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एक्सपर्ट ने कहा- हालात सुधारे, लेकिन म्यूटेशन को रोकना सबसे बड़ी चुनौती

नई दिल्ली
दिल्ली में कोविड महामारी की वजह से उत्पन्न दिल्ली के हालात में अब सुधार तो दिख रहा है, लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि अभी कोराना गया नहीं है। अभी हालात पर सख्ती से निगरानी की जरूरत है। जहां भी नए मामले बढ़ें, वहां पर न केवल माइक्रो स्तर पर कंटेनमेंट जोन बनाने की जरूरत है बल्कि लगातार जिनोम सिक्वेसिंग भी होनी चाहिए। ताकि वायरस में म्यूटेशन का पता चल सके। एक्सपर्ट का कहना है कि वायरस के म्यूटेशन को रोकना सबसे बड़ी चुनौती है, अगर यह कर पाए तो महामारी से भी मुक्ति मिल सकती है।

सफदरजंग के कम्युनिटी मेडिसिन के एचओडी डॉक्टर जगुल किशोर ने बताया कि इस वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड 2 से 10 दिन का है। इसे डबल कर दें, तो लगभग 20 दिनों तक अगर हालात बेहतर रहते हैं, तो स्थिति नियंत्रण में कही जा सकती है। दिल्ली इस दिशा की ओर बढ़ रही है, लेकिन वायरस फैलने से रोक पाना आसान नहीं है। ऐसे में दिल्ली में मामले कम होना और दूसरे राज्यों में बढ़ते रहने का मतबल यह है कि दिल्ली भी सेफ नहीं है। इसलिए, अपने अपने स्तर पर हर स्तर पर बचाव, कोविड गाइडलाइन, कोविड बिहेवियर का पालन करना जरूरी है। पिछली बार जब महाराष्ट्र में कोरोना के मामले बढ़ रहे थे, तब दिल्ली में मामले कम थे, लेकिन, बाद में यह दिल्ली सहित पूरे देश में फैल गया। इसलिए, इस महामारी को खत्म करने के लिए सभी को एक साथ मिलकर ही काम करना होगा।

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की कम्युनिटी मेडिसिन की प्रोफेसर डॉक्टर नंदिनी शर्मा ने कहा कि वर्तमान हालात तो ठीक है, लेकिन दोबारा न बढ़े यह चुनौती है। हम सभी जानते हैं वायरस पीक पर जाकर कम होता है, यह नेचुरल है। लेकिन, वायरस में म्यूटेशन होना भी नेचुरल है। म्यूटेशन हो रहा है और लगातार हो रहा है। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि नए मामले पर नजर रखें। अगर किसी इलाके में एक ही जगह से 5-10 मामले आते हैं, तो वहां पर तुरंत माइक्रो स्तर पर कंटेनमेंट जोन बने। ऐसे सैंपल की लगातार जिनोम टेस्टिंग हो, ताकि यह पता चलता रहे कि संक्रमित मरीज में वायरस का कैसा रूप है। इसी प्रकार भीड़-भाड़ वाले इलाके में रैंडम सैंपल की जांच की जाए और पॉजिटिव सैंपल की जीनोम टेस्टिंग हो। ऐसे इलाके में लगातार रैपिड एंटीजन से जांच करते रहना चाहिए। इसके अलावा फ्लू लाइक लक्षण वाले मरीजों पर नजर रखनी चाहिए।

डॉक्टर जुगल ने कहा कि सबसे जरूरी है कि आम लोगों का व्यवहार कैसा रहता है। पिछले पीक में जो हालात थे, उसे देखते हुए लोगों को अभी इस वायरस को हल्के में नहीं लेना चाहिए। काम पर जाएं जरूर, लेकिन मास्क पहनें, दूरी बना कर रखें और भीड़ में न जाएं। अगर नियमों का पालन लोग करते रहें, तो इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। दूसरी ओर दिल्ली में बाहर से आने वाले लोगों पर भी नजर रखनी होगी, क्योंकि दिल्ली में बड़े स्तर पर लोग संक्रमित हो गए हैं और बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन की पहली डोज भी लग गई है, लेकिन कई राज्यों में अभी भी मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए बाहर से दिल्ली आने वाले माइग्रेशन पर भी नजर रखनी होगी।

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