा प्लस वैरिएंट, जीनोम सिक्वेंसिंग से आया पकड़ में

मुंबई
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस के 21 मरीज सामने आए हैं। इनमें से कुछ केस अप्रैल के हैं लेकिन जीनोम सिक्वेसिंग के नतीजे पिछले हफ्ते सामने आने पर अब इनका खुलासा हुआ है। इससे पता चलता है कि महाराष्ट्र में कोरोना का नया वैरिएंट दो महीने से दुबका हुआ था और लोगों को संक्रमित कर रहा था।

मुंबई में 5 अप्रैल और 15 अप्रैल को कोरोना संक्रमित मिले दो शख्स के जीनोम सिक्वेंसिंग में डेल्टा प्लस वैरिएंट पाया गया। यानी शहर में यह वैरिएंट दो महीने से छिपा हुआ था। इनमें से एक केस ठाणे निवासी का है जबकि दूसरा 78 साल के बुजुर्ग हैं। मुंबई समेत अधिकतर लोग जो डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित थे, उन्हें वैक्सीन भी नहीं लगी थी।

सभी मरीज उबर चुके हैं
निकाय अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक इससे उबर चुके हैं और वर्तमान में उन्हें कोई शिकायत नहीं है। उनके एक पारिवारिक सदस्य भी पॉजिटिव पाए गए थे और वह भी अब रिकवर हो चुके हैं। अतिरिक्त नगर आयुक्त सुरेश काकनी ने बताया, ‘हम उनपर नजर बनाए हुए हैं लेकिन चिंता की बात नहीं है क्योंकि उन्हें ढाई महीने पहले कोविड हुआ था।’

सबसे ज्यादा केस रत्नागिरी और जलगांव में
महाराष्ट्र के 6 जिलों में डेल्टा प्लस के केस मिले हैं, जिनमें रत्नागिरी में सबसे अधिक 9 और जलगांव में 7 मरीज मिले। इनमें से अधिकतर मई महीने में संक्रमित हुए, कुछ जिलों में डेल्टा प्लस संक्रमित लोगों के घर के नजदीक ताजा सर्विलांस शुरू किया गया है। उदाहरण के लिए जलगांव में 12 और 13 जून को कैंप लगाए गए जहां पर 165 लोगों की जांच हुई। दो पॉजिटिव निकले लेकिन बिना लक्षण वाले थे।

जलगांव में सभी एक गांव से मिले संक्रमित
सिंधुदुर्ग में एक डेल्टा प्लस केस मिला था, अब यहां पर छह बिल्डिंग वाले पूरे आवासीय कॉम्प्लेक्स का टेस्ट किया जाएगा। जलगांव में जो 7 मरीज मिले थे वे सभी एक ही गांव से थे जिसकी आबादी 1200 के करीब थी। ये लोग 5 मई को एक आरटी-पीसीआर कैंप में हुई जांच के बाद पॉजिटिव पाए गए थे। उनके सैंपल सरकारी मेडिकल कॉलेज जलगांव भेजे गए थे और फिर जीनोम विश्लेषण के लिए पुणे भेजे गए।

मरीजों में लक्षण नहीं मिले
असिस्टेंट जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीएस पटोडे ने बताया कि 60 साल के एक इलेक्ट्रिशियन जो पॉजिटिव पाए गए उन्होंने चालीसगांव में एक शादी अटेंड की थी। एक मिल्क डीलर की पत्नी भी संक्रमित मिलीं। दो लोग आभूषण के काम से सूरत गए थे वहीं एक की ट्रैवल हिस्ट्री ठाणे मिली। उन्होंने कहा,’यह नोट करना जरूरी है कि सभी बिना लक्षण वाले थे और हमने वहां संक्रमण में किसी तरह की असामान्य बढ़ोतरी नहीं देखी।’

सिंधुदुर्ग में अध्यापक और परिवार को हुआ था संक्रमणसिंधुदुर्ग में संक्रमित लोगों में एक अध्यापक भी शामिल थे। जिला अधिकारियों ने बताया कि वह 22 मई को संक्रमित पाए गए थे और अब रिकवर हो चुके हैं। डॉ. महेश खालिपे ने बताया कि इस केस में सभी तीन हाई रिस्क वाले मरीज भी कोरोना से संक्रमित हो गए थे लेकिन अब सब रिकवर हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि वहां पर अब परिवार के अलावा 225 लोगों की दोबारा जांच की जाएगी।

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