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वाह! गुरुद्वारा कमिटी दान में मिले सोने-चांदी से बनाएगी कोविड अस्पताल

नई दिल्ली
कोरोना काल में गुरुद्वारे लोगों की सेवा में लगे हुए हैं। दूसरी लहर में दुनिया ने देखा कि कैसे गुरुद्वारा कमिटियों ने ऑक्सिजन के लंगर लगाए, घर-घर राशन और लंगर पहुंचाया, रकाबगंज साहिब में ऑक्सिजन सपोर्ट वाला 400 बेड का कोविड सेंटर रेकॉर्ड टाइम में खोल दिया। इसके अलावा न जाने कितने मरीजों की किसी न किसी तरह से मदद की। अब दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी ने पिछले कई सालों से दान में मिले सोने और चांदी को बाला साहिब में बन रहे कोविड अस्पताल के लिए समर्पित कर दिया है। गुरुद्वारा कमिटी पदाधिकारियों का कहना है कि धार्मिक संस्थाओं के पास जमा राशि और सोना-चांदी हॉस्पिटल बनाने में खर्च हो, इससे अच्छा और क्या हो सकता है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमिटी के पास जमा सोने-चांदी से अब रेकॉर्ड टाइम 60 दिन में 125 बेड का कोविड हॉस्पिटल बनाया जा रहा है।

‘दान में मिली चीजों को लोगों की सेवा में ही लगा दें’
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रेजिडेंट मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सारा सोना-चांदी कार सेवा वाले बाबा, बाबा बचन सिंह के सुपुर्द कर दी गई है। ये वक्त है जान बचाने का, अच्छी से अच्छी हेल्थ केयर फैसिलिटी देना का। उन्होंने बताया कि दान के तौर पर देश-विदेश के लोग गुरु की गुल्लक में कोई सोने की अंगूठी डाल देता है तो कोई कड़ा। किसी ने हार डाला को किसी श्रद्धालु ने कंगन। कोई चांदी दान में देता है। सिरसा ने बताया कि इनकी कीमत कोई नहीं लगा सकता। हमारा मकसद है लोगों से दान में जो कुछ मिला है वे उनकी सेवा में ही लगा दें। महामारी के दौर में जब सिस्टम और सरकारें फेल हो गई तो हम लोगों को आगे बढ़कर काम करना होगा और इसी सोच से गुरुद्वारा कमिटी ने फैसला लिया कि दिल्ली में वर्ल्ड क्लास अस्पताल बनाकर रहेंगे और जिसमें कोरोना मरीजों को बेस्ट इलाज मिल सके। सिरसा ने बताया कि बुधवार को एक श्रद्धालु ने ईसीजी की मशीन भी दी है।

मेडिकल के क्षेत्र में का यह 5वां अहम प्रयास
दिल्ली गुरुद्वारा कमिटी के अनुसार, अस्पताल में कंस्ट्रक्शन का काम शुरू किया जा चुका है। पहले फेज में इसी जगह पर गुरुद्वारा कमिटी ने 100 बेड का फ्री डायलिसिस अस्पताल खोला था। सेकंड फेज में 125 बेड का कोविड अस्पताल बना रहे हैं। कमिटी महासचिव हरमीत सिंह कालका कहा कि महामारी ने बता दिया कि हमें हेल्थ केयर सिस्टम को सुधारने की जरूरत है। कालका ने कहा कि सबसे सस्ती एमआरआई व सीटी स्कैन वाले डायग्नोस्टिक सेंटर, 90 फीसदी तक सस्ती दवाइयों वाले बाला प्रीतम दवाखाने और गुरु तेग बहादुर कोरोना केयर सेंटर के बाद मेडिकल देखभाल के क्षेत्र में दिल्ली गुरुद्वारा कमिटी का यह 5वां अहम प्रयास है। जैसे गुरु तेग बहादुर कोरोना केयर सेंटर केवल 12 दिनों में ही तैयार हो गया था इसी प्रकार यह अस्पताल भी 60 दिनों के अंदर बनाकर दिखाएंगे।

दुनियाभर से बढ़ रहे मदद के हाथ
दुनिया भर के एनआरआई ने श्री गुरु हरिकृष्ण इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सांइस एंड रिसर्च नाम से खोले जा रहे अस्पताल की स्थापना के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। फ्रांस सरकार भी एक ऑक्सिजन प्लांट दे रही है। कमिटी का दावा है कि न्यूयॉर्क के मेयर ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वादा किया है कि वे वेंटिलेटर, बेड और अन्य मेडिकल उपकरण जल्दी ही भेज देंगे। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, यूरोप, थाईलैंड और कई जगहों से लोग गुरुद्वारा कमिटी के कामों को देखते हुए इस अस्पताल को बनाने में जो जरूरत की चीज है वह दे रहे हैं।

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