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हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस के नाम से वॉट्सऐप प्रोफाइल बनाकर की बैंक रिकवरी की कॉल

नई दिल्ली
प्राइवेट बैंक के रिकवरी एजेंटों ने वसूली के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस के नाम का वॉट्सऐप प्रोफाइल बना डाला। उनकी फोटो लगाकर बाकायदा मेसेज और कॉल करके उनके नाम से धमकी दी। तेलंगाना हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश थीं। धमकी का शिकार हुए पीड़ित ने चीफ जस्टिस के नाम से वॉट्सऐप प्रोफाइल व अन्य दस्तावेज के साथ महरौली पुलिस को सौंपकर शिकायत दी। महरौली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, एडवोकेट सुमित चौधरी के छोटे भाई अंकित चौधरी परिवार के साथ साकेत में रहते हैं। इवेंट मैनेजमेंट का काम है। लॉकडाउन के कारण इवेंट मैनेजमेंट की पेमेंट रुक गई थी। जिसके कारण इन पर प्राइवेट बैंक के क्रेडिट कार्ड का कुछ अमाउंट बकाया था। इसके बाद अंकित चौधरी के पास बैंक के हवाले से रिकवरी एजेंटों के फोन आने लगे। बातचीत का लहजा अभद्र होता था। गाली गलौज और धमकी देने लगे। फिर एक दिन अंकित चौधरी के वॉट्सऐप पर मेसेज आया कि आप कार्ड की पेमेंट क्यों नहीं कर रहे। वॉट्सऐप कॉल भी आया, कॉलर ने कहा कि मैं जज साहब के चैंबर से बोल रही हूं। आज शाम तक पेमेंट कर देना, नहीं तो गिरफ्तार हो जाओगे।

अंकित चौधरी इससे बुरी तरह भयभीत हो गए। अंकित ने सारा घटनाक्रम अपने बड़े भाई सुमित को बताया। जब सुमित ने वॉट्सऐप पर आए मेसेज और उसकी प्रोफाइल फोटो देखी तो वह अचंभित रह गए। वह फोटो दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश और फिलहाल तेलंगाना हाई कोर्ट की चीफ की थी। इस बारे में पहले सुमित ने अपने लेवल पर पता लगाया। उसके बाद एक शिकायत महरौली थाने में दी। एक शिकायत दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को दी। महरौली पुलिस ने चीफ जस्टिस के नाम से आ रही कॉल को गंभीरता से लेते हुए केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में अब उन नंबरों की जांच पड़ताल में जुटी है, जिनसे लगातार धमकियां दी जा रही थीं।

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