यहाँ और भी जानकारी है। 
Hamar Chhattisgarhindia

आईएएस अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से झटका, स्थगन आदेश देने से किया इन्कार

ब्यूरो चीफ विपुल मिश्रा
बिलासपुर। प्रदेश के बहुचर्चित नान(नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले के आरोपित आइएएस अनिल टूटेजा को हाई से झटका लगा है। पुलिस द्वारा पेश चालान पर रोक लगाने के लिए पेश याचिका को जस्टिस एनके चंद्रवंशी ने खारिज कर दिया है। वहीं, मामले की नए सिरे से जांच के लिए दाखिर टूटेजा की एक अन्य याचिका पर दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी।

नान में 36 हजार करोड़ से अधिक के घोटाले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। इसमें आइएएस टूटेजा को भी आरोपित बनाया गया है। रिपोर्ट दर्ज करने से पहले राज्य शासन ने आइएएस टूटेजा के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृत मांगी थी। केंद सरकार ने 17 जुलाई 2015 को अभियोजन की स्वीकृति दे दी थी। केंद्र की सहमति मिलने के बाद राज्य शासन ने चार जुलाई 2016 को टूटेजा के खिलाफ अभियोजना की कार्रवाई प्रारंभ करने अपनी सहमति दी।

केंद्र व राज्य शासन ने अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने 

केंद्र व राज्य शासन ने अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने दिसंबर 2018 में टूटेजा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। दो वर्ष की लंबी चुप्पी के बाद वर्ष 2020 में अनिल टूटेजा ने रायपुर के एडीजे कोर्ट में अभियोजन को चुनौती देते हुए इस पर रोक की मांग की। मामले की सुनवाई एडीजे लीना अग्रवाल के कोर्ट में प्रारंभ हुई। प्रकरण की सुनवाई के बाद एडीजे ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया।

निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए टूटेजा ने अपने वकील के जरिए हाई कोर्ट में याचिका पेश की व पुलिस कार्रवाई पर रोक की मांग की। जस्टिस चंद्रवंशी ने अपने फैसले में भ्रष्टाचार निषेध अधिनिम 1988 की धारा 19(3) का उल्लेख करते हुए स्थगन आदेश की मांग को खारिज कर दिया है। इसके अलावा टूटेजा ने मामले की नए सिरे से जांच के लिए दूसरी याचिका दायिर की है। इस याचिका की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने दो सप्ताह बाद का समय दिया है।

Related Articles

Back to top button