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निषादों ने ललकारा, बिहार ही नहीं…यूपी में 'सन ऑफ मल्लाह' की VIP ने मारी एंट्री, क्या मायने

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए जोर-आजमाइश तेज हो गई है। असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी पहले ही चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी हैं। इस बीच बिहार की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) भी यूपी में सक्रिय हो गई है। बताते चलें कि बिहार में जेडीयू-बीजेपी की गठबंधन सरकार में मुकेश सहनी की वीआईपी सहयोगी की भूमिका में है।

निषादों ने ललकारा है बिहार ही नहीं…
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार में पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मुकेश सहनी शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे। उन्होंने विपुल खंड (गोमतीनगर) में पार्टी का प्रदेश कार्यालय शुरू किया। कार्यकर्ताओं को यूपी के पार्टी को मजबूत करने का संकल्प भी दिलाया। सन ऑफ मल्लाह के नाम से चर्चित मुकेश सहनी के एयरपोर्ट पहुंचने पर ‘आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं’ और ‘निषादों ने ललकारा है बिहार ही नहीं उत्तर प्रदेश भी हमारा है’ के के नारे लगाए गए। सहनी ने कहा कि अगर हम मजबूत होते हैं तो हमारा समाज आगे बढ़ेगा।

विकासशील इंसान पार्टी का प्रदेश कार्यालय शुरू
यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले छोटे दलों की सक्रियता बढ़ गई है। इससे पहले मुकेश सहनी का अमौसी एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी लौटन राम निषाद, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजाराम, राष्ट्रीय महासचिव रमेश केवट, युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष साहनी, राष्ट्रीय सचिव कमलेश केवट सहित पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश के नेता मौजूद थे।

बीजेपी के साथ गठबंधन के लिए रखी शर्त
मुकेश सहनी की वीआईपी बिहार में जेडीयू और बीजेपी की एनडीए गठबंधन सरकार में पार्टनर है। बिहार में 2020 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत वीआईपी को 11 सीटें मिली थीं। इनमें से पार्टी ने 4 सीटें जीतीं और मुकेश सहनी को नीतीश कैबिनेट में जगह मिली। आरक्षण नहीं, गठबंधन नहीं के नारे के साथ मुकेश सहनी यूपी में बीजेपी के लिए चुनौती खड़ी कर रहे हैं। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में सहनी ने कहा, ‘बीजेपी के साथ किसी अलायंस पर तभी फैसला लिया जाएगा जब निषादों को आरक्षण की हमारी मांग पूरी की जाएगी। बिहार में निषादों की आवाज उठाने वाला कोई नहीं था। इसी तरह यूपी में भी निषादों के मुद्दों को उठाने वाला कोई नहीं है।’

‘अभी 150 सीटों पर बढ़ाएंगे वोट बेस’
जब मुकेश सहनी से संजय निषाद की निषाद पार्टी की यूपी में मौजूदगी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा था तो उन्हें लोकसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी के टिकट पर और उससे पहले समाजवादी पार्टी के टिकट पर अपने बेटे को नहीं लड़ाना चाहिए था।’ हालांकि सहनी ने यह भी कहा कि संजय निषाद से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है, क्योंकि दोनों लोग एक ही मुद्दे के लिए लड़ रहे हैं। यूपी में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या बीएसपी से अलायंस की संभावना पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में अक्टूबर के बाद फैसला होगा। तब तक के लिए 150 विधानसभा सीटों पर फोकस करते हुए हम पार्टी का वोट बेस बढ़ाएंगे।

(टाइम्स ऑफ इंडिया से मिले इनपुट के साथ)

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