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मोदी और उद्धव की गर्मजोशी देख पवार ने कह दी ठाकरे-इंदिरा वाली बात

मुंबई
एनसीपी अध्‍यक्ष शरद पवार ने उम्‍मीद जताई है कि महाराष्‍ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। पवार ने शिवसेना की तारीफ करते हुए कहा कि उस पर विश्‍वास किया जा सकता है। पवार गुरुवार को एनसीपी के 22वें स्‍थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे। लेकिन राजनीतिक जानकार सामान्‍य से लगने वाले पवार के इन बयानों के गहरे सियासी मायने न‍िकाल रहे हैं।

मंगलवार (8 जून) को महाराष्‍ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने दिल्‍ली जाकर पीएम मोदी से मुलाकात की थी। उनके साथ अजित पवार और आशोक चव्‍हाण भी थे लेकिन इसके बाद उद्धव और मोदी की कुछ देर अलग भी बैठक हुई। इस वन टू वन मुलाकात के बाद ही राजनीतिक अटकलें लगनी लगीं।

उद्धव बोले थे- संबंध कायम हैं बैठक के बाद जब ठाकरे से पूछा गया कि किस मुद्दे पर पीएम मोदी से बात हुई तो ठाकरे बोले, ‘मैं कोई नवाज शरीफ से मिलने नहीं गया था। अगर मैं उनसे व्‍यक्तिगत तौर पर मिला तो इसमें गलत क्‍या है?’ ठाकरे ने यह भी जोड़ा, ‘राजनीतिक तौर पर तो हम उनके साथ नहीं हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है क‍ि हमारा संबंध टूट गया है।’

इसके बाद महाराष्‍ट्र की गठबंधन सरकार के भविष्‍य पर सवाल उठने लगे। गुरुवार को शरद पवार ने इन्‍हीं आशंकाओं को खारिज किया। लेकिन उन्‍होंने जो कहा राजनीति के विश्‍लेषक उस पर ज्‍यादा जोर दे रहे हैं।

शरद पवार ने दिलाया भरोसा शरद पवार ने संकेत दिया कि गठबंधन के तीनों दल शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस 2024 के चुनावों में साथ लड़ सकते हैं। उन्‍होंने कहा, ‘महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस) अगले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करेगा।’

याद दिलाया बालासाहब का वादापवार ने कहा, ‘ऐसा संशय पैदा किया जा रहा है कि राज्य सरकार कितने समय तक चल पाएगी। लेकिन शिवसेना ऐसा दल है जिस पर भरोसा किया जा सकता है। बालासाहब ठाकरे ने इंदिरा गांधी के प्रति अपने वचन का सम्मान किया था। सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और अगले लोकसभा तथा विधानसभा चुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन करेगी।’

शिवसेना के साथ अपने संबंधों पर पवार ने कहा, ‘हमने अलग-अलग विचारधाराओं वाले दलों की सरकार बनाई। हमने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन शिवसेना के साथ सरकार बनाएंगे क्योंकि हमने कभी मिलकर काम नहीं किया था। लेकिन अनुभव अच्छा है और तीनों दल कोविड-19 महामारी के दौरान मिलकर बेहतर काम कर रहे हैं।’

पवार ने लंबे रिश्‍ते की ओर किया इशाराअसल में इमरजेंसी के दौरान बाल ठाकरे ने इंदिरा गांधी को दिया अपना वचन निभाया था और कांग्रेस के ख‍िलाफ कोई चुनाव नहीं लड़ा था। शरद पवार शिवसेना की इसी ऐतिहासिक वचनबद्धता को याद कर रहे थे। अप्रत्‍यक्ष तौर पर वह शिवसेना को यह याद दिला रहे थे। इसके अलावा 2024 के चुनावों की चर्चा करके वह शिवसेना के साथ इस रिश्‍ते के लंबे चलने की उम्‍मीद भी जता रह थे।

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