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डीजीपी साहब! वर्दीवाला गुंडा हो तो बेहरा जैसा, जो वर्दी का धौंस दिखा जेल भेजने की डर दिखाकर खुलेआम 10 हजार की घुस लेकर

रायगढ़: सारंगढ थाने में पदस्त पुलिसवाले कि नया नया कारनामा वर्दी के आड़ में डर का धौंस दिखाकर कभी डॉक्टर से तो कभी ट्रैक्टर ड्राइवर से हजारो,लाखों रुपये की अवैध उसूली डरा धमका कर हो या जेल भेज देने की ख़ौफ़ दिखाकर हो लेकिन रुपये लेने में इन्हें महारत हासिल है आखिर ऐसा क्यो।? सब-इस्पेक्टर हो या प्रधान आरक्षक लेकिन इनको प्रशासनिक गाज की डर तनिक भी सता नही रहा है। जी हां आपको बता दे कि हिर्री वारे क्लीनिक में 300000/- रुपये डरा धमका कर सब-इस्पेक्टर के द्वारा कायराना हरकत करने के बाद उन्हें लाइन अटैच करते हुए जांच में सत्य पाया गया तो निलंबित कर दिया गया लेकिन वैसे ही उसी थाने में पदस्त हेड कॉन्स्टेबल की लिखित शिकायत नारायण कुर्रे पीड़ित ने SDM दफ्तर सहित कलेक्टर,पुलिस कप्तान और वन रक्षक के नाम पर वन विभाग को प्रतिलिपि दिया है। जिसमे कारवाही की मांग किया है परंतु अब पीड़ित को न्याय मिलना तो सम्भावित है क्योंकि जिले में बैठे सवेंदनशील पुलिस कप्तान की कार्यशैली हमेशा से ही सैल्यूट रही है जिले में सिंह साहब जैसे पुलिस कप्तान की कार्यवाही तत्काल न्यायोचित रहती है , आशा है इसमे भी शिकायतकर्ता को न्याय ही मिलेगा।

दरअसल मामला यह था कि शिकायत कर्ता ने अपने शिकायत पत्र में दर्शाया है कि… 15 जून 2021 को समय सुबह 8:00 बजे को अपनी निजी ट्रैक्टर से ग्राम भँवरपुर,बरदरहा सिवाने के राजस्व शासकीय एवम निजी जमीन पर लात नाला के पास गिट्टी पत्थर लेने गया था। मौके पर खगेश्वर रात्रे वनरक्षक गोमर्डा अभ्यारण्य सारंगढ एवम बेहरा प्रधान आरक्षक एवं इन अन्य आरक्षक पुलिस थाना सारंगढ पहुंचकर सख्त कानूनी कार्यवाही करेंगे कहकर मुझे डराया धमकाया और अनुचित दबाव बनाकर प्रताड़ित किया गया।

यह की उस शासकीय कर्मचारियों के द्वारा अवैधानिक दबाव बनाकर और धमकाकर 25,000/- रुपये की मांग किया गया नही देने में जेल में बन्द कर देंगे और ट्रैक्टर को थाना में खड़ाकर सदा देंगे ऐसा कहकर डराया धमकाया गया। मैं भयभीत होकर 15,000/- रुपये देने पर सहमत हुआ और मेरे से प्रधान आरक्षक ने 10,000/- रुपये ले लिए। उक्त कर्मचारियों द्वारा अभी और 5,000/- रूपये की मांग कर परेशान किया जा रहा है। उक्त कर्मचारियों के द्वारा किया गया कृत्य अवैधानिक है और अधिकार क्षेत्र से बाहर है। ईंस पे सवैधानिक कार्यवाही करने के लिए पीड़ित के द्वारा वन रक्षक खगेश्वर रात्रे और प्रधान आरक्षक और एक अन्य आरक्षक के विरुद्ध जांच कर कानूनी कार्यवाही के लिए शिकायत पत्र दिया गया है। इसकी लिखित शिकायत पीड़ित नारायण कुर्रे निवासी भवँरपुर ने 17 जून को सारंगढ SDM दफ्तर में लिखित रूप से किया है।

” आखिर शासन प्रशासन कहते है कि पुलिस को पब्लिक सर्वेन्ट के लिए वर्दी दिया गया है लेकिन वर्दी धारियों ने तो आतंक मचा हुआ है जिससे ग्रामीण क्षेत्रो में आम नागरिक के बीच डर बना हुआ है। यही नही अगर ऐसे कर्मचारियों के ऊपर कारवाही नही होगा तो इनका मनोबल बढ़ता हुआ जाएगा।

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