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सुशील की जेल में ऐसी कटी पहली रात, डर से खाना नहीं खाया, बैरक में काटे चक्कर

नई दिल्ली
खेल जगत की हस्ती अब हत्या के जुर्म में सलाखों के पीछे पहुंच गया है। सुशील को बुधवार रात मंडोली ले जाया गया। जेल संख्या-15 में रखा गया है। फिलहाल उसे 14 दिन अन्य कैदियों से अलग क्वारंटीन कर दिया गया है। जेल प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, देर रात जेल पहुंचने पर सुशील के चेहरे की हवाइयां उड़ी थीं। हक्का-बक्का होकर वह जेल की हर तरफ देख रहा था। जेल पहुंचने पर सुशील काफी डरा हुआ था। सूत्रों का कहना है कि सुशील गैंगस्टरों से डर की वजह से जेल जाने से कतरा रहा था। डर के कारण वह सो नहीं पा रहा था।

सूत्रों का कहना है उसका दुश्मन लारेंस बिश्नोई इन दिनों दिल्ली में ही है। वह स्पेशल सेल की कस्टडी में था। उसे अजमेर जेल से तमाम सुरक्षा बंदोबस्त के बीच दिल्ली लाया गया था। मंगलवार को लॉरेंस बिश्नोई की रिमांड खत्म हुई थी। अभी वह दिल्ली की जेल में ही बंद है। इस बात की भनक सुशील पहलवान को लग गई है। उसे यह भी पता चल गया कि बुधवार को जब वह मंडोली जेल में कदम रख रहा था, उससे एक दिन पहले ही उसका कट्टर दुश्मन लॉरेंस बिश्नोई भी दिल्ली की जेल में पहुंच चुका है। हालांकि सुरक्षा कारणों से लॉरेंस बिश्नोई के बारे यह जानकारी नहीं दी जा रही कि वह किस जेल में है।

सूत्रों का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई को मंगलवार को ही मंडोली जेल में भेजा गया है। हाल ही में काला जठेड़ी-लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ स्पेशल सेल ने मकोका के तहत केस दर्ज किया है। काला जठेड़ी के ममेरे भाई सोनू महल को भी सुशील ने पीटा था। इसके चलते सुशील ने काला जठेड़ी-लॉरेंस बिश्नोई गैंग से अपनी जान को खतरे की आशंका भी जताई है। रात को जेल का खाना दिया गया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, उसने खाने से मना कर दिया। जेल संख्या-15 पहुंचने से पहले सुशील को जिस अलग जगह पर रखा गया है, उसे सैनेटाइज कराया गया। सुशील के साथ शामिल रहे सभी आरोपियों को इसी जेल में रखा गया है। बताया जा रहा है कि सुशील ने अपने लिए सैनेटाइजर, मास्क के साथ ही इम्यून बूस्टर की डिमांड की। वह अपने बैरक में ही चक्कर काटता रहा। करवटें लेता रहा। जेल प्रशासन का कहना है कि सुशील को तमिलनाडु पुलिस की सुरक्षा में रखा गया है। उस पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है।

छत्रसाल स्टेडियम हत्या मामले में गवाह को सुरक्षा देने का आदेश
उधर, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा है कि वह ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार से जुड़े हत्या मामले में एक गवाह को गवाह सुरक्षा योजना 2018 के तहत सुरक्षा प्रदान करे। जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने गवाह से कहा कि वह एक हफ्ते के भीतर दिल्ली सरकार को आवेदन दे और उक्त योजना के तहत सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग करे। उन्होंने सक्षम प्राधिकार से कहा कि आवेदन मिलने के बाद एक हफ्ते के भीतर उस पर फैसला लें। तब तक दिल्ली पुलिस गवाह को सुरक्षा मुहैया कराएगी। इस निर्देश के साथ अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया। याचिका में व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में जब यह घटना हुई थी उस समय सुशील कुमार ने उनकी भी पिटाई की थी। सुशील कुमार और उसके सहयोगियों ने संपत्ति को लेकर विवाद पर चार और पांच मई की दरम्यानी रात स्टेडियम में सागर धनखड़ और उसके दो दोस्तों सोनू महाल और अमित कुमार से कथित तौर पर मारपीट की थी। धनखड़ की बाद में मौत हो गई। सुशील कुमार को 23 मई को गिरफ्तार किया गया था। अब वह न्यायिक हिरासत में हैं।

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