Hamar Chhattisgarh

भाजपा ने पूछा : नक्सली हिंसा या फिर कोरोना से मौतों के लिए यदि केंद्र सरकार ज़िम्मेदार है तो प्रदेश सरकार अपनी ज़िम्मेदारी कब समझेगी?

अस्पतालों के विकास की ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की है या नहीं है? क्या राज्य सरकार केवल माइनिंग और आबकारी का अवैध पैसा वसूल करने के लिए ही बनी है?

वैक्सीन के उत्पादन पर बघेल की टिप्पणी पर विधायक द्वय की चुनौती- मुख्यमंत्री यह जानकारी सार्वजनिक करें कि राज्य में कब-कब कितने-कितने वैक्सीन मिले और उनका उपयोग कितना हुआ?

मुख्यमंत्री श्वेतपत्र लाकर बताएँ कि पिछले सालभर में उन्होंने कितने अस्पतालों को अपग्रेड किया? क्या काम किया? कोरोना की माहवारी रिपोर्ट आने के बाद में उन्होंने क्या-क्या कदम उठाए?

स्वास्थ्य मंत्री हठवादिता के चलते वैक्सीन का अकारण और बचकाना विरोध करके टीकाकरण में अड़ंगा डाल लोगों के स्वास्थ्य से खुला खिलवाड़ कर रहे थे और सीएम व कांग्रेस नेता मुँह में दही जमाए बैठे थे!

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के विधायक द्वय नारायण चंदेल (पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष) और सौरभ सिंह ने प्रदेश सरकार पर अपनी ज़िम्मेदारियों से भागने और प्रदेश को संकट में डालकर अपनी नाकामियों का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ने को आरोप लगाया है। विधायक द्वय चंदेल व सिंह ने कहा कि प्रदेश में नक्सली ख़ून की होली खेलें तो केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार बताना और कोरोना संक्रमण के भयावह दौर में लोग अकाल मौत के मुँह में जा रहे हैं तो भी केंद्र सरकार पर ज़िम्मेदारी थोपने में लगी प्रदेश सरकार अपनी ज़िम्मेदारी कब समझेगी?

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क्या वह सिर्फ सियासी लफ़्फ़ाजियाँ करने, केंद्र सरकार को बात-बेबात कोसने और पैसों के लिए घूम-घूमकर प्रलाप करने के लिए सत्ता में बैठी है? चंदेल और सिंह ने कहा कि अपनी ज़िम्मेदारियों से मुँह चुराती प्रदेश सरकार को तो तुरंत सत्ता से अलग हो जाना चाहिए।

भाजपा विधायक द्वय चंदेल और सिंह ने सवाल किया कि अगर केंद्र सरकार ही हर बात के लिए ज़िम्मेदार है तो फिर यह राज्य सरकार किसलिए है? अस्पतालों के विकास की ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की है या नहीं है? क्या राज्य सरकार केवल माइनिंग और आबकारी का अवैध पैसा वसूल करने के लिए ही बनी है? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा एनडीटीवी पर यह कहे जाने पर कि वैक्सीन का उत्पादन पर्याप्त नहीं है, विधायक द्वय ने चुनौती दी कि मुख्यमंत्री यह जानकारी सार्वजनिक करें कि राज्य में कब-कब कितने-कितने वैक्सीन मिले और उनका उपयोग कितना हुआ?

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ख़ुद मुख्यमंत्री बघेल ने इतने समय बाद वैक्सीन क्यों लगाया? यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि मुख्यमंत्री ने वैक्सीन की पहली डोज कब ली? चंदेल व सिंह ने पुरज़ोर मांग की है कि मुख्यमंत्री बघेल को एक श्वेत पत्र लाना चाहिए कि पिछले सालभर में उन्होंने कितने अस्पतालों को अपग्रेड किया? क्या काम किया? कोरोना की माहवारी रिपोर्ट आने के बाद में उन्होंने क्या-क्या कदम उठाए?

भाजपा विधायक द्वय चंदेल व सिंह ने यह बेहद शर्मनाक स्थिति थी कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अपनी हठवादिता के चलते वैक्सीन का अकारण और बचकाना विरोध करके टीकाकरण में अड़ंगा डाल प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ कर रहे थे और मुख्यमंत्री बघेल समेत कांग्रेस के तमाम बयानवीर बड़बोले नेता अपने-अपने मुँह में दही जमाए बैठे थे! चंदेल व सिंह ने प्रदेश को कोरोना संक्रमण के भयावह दौर में धकेलने के लिए प्रदेश सरकार पर तीका हमला बोलते हुए मांग की कि राज्य सरकार को बताना चाहिए कि लॉकडाउन के कारण जिन लोगों की आजीविका पर एकदम प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और जो खाने के लिए दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं, उनके लिए राज्य सरकार अभी क्या कर रही है?

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आख़िर कोरोना सेस के नाम पर वसूले गए करोड़ों रुपए प्रदेश सरकार कोरोना के ख़िलाफ़ जारी ज़ंग में क्यों नहीं ख़र्च कर रही है? केवल केंद्र के पैसों का हिसाब मांगते और हर बात के लिए केंद्र सरकार पर अपनी नाकामियों का ठीकरा फोड़ते प्रदेश सरकार और कांग्रेस के नेता पहले ज़िम्मेदारी को ईमानदारी से निभाएँ। बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमितों के जो शव इकठ्ठा हो रहे हैं और खराब हो रहे हैं, क्या उनका निष्पादन भी क्या कर केंद्र सरकार करेगी?

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