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ये लखनऊ का अस्पताल है! तीमारदारों को बदबूदार पानी, रैनबसेरा पर कुत्तों का कब्जा

हेमेन्द्र त्रिपाठी, लखनऊ
लखनऊ में कोरोना महामारी के फैलते संक्रमण के बीच योगी सरकार की ओर से राजधानी के सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता को लेकर तेजी से निर्देश दिए जा रहे थे। इसके बावजूद लखनऊ के सरकारी अस्पतालों की खस्ता हालत प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। कोरोना की दूसरी लहर के खत्म होते ही लखनऊ के वीरांगना अवंतीबाई अस्पताल में सरकारी आदेशों को तांक पर रखकर संक्रमण को दुबारा चुनौती देने की तैयारी की जा रही है। अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों के लिए न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही उनके ठहरने का कोई इंतजाम है। ऐसे में हफ्ते-हफ्ते भर तक भसर्टी मरीजों के तीमारदारों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

टंकियों में भरा गंदा पानी पीने को मजबूर तीमारदार
लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र स्थित वीरांगना अवंती बाई महिला चिकित्सालय पूर्ण रूप से महिलाओं का अस्पताल कहा जाता है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के आखिरी पड़ाव पर पहुंचते ही अस्पताल की अवस्थाएं निकल कर सामने आने लगी हैं। अस्पताल में हफ्ते-हफ्ते भर से भर्ती महिलाओं के तीमारदारों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। मरीजों के तीमारदारों को भीषण गर्मी के बीच अस्पताल में मौजूद पानी की टंकियों में भरे गंदे पानी को पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

सामने आई तस्वीरों के मुताबिक, अस्पताल के बाहर बने प्रांगण में तीमारदारों के लिए दो जगह पानी की व्यवस्था की गई है, जिनमें से भीषण गर्मी के चलते हमेशा गर्म पानी निकलता रहता है। इतना ही नहीं, टंकियों के आस-पास बेहद गंदगी रहती है, जिस वजह से वहां दुर्गंध भी आती है। ऐसी स्थिति में तीमारदार पड़ोस में बने बलरामपुर अस्पताल से पानी लाने के लिए मजबूर हैं। तीमारदारों का कहना है कि दूसरे अस्पताल में पानी लेने के दौरान भी कई दिक्कतों का सामने आती हैं क्योंकि बलरामपुर अस्पताल कोविड अस्पताल में बदल दिया गया है, जिस वजह से अस्पताल के भीतर बाहरी लोगों को प्रवेश करने की बिल्कुल भी इजाजत नहीं है ऐसे में गरीबी की हालत में भी बाहर से दुगने दाम पर पानी की बोतलें खरीदनी पड़ती हैं।

अस्पताल के रैन बसेरा में तीमारदारों की जगह आराम फरमा रहे आवारा कुत्ते
अस्पतालों के भीतर तीमारदारों को ठहराने के लिए रैन बसेरा की व्यवस्था की जाती है लेकिन लखनऊ के वीरांगना अवंती बाई अस्पताल यानि डफरिन अस्पताल में बने रैन बसेरा में तीमारदारों की जगह आवारा कुत्ते आराम फरमा रहे हैं। इतना ही नहीं, रैन बसेरा में आवारा कुत्तों के साथ-साथ जमीन पर हर जगह गंदगी फैली हुई है। जिस वजह से तीमारदार तेज धूप होने के बावजूद भारी गर्मी में अस्पताल के बाहर बने खुले प्रांगण में तपती जमीन पर बैठने के लिए विवश हैं। तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल के प्रांगण में स्विच बोर्ड और पंखे का भी इंतजाम नहीं किया गया है।

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