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मिट्टी के घर में रहते थे रवि किशन, अखबार बेचकर मां के लिए खरीदी थी साड़ी ! – News 24

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता रवि किशन को अपनी शानदार अदाकारी के लिए जाना जाता है। अभिनेता रवि ने हिंदी फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने भोजपुरी फिल्मों का रुख किया। रवि साउथ की फिल्मों में भी अपने हुनर का डंका बजा चुके हैं।भोजपुरी फिल्मों में रवि ने अपनी दमदार अभिनय से सभी को लोहा मनवा दिया।रवि किशन का एक डायलॉग है जो काफी फेमस हुआ वो है ‘जिंदगी झंड बा फिर भी घमंड बा’ ।बता दें आमतौर पर लोग इस डायलॉग का इस्तेमाल करते है।आपको बता दें 2019 में उन्होंने बीजेपी से सांसद बनकर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया है। आज रवि किशन अपना जन्मदिन मना रहे हैं।

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कोरोंना के बढ़ते मरीजों की संख्या चिन्ता का विषय, आप सभी खुद की सुरक्षा के लिए सतर्कता और सावधानी बरतें । कोरोना मरीजों के तेजी से बढ़ते संख्या से बदल रही स्थितियों में सभी की जिम्मेदारी बनती है कि आप सहयोग की भावना से काम करें। कोराना के मरीजों के साथ आप अच्छा व्यवहार करें, परिवार के साथ संवेदना , मरीज का उत्साह बढ़ाने के साथ ही परिवारजनों की सुरक्षा का विशेष खयाल शासन और जनता द्वारा रक्खा जाए । साथियों! मै रवि किशन आप के सांसद के तौर पर अपने अति प्रिय गोरखपुर महानगर और जनपद के नागरिकों से एक अपील करना चाहता हूं कि पिछले 1 हफ्ते से तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मरीजों की संख्या को देखते हुए बढ़ते महानगर में हॉटस्पॉट सेंटर और गोरखपुर महानगर के तीन थानों में 17 तक जारी लाक डॉउन की स्थिति में मैं अपने लोकसभा गोरखपुर की सम्मानित जनता को लगातार मरीजों की संख्या में वृद्धि के आंकड़े को देखते हुए आग्रह करता हूं कि जिस प्रकार से पिछले 3 दिनों में कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है, स्थितिया अनुकूल नहीं है, और आगे भी यह जारी रहेगी इससे भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में आप सभी की थोड़ी भी लापरवाही आप के लिए एक गम्भीर हालात उत्पन्न कर सकती है। इस स्थिति में बेहतर होगा कि हम सब सावधानी के साथ, सरकार और शासन के निर्देशानुसार सुरक्षा के लिए दिए गए निर्देशों का पालन करें। साथ ही यह भी आग्रह है कि गोरखपुर महानगर में कोरोनावायरस जिस क्षेत्र में भी पाए जा रहे हैं, वहां निवास करने वाले पड़ोसियों से मोहल्ले वासियों से भी निवेदन है कि मरीज और परिवार के साथ किसी प्रकार से अनुचित व्यवहार न करें, उनका उत्साह बढ़ाने के साथ ही उनके साथ ठीक प्रकार के व्यवहार करें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि उनके परिवार का या मरीज का मनोबल कम हो, उनका सहयोग करें और उत्साहित करें कि आप स्वस्थ होगे और हम सब आप के साथ है, यह एक गंभीर चुनौती के समय में अच्छी पहल होगी। आज सरकार और शासन की तरफ से पूरी तत्परता के साथ सभी संसाधनों से मिलकर सहयोग की भावना के साथ वैश्विक महामारी में कार्य किया जा रहा है । हमारे कोरोना योद्धा, डॉक्टर, पुलिस, सुरक्षा कर्मी, सफाई कर्मी हमारे माननीय पार्षद, कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, इस वैश्विक संकट की घड़ी पूरी मजबूती के साथ अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि स्थितियां जो उत्पन्न हुई है बदलेगी, व्यवस्था अपने सामान्य स्थितियों में आएगा, आपका जीवन समाज के लिए, हम सब लोगो के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, किसी भी प्रकार से लापरवाही

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उनका जन्म उत्तर प्रदेश के जौनपुर में 17 जुलाई को हुआ था। भले ही आज रवि किशन एक जाने-माने एक्टर बन चुके हैं लेकिन उनका यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। रवि का शुरुआती जीवन काफी गरीबी में बीता है। इस खास मौके पर रवि किशन की निजी जिंदगी के बारे में बात करते हैं।गौरतलब है रवि किशन के पिता मुंबई के सातांक्रूज इलाके में दूध का व्यापार किया करते थे। पिता चाहते थे कि रवि भी इसी काम को करें, लेकिन बाद में उनकी डेयरी बंद हो गई।इसके बाद पूरा परिवार जौनपुर चला गया। वहां जाकर उनकी आर्थिक स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई। पूरा परिवार एक मिट्टी के घर में रहता था। एक इंटरव्यू में रवि ने कहा था कि उनके पास इतने पैसे भी नहीं होते थे कि वह किसी त्योहार पर अपनी मां के लिए एक साड़ी खरीद सकें।

रवि ने बताया कि वह एक बार अपनी मां के लिए साड़ी खरीदना चाहते थे, लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे।उन्होंने तीन महीने तक अखबार बेचने का काम किया। पैसे जमा करके जब उन्होंने अपनी मां को 75 रुपए की साड़ी लाकर दी तो उनकी मां इतना गुस्सा हुई कि उन्हें थप्पड़ मार दिया।जब मां ने गुस्से में पूछा कि साड़ी खरीदने के पैसे उनके पास कहां से आए तो उन्होंने रोते हुए बताया कि उन्होंने अखबार बेचकर पैसे जमा किए थे। यह बात सुनकर उनकी मां उन्हें गले लगाकर बहुत रोई थीं।रवि के एक्टिंग के शौक पर उनके पिता ने एक बार उनकी बेल्ट से भी पिटाई की थी।

रवि ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा भी था कि अगर उनके पिता उन्हें बेल्ट से नहीं मारते तो वह गुंडा या फिर पुरुष सेक्स वर्कर बन जाते। रवि ने बताया कि यदि पिता ने नहीं मारा होता तो मैं ड्रग एडिक्ट हो गया होता। वह कहते थे कि लड़कियों के पीछे मत भागो। हमेशा एक ही औरत के बनकर रहो।

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