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बाइक बोट घोटाले में लखनऊ से 130 बाइकें बरामद, 2 हिरासत में

लखनऊकरोड़ों रुपये के बाइक बोट घोटाले में लखनऊ पुलिस ने कैंट व मोहनलालगंज में एक गोदाम और निगोहां इलाके में एक घर में छापेमारी करके 130 से अधिक बाइकें बरामद की हैं। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि इस मामले बाइक बोट की फ्रेंचाइजी लेने वाले व उसके साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पता कर रही है कि आरोपियों ने कहीं और भी तो बाइकें छिपाकर नहीं रखी हैं।

फ्रॉड कंपनी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड का हेड ऑफिस नोएडा में था। कंपनी के खिलाफ दिल्ली और नोएडा समेत अन्य जिलों में एफआईआर हुई है। आरोप है कि कंपनी ने ढाई लाख से अधिक लोगों से 42 हजार करोड़ रुपये की ठगी की है। पुलिस के मुताबिक, कंपनी ने बाइक बोट स्कीम में लोगों से निवेश करवा कर अच्छा रिटर्न देने का झांसा दिया था। शुरुआत के कुछ महीने लोगों को रिटर्न भी मिला था। दो-तीन महीने बाद कंपनी ने रिटर्न देना बंद कर दिया।

पीजीआई इलाके के पीड़ित ने दर्ज करवाई थी रिपोर्ट
लखनऊ में पीजीआई के बरौना इलाके में रहने वाले अनूप चौहान ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि वर्ष 2018 में उनको कैंट निवासी अमित अग्रवाल ने बाइक बोट कंपनी गर्वित इनोवेटिव में निवेश करने का प्रलोभन दिया था। वह खुद को कंपनी जुड़ा बताता था। उसने जानकारी दी थी कि कंपनी का मुख्यालय नोएडा में है।

बातचीत में अमित ने अनूप को बताया था बाइक टैक्सी की तरह ही कंपनी बाइक बोट चलाती है। एक बाइक बोट के लिए 62,100 रुपये का निवेश करने की बात कही थी। झांसा दिया था कि बदले में कंपनी 1,16,400 रुपये किश्तों में निवेशक को देगी। आरोपित अमित की बातों में आकर अनूप ने इस बारे में अपने साथियों को बताया था। इसके बाद अमित और उनके कुछ साथियों ने मिलकर लाखों रुपये कंपनी की स्कीम में निवेश किए थे।

कंपनी ने दो माह में 9700 रुपये का भुगतान किया था। फिर रुपये देने बंद कर दिए थे। ठगी का अहसास होने पर अनूप ने कंपनी के सीएमडी संजय भाटी, निदेशक विजय पाल कासना और प्रतिनिधि अमित अग्रवाल के खिलाफ पीजीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

चोरी की बाइकों की सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन के मुताबिक कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कैंट, मोहनलालगंज और निगोहां इलाके में काफी संख्या में चोरी की बाइक छिपाकर रखी गईं हैं। इस सूचना के आधार पर कई टीमें बनाई गईं। पुलिस टीमों ने कैंट बिल्डिंग, मोहनलालगंज के भावाखेड़ा गांव में हाईवे के किनारे बने कुलदीप शुक्ला के गोदाम और निगोहां में ब्रह्मदासपुर स्थित उसके घर पर एक साथ छापेमारी की। छापेमारी में पुलिस को पता चला कि बरामद बाइकें चोरी की नहीं बल्कि बाइक बोट घोटाले की हैं।

ईओडब्लयू को पुलिस ने दी बरामदगी की सूचना
डीसीपी के मुताबिक बाइकें कारोबारी अमित अग्रवाल और कुलदीप शुक्ला के गोदामों और घर से बरामद हुईं। इस लिए कैंट निवासी कारोबारी अमित अग्रवाल और निगोहां निवासी उसके साथी कुलदीप शुक्ला को हिरासत में ले लिया गया। दोनों ने पूछताछ में बताया कि उन लोगों के पास बाइक बोट की फ्रेंचाइजी थी। घोटाले का खुलासा होने पर उन लोगों ने बाइकें छिपाकर रख ली थीं। आरोपित इन बाइकों से बाइक बोट हटवाकर उन्हें बेचने की जुगत में लगे हुए थे। पुलिस इस बारे में पता कर ही है कि कहीं आरोपियों ने कुछ बाइकें बेंच तो नहीं दीं। डीसीपी संजीव सुमन का कहना है कि ईओडब्ल्यू को बाइकों की बरामदगी और दो आरोपियों को हिरासत में लिए जाने के बारे में सूचना दे दी गई है। पुलिस बाइकों और दोनों आरोपियों को भी ईओडब्ल्यू के सुपुर्द कर देगी।

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