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ऑन डिमांड पर लैपटॉप से अनलॉक कर चुराते थे लग्जरी गाड़ियां, यूपी पुलिस भी हैरान

लखनऊजम्प स्टार्टर हाई पावर डिवाइस, गाड़ी का लॉक खोलने वाली ऑडियो टूल किट और लैपटॉप में मौजूद सॉफ्टवेयर के जरिए स्टेयरिंग का लॉक खोल कर लग्जरी कारें चोरी करने वाले गिरोह के सरगना एटा के रहने वाले दीपक सिंह उर्फ बल्ले को गाजीपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हाइटेक चोरों के इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी कई लग्जरी कारें चोरी कर चुके हैं।

पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक, कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि इलाके में हाइटेक तरीके से लग्जरी कारें चोरी करने वाले गिरोह सदस्य शहर में सक्रिय हैं।

कई दिनों से पुलिस ट्रेस कर रही थी गिरोह को
पुलिस गिरोह को लगातार ट्रेस कर रही थी। पड़ताल के दौरान गिरोह के सरगना एटा निवासी दीपक सिंह उर्फ बल्ले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से पुलिस टीम ने विभूतिखंड इलाके से चोरी की गई एक आई-20 कार बरामद की। पकड़े गए आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं।

गिरोह के सदस्य पहले सीखते हैं कारों को खोलने का तरीका
पकड़े गए गिरोह के सरगना दीपक ने पुलिस को बताया कि उसके दो साथियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स का कोर्स किया हुआ है। दोनों लोग कारों की कंपनियों में भी काम कर चुके हैं, जिसके चलते उन्हें कारों के हाइटेक लॉक खोलने का तरीका पता है।

इसके अलावा कोई नई कार मार्केट में आती है तो आरोपित शोरूम में कार खरीदने के बहाने जाते हैं। इसके बाद कार के सिक्यॉरिटी सिस्टम की जानकारी लेकर उसे खोलना व स्टार्ट करने की सभी जानकारियां जुटा लेते थे।

ऑन डिमांड चोरी करते थे कार
इंस्पेक्टर गाजीपुर अनिल कुमार के मुताबिक पकड़े गए आरोपित ने बताया कि उसका गिरोह ऑन डिमांड लग्जरी कारें चोरी करता था। अधिकतर सफेद कारों की डिमांड आती है। इस लिए गिरोह के सदस्य सफेद कारें सबसे अधिक चोरी करते थे।

आरोपी ने बताया कि चोरी की कारें राजस्थान, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में बेचते थे। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि चोरी की कारों पर उसी मॉडल और कलर की कार का नंबर डाला था, जिससे कि चेकिंग के दौरान पुलिस की पकड़ में न आएं।

लैपटॉप और हाइटेक डिवाइस साथ में लेकर घूमते थे
पकड़े गए आरोपित ने पुलिस को बताया कि वह कार से रेकी करने के लिए अलग-अलग इलाकों में घूमते थे। कार में बैठे-बैठे उसके गिरोह के सदस्य ऑटोमेटिक कार को स्टार्ट कर सकते हैं।

उसने बताया कि जम्प स्टार्टर हाई पावर डिवाइस से कार को स्टार्ट किया जाता है। लैपटॉप और टेबलेट के जरिए स्टेयरिंग व कार के सॉफ्टवेयर को निष्क्रिय किया जाता था। इसके अलावा ऑडियो टूल किट का प्रयोग की कार चोरी में आरोपित करते थे।

सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए नंबर प्लेट पर कलर स्प्रे कर देते थे
पॉलिटेक्निक चौकी इंचार्ज एसआई कमलेश राय के मुताबिक कार चोरी करने के बाद आरोपित नंबर प्लेट पर स्प्रे पेंट डाल देते थे। ऐसा करने से सीसीटीवी कैमरों और आईटीएमएस के कैमरे चोरी की कारों के नंबर ट्रेस नहीं कर पाते थे। इसके बाद अपने अड्डे पर पहुंच कर आरोपित चोरी की कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे। चोरी की कारों के लॉक बदल कर दूसरे लॉक लगा दिए जाते थे।

आरोपी के पास से चोरी की आई-20 कार, 1 जंप स्टार्टर हाई पावर डिवाइस सेट, कारें खोलने के प्रयोग में आने वाली 1 ऑडियो टूल किट (मेड इन चाइना), चार पहिया वाहनों के लॉकसेट, चाबियों के साथ, बिना चाबी के 9 लॉकसेट, डिकी के 4 लॉकसेट, फ्यूल टैंक के 6 लॉकसेट, दरवाजों के 6 लॉकसेट, 30 अन्य लॉकसेट, 31 बंडल प्लास्टिक के नंबरों के, सफेद स्प्रे पेंट, 1 कैट आई रिफ्लेक्टर, 20 कमल के फूल के स्टीकर, 9 बिना नंबर की प्लेट, 16 नंबर प्लेट अलग-अलग नंबर पड़ी हुईं व अन्य सामान पुलिस ने बरामद किया है। इस गुडवर्क में एसआई विजय शंकर सिंह, हेड कॉन्स्टेबल ऋषि तिवारी और नागेन्द्र की भूमिका अहम रही।

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