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आ गया यूपी बोर्ड हाई स्कूल-इंटर के रिजल्ट का फॉर्म्युला, जानें कैसे प्रमोट होंगे 56 लाख परीक्षार्थी

लखनऊ
यूपी बोर्ड के 56 लाख से अधिक परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा प्रमोट करने का फॉर्म्युला रविवार को जारी कर दिया गया। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि हाईस्कूल का रिजल्ट 9वीं के 50% अंकों, 10वीं की प्री बोर्ड लिखित परीक्षा के 50% अंकों और 30% के आंतरिक मूल्यांकन में मिले वास्तविक अंकों को जोड़कर तैयार किया जाएगा। 12वीं का रिजल्ट हाईस्कूल के कुल अंकों के औसत का 50%, 11वीं के 40% और 12वीं प्री बोर्ड के 10% को जोड़कर तैयार किया जाएगा। 10वीं में आंतरिक मूल्यांकन व 12वीं में प्रैक्टिकल के वास्तविक अंक जोड़े जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल परीक्षार्थियों की मेरिट सूची नहीं जारी होगी। जो भी परीक्षार्थी चाहेंगे वह एक या सभी विषयों में अंक सुधार के लिए आगे परीक्षा दे सकेंगे। यदि किसी परीक्षार्थी के वार्षिक, अर्धवार्षिक, प्री-बोर्ड परीक्षा के अधिकतम 3 विषयों तक अंक नहीं मिल रहे हैं तो बाकी विषयों का औसत जोड़कर उन तीन विषयों के नंबर जोड़ दिए जाएंगे। वहीं, किसी परीक्षार्थी को लिखित परीक्षा में न्यूनतम पासिंग मार्क नहीं मिल पाए हैं लेकिन आंतरिक मूल्यांकन या प्रैक्टिकल में पास है तो उसे बिना किसी अंक के प्रमोट कर दिया जाएगा।

यदि किसी परीक्षार्थी के 12वीं के प्रैक्टिकल व 10वीं के आंतरिक मूल्यांकन के अंक उपलब्ध नहीं हैं तो लिखित परीक्षा के अंकों के फॉर्म्युले के हिसाब से मिले अंक के % के बराबर अंक जोड़कर प्रैक्टिकल व आंतरिक मूल्यांकन के अंक जोड़ जाएंगे। मसलन फॉर्म्युले के हिसाब से हाईस्कूल या इंटर में लिखित परीक्षा के अंक 70% हो रहे हैं तो प्रैक्टिकल का अंक भी 70% मान लिये जाएंगे।

यदि किसी परीक्षार्थी के 11वीं की दोनों परीक्षाओं या 12वीं की प्री बोर्ड के अंक नहीं हैं या किसी परीक्षार्थी के 9वीं की वार्षिक परीक्षा व 10वीं की प्री बोर्ड परीक्षा के अंक नहीं हैं तो उन्हें बिना अंक के सामान्य रूप से प्रमोट कर दिया जाएगा। इंटरमीडिएट कृषि सवंर्ग वालों के प्रमोशन का फॉर्म्युला अलग होगा।

कुल परीक्षार्थी : 56.04 लाख

हाईस्कूल : 29.94 लाख

इंटरमीडिएट : 26.10 लाख

यूं बनेगा इंटरमीडिएट रिजल्ट

नॉन प्रैक्टिकल विषय
हाईस्कूल में मिले कुल अंकों के औसत का 50%, 11वीं की वार्षिक परीक्षा के विषय विशेष के अंकों का 40% और 12वीं प्री बोर्ड परीक्षा के कुल अंकों का 10% लेकर उस विषय का रिजल्ट तैयार होगा। उदाहरण के लिए परीक्षार्थी ने कक्षा-10 की वार्षिक परीक्षा में कुल 600 में से 300 अंक प्राप्त किए हैं, तब उसके औसत अंक 300/6=50 अंक होंगे। इसमें से 50% यानी 25 अंक लिए जाएंगे। 11वीं में किसी विषय विशेष में उसे 100 अंक में से 60 अंक मिले हैं तब उसका 40% 24 अंक होंगे। इसी प्रकार प्री बोर्ड परीक्षा से कक्षा-12 में उस विषय में उसे 50 अंक मिले हैं तब उसका 10 प्रतिशत 5 अंक होंगे। इस प्रकार उसके कुल अंक 25+24+5=54 होंगे।

प्रैक्टिकल वाले विषय
हाईस्कूल के अंकों की प्रैक्टिकल के लिए स्केलिंग की जाएगी। मान लीजिए परीक्षार्थी को हाईस्कूल में 600 में कुल 300 अंक मिले हैं। 6 विषयों के आधार पर उसके औसत अंक 50 होंगे। हाईस्कूल में लिखित परीक्षा 70% अंकों पर होती है इसलिए इसकी स्कैलिंग 70% पर किए जाने पर 35 अंक होंगे। अब इसका 50% यानी 17.5 अंक जोड़े जाएंगे। 11वीं में अगर किसी विषय में 70 अंक मिले हैं तो 40% के हिसाब से 28 अंक और 12वीं में उसे 60 अंक मिले हैं तो 10% के हिसाब से उसके 6 अंक जुड़ेंगे। 12वीं में 2021 में प्रैक्टिकल में उसे 20 अंक मिले हैं तो उस विषय में उसके कुल अंक 17.50+28+6+20 = 73.50(74) होंगे।

यूं बनेगा हाईस्कूल रिजल्ट
हाईस्कूल में हर विषय की 70% अंकों की लिखित परीक्षा व 30% अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होता है। इसके रिजल्ट के लिए 9वीं के 50% अंक व 10वीं की प्री बोर्ड लिखित परीक्षा के 50% अंक लिए जाएंगे। बाकी 30% अंक इस साल की परीक्षा के आंतरिक मूल्यांकन से जुड़ेंगे। मसलन किसी परीक्षार्थी ने 9वीं की वार्षिक लिखित परीक्षा में 70 अंकों में से 60 अंक पाए हैं तो 50% के हिसाब से उसके 30 अंक लिये जाएंगे। कक्षा-10 की प्री-बोर्ड लिखित परीक्षा में 70 अंकों में से 40 अंक पाए हैं तो 50% के अनुसार उसके 20 अंक लिये जाएंगे। 2021 की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा में उसने 30 अंक में से 28 अंक पाएं हैं तो परीक्षार्थी के उस विषय में कुल अंक 30+20+28=78 होंगे।

प्राइवेट स्टूडेंट
इंटरमीडिएट का रिजल्ट हाईस्कूल के कुल औसत अंकों के 50% और 11वीं के अंकों के 50% के आधार पर बनेगा। वहीं, अगर किसी ने इंटर में एक विषय की परीक्षा दी है तो उसे 12वीं के कुल औसत अंक के आधार पर अंक दिए जाएंगे। वहीं 10वीं में फेल होने पर किसी ने प्राइवेट स्टूडेंट के तौर पर परीक्षा दी है तो उसका रिजल्ट 9वीं के 70% अंकों व 10वीं के 30% आंतरिक मूल्यांकन में मिले अंकों को जोड़कर तैयार किया जाएगा।

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