Hamar Chhattisgarh

22 फरवरी से होगा छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र, अधिसूचना जारी

रायपुर।छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट की शुरुआत 22 फरवरी को राज्यपाल अनुसूईया उइके के भाषण से होगी। कोरोना काल में आई वित्तीय दिक्कतों के चलते इस बार कटौती का बजट पेश होगा। इसमें बेहद जरूरी योजनाओं के लिए ही बजट प्रावधान किए जाने हैं।

विधानसभा सचिवालय ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दिया है। बजट सत्र 26 मार्च तक के लिए प्रस्तावित है। इसमें कुल 24 बैठकें होंगी। इसी दिन सरकार राज्यपाल के ज्ञापन पर कृतज्ञता जताने का प्रस्ताव लेकर आएगी। अगले दिनों से उस पर चर्चा होनी है।

बताया जा रहा है कि मार्च के पहले सप्ताह में किसी दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश का वार्षिक बजट पेश करेंगे। बजट को लेकर अभी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विभागों से चर्चा जारी है।

सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना

सत्र की घोषणा से पहले ही विपक्ष खासकर भाजपा किसानों और धान खरीदी में दिक्कतों के मुद्दों को लेकर आंदोलित है। भाजपा कल राजधानी में बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है, जिसमें प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी भी शामिल होंगी। भाजपा ने इन मुद्दों को सदन में भी उठाने की घोषणा की है। वहीं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ बिरगांव में प्रतिमा विवाद पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। जकांछ वहां छत्तीसगढ़ महतारी और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की प्रतिमा लगाना चाहती है, जिसके लिए प्रशासन तैयार नहीं है। इसपर हंगामें के आसार बन रहे हैं।

इन मुद्दों पर भी टकराव

विपक्ष प्रदेश में बढ़ते अपराध, टमाटर उत्पादक किसानों को हुए नुकसान, हाथियों के आतंक, रेत की अवैध आपूर्ति, नशे के फैलते कारोबार पर भी सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं कांग्रेस भाजपा के शासनकाल से इसकी तुलना करने की कोशिश में है। इन मुद्दों पर चर्चा हुई तो सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव दिख सकता है।

मुख्यमंत्री का बजट पर विभागों के साथ मंथन जारी छत्तीसगढ़ सरकार कोरोना के मुफ्त वैक्सीनेशन के लिए अपने नए बजट में अलग से कोई प्रावधान नहीं करेगी। इस पर करीब 12 सौ करोड़ का खर्च होने थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को स्वास्थ्य और पंचायत विभागों के 2021-22 के लिए बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप देते हुए यह बात स्पष्ट कर दी है। सीएम शुक्रवार को कृषि और जलसंसाधन विभाग के बजट पर चर्चा करेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन का पूरा खर्च केंद्र उठाए। हम अपनी ओर से कोई बजट प्रावधान नहीं करेंगे। बैठक में मंत्री सिंहदेव ने कम खर्च में विकास की योजनाओं को संचालित रखने और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर प्रस्ताव रखे।

उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण जीएसटी समेत अन्य करों का लक्ष्य पूरा होने की संभावना कम है। नतीजा विभागों के बजट में भी इसका असर दिखेगा।

मुख्यमंत्री ने पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की बजट तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू, एसीएस रेणु पिल्लै, वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, वित्त विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी., पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना, सीएम के सचिव सिद्धार्थ परदेशी आदि उपस्थित थे।

सीएम बघेल ने अपने विभागों के लिए नए प्रावधानों से परहेज किया है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि कोरोना का असर कम होने और वित्तीय स्थिति सुधरने पर दूसरी तिमाही में मानसून सत्र में नए योजनाएं हाथ में ले सकते हैं।

सीएम ने बिजली को लेकर सब्सिडी की सभी योजनाएं जारी रखने को मंजूरी दी है। इनमें बिजली बिल हाफ, सिचाई पंपों के लिए कनेक्शन और बीपीएल परिवारों को 40 और 30 यूनिट फ्री बिजली शामिल है। इसके बदले करीब 2200 करोड़ रुपए सबसिडी की भरपाई सरकार करेगी।

Live Share Market

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Updates COVID-19 CASES