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जितिन प्रसाद और एके शर्मा बनेंगे मंत्री? दिल्ली से लौटते ही योगी कैबिनेट की बदलेगी तस्वीर!

लखनऊ
यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कैबिनेट विस्तार लगभय तय माना जा रहा है। चर्चा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के दिल्ली से वापस लौटते ही इसे अंजाम दिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी अरविंद शर्मा और कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए जितिन प्रसाद को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है।

बीजेपी हाई कमान की तरफ से योगी आदित्यनाथ को दिल्ली बुलावे के बाद ही यूपी के सियासी गलियारों में कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज है। गुरुवार को सीएम योगी ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। आज वह पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि जेपी नड्डा के साथ मीटिंग में कैबिनेट विस्तार पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

संभावित कैबिनेट में इन्हें मिल सकती है जगह
संभावित कैबिनेट विस्तार में एमएलसी अरविंद शर्मा के अलावा अपना दल से अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल और निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद समेत 6 को जगह दी जा सकती है। डेप्युटी सीएम केशव मौर्या का कद भी बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा ब्राह्मण वोट साधने के लिए महेंद्र नाथ पांडेय और कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए जितिन प्रसाद को भी मंत्रालय सौंपा जा सकता है। यूपी में चार एमएलसी सीटें खाली हो रही हैं, इन पर भी चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में चर्चा है कि जितिन प्रसाद को इसके लिए दावेदार बनाया जा सकता है।

राजभर को लाने के भी चल रहे थे प्रयास
यह भी चर्चा थी कि पिछड़ा वर्ग की नाराजगी दूर करने के लिए बीजेपी ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर से भी संपर्क किया था लेकिन राजभर ने बीजेपी को डूबती नैया बताते हुए इसमें सवार होने से इनकार कर दिया।

अरविंद शर्मा को लेकर योगी-केंद्र में हुई थी अनबन!
ब्यूरोक्रेसी से राजनीति में आए अरविंद शर्मा को कैबिनेट में बड़ा पद दिए जाने की चर्चा पिछले कई दिनों से चल रही है। पहले यह कहा जा रहा था कि सीएम योगी आदित्यनाथ उन्हें लेकर सहज नहीं हैं हालांकि हाई कमान के साथ बैठक के बाद बात बनती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, मैराथन चर्चाओं का मतलब है कि जातिगत समीकरण को ध्यान में रखकर राज्य मंत्रिमंडल में विस्तार हो।

पंचायत चुनाव में झटके से मिला सबक
हाल ही के पंचायत चुनावों में कई जगह बीजेपी को मिली हार का भी यही सबक है कि सभी जातियों, खासकर ब्राह्मणों को भी सम्मान और प्रतिनिधित्व मिले। अफसरशाही पर अधिक निर्भरता कम हो और पार्टी के लोगों के साथ संतुलन बनाकर रखा जाए। मालूम हो कि यूपी में पिछले कुछ आरएसएस और बीजेपी के पदाधिकारियों की लगातार बैठके चल रही थीं।

मंत्रिमंडल विस्तार, खाली पद भरे जाएंगे
सूत्रों के अनुसार, यूपी में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार होगा और आयोग-निगमों में खाली पद भरे जाएंगे। मंत्रिमंडल में सात सीटें खाली हैं, जिन पर अब तक खुद को उपेक्षित बताने वाली अपना दल (एस) और निषाद पार्टी भी दावेदारी जता रही है। दोनों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी एक सीट के साथ आयोग और निगमों में अपने कार्यकर्ताओं का नॉमिनेशन चाहिए। आयोग-निगमों में अल्पसंख्यक आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग और अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्षों को मिलाकर करीब 110 पद खाली हैं।

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