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BJP को रास नहीं आया उद्धव का अनलॉक प्लान, बोली- गाइडलाइंस से फैलेगी अव्यवस्था

मुंबई
कोरोना वायरस का संक्रमण महाराष्ट्र में कम होने लगा है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने साप्ताहिक संक्रमण दर और ऑक्सिजन बेड की उपलब्धता के आधार पर राज्य में लागू प्रतिबंधों में ढील देने के लिए पांच-स्तरीय योजना की घोषणा की है। वहीं महाराष्ट्र बीजेपी को उद्धव सरकार की योजना रास नहीं आई है। बीजेपी नेता प्रवीण दारोकर ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से घोषित ‘अनलॉक’ गाइडलाइंस में तमाम विसंगतियां हैं और इससे अव्यवस्था फैलेगी।

दरअसल महाराष्ट्र सरकार ने कोविड-19 की वजह से लागू पाबंदियों में ढील देने के लिए शुक्रवार देर रात को पांच स्तरीय योजना की घोषणा की। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष दारेकर ने कहा कि मध्य रात्रि को जारी अधिसूचना में तमाम विसंगतियां हैं। उन्होंने कहा कि पांच श्रेणी या स्तर वाली योजना जटिल है और इससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। बीजेपी नेता ने कहा कि यह ढुलमुल तरीके से तैयार अधिसूचना है जिसे बिना उचित योजना के घोषित किया गया है। संक्रमण दर और भरे हुए ऑक्सिजन युक्त बेडके आंकड़े मेल नहीं खाते। मुंबई के लिए घोषित नियम में भी विसंगतियां हैं। इन्हें लागू करने से अव्यवस्था फैलेगी।

पांच प्रतिशत से कम संक्रमण वाले पहले फेज में
अधिसूचना के मुताबिक जिन इलाकों में संक्रमण दर पांच प्रतिशत से कम है और वहां मौजूद ऑक्सिजन युक्त बेड 25 प्रतिशत या उससे कम भरे हैं, उन्हें पहली श्रेणी में रखा गया है और ऐसे इलाकों को पूरी तरह से खोला जा सकता है। वहीं, पांचवी श्रेणी में उन इलाकों को रखा गया है जहां पर संक्रमण दर 20 प्रतिशत से अधिक है और ऐसे इलाकों में केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानें ही खोली जा सकेंगी जबकि कार्यालयों को भी केवल 15 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ ही खोला जा सकेगा।

50 प्रतिशत क्षमता से खुलेंगे मॉल, थिएटर, मल्टीप्लेक्स
अधिसूचना के तहत, कोई कर्फ्यू या निषेधाज्ञा लागू नहीं होगा और कोई ई-पास की आवश्यकता नहीं होगी जब तक कि यात्रा उन शहरों या जिलों के लिए न हो जो पांचवीं श्रेणी के अंतर्गत आते हैं (जहां संक्रमण दर 20 प्रतिशत से अधिक है और ऑक्सिजन बेड क्षमता 75 प्रतिशत से अधिक है)। दूसरी श्रेणी में जिन शहरों और जिलों में संक्रमण दर पांच फीसदी और 25 से 40 फीसदी ऑक्सिजन बेड पर मरीज है, वहां जरूरी और गैर जरूरी दुकानों को नियमित समय के मुताबिक खोलने की इजाजत होगी, लेकिन मॉल, थिएटर, मल्टीप्लेक्स, सभागार और रेस्तरां 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्य करेंगे।

लोकल ट्रेनों में सीमित प्रवेश
अधिसूचना के अनुसार, लोकल ट्रेनों में सीमित प्रवेश होगा और इसकी अनुमति केवल मेडिकलऔर जरूरी सेवाओं में काम करने वालों के लिए होगी। सार्वजनिक स्थान और निजी कार्यालय खोले जा सकते हैं। सामाजिक और राजनीतिक सभाओं को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ अनुमति दी जाएगी। इन जिलों में कर्फ्यू के आदेश यथावत रहेंगे। जिम, सैलून आदि 50 फीसदी क्षमता के साथ खुल सकते हैं।

मॉल और मल्टीप्लेक्स रहेंगे बंद
तीसरी श्रेणी के तहत प्रतिबंधों में ढील उन जगहों पर लागू होगी जहां संक्रमण दर पांच प्रतिशत से 10 प्रतिशत है और ऑक्सिजन बेड पर मरीजों के भर्ती होने की दर 40 प्रतिशत से अधिक है। ऐसे स्थानों पर आवश्यक दुकानें शाम चार बजे तक खुली रह सकती हैं, जबकि गैर-जरूरी दुकानें केवल कार्यदिवसों में शाम चार बजे तक खुली रह सकती हैं। मॉल और मल्टीप्लेक्स बंद रहेंगे और सप्ताह के दिनों में शाम चार बजे तक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ रेस्तरां खुल सकते हैं। खाने के पार्सल, टेकअवे और होम डिलीवरी की सुविधा जारी रहेगी। मेडिकल और आवश्यक कर्मचारियों के लिए लोकल ट्रेनों में यात्रा की अनुमति रहेगी। कार्यालय 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कर सकते हैं।

केवल भोजन पार्सल और टेकअवे की अनुमति
चौथी श्रेणी उन जगहों के लिए है जहां संक्रमण दर 10 से 20 फीसदी और ऑक्सिजन बेड भर्ती 60 फीसदी से ज्यादा है। वहां आवश्यक दुकानें शाम चार बजे तक खुली रहेंगी। केवल भोजन पार्सल और टेकअवे की अनुमति होगी और लोकल ट्रेनों में केवल चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं के कर्मियों को यात्रा की अनुमति होगी। सार्वजनिक स्थान खुले रहेंगे, लेकिन वे सप्ताहांत पर बंद रहेंगे। पांचवी श्रेणी में जहां संक्रमण दर 20 फीसदी से ज्यादा और ऑक्सीजन बेड पर 75 फीसदी से ज्यादा मरीज हैं, वहां शाम चार बजे तक सिर्फ जरूरी दुकानें खुली रहेंगी और कार्यालय में 15 फीसदी उपस्थिति रहेगी।

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