Metro

बहुत पूजा कर ली, अब….. और शूटर अब्दुल रऊफ ने गुलशन कुमार को मार दी थी गोली

मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को गुलशन कुमार हत्याकांड में शामिल शूटर अब्दुल रऊफ उर्फ दाऊद मर्चेंट की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। अब्दुल रऊफ ने अगस्त, 1997 को गुलशन कुमार की तब हत्या कर दी थी, जब वह अंधेरी में एक मंदिर में पूजा करने के लिए निकले थे। आरोप है कि उस वक्त अब्दुल रऊफ ने गुलशन कुमार से कहा था कि बहुत पूजा कर ली, अब ऊपर जाकर करना।

उस दिन गुलशन कुमार का बॉडीगार्ड बीमार था
गुलशन कुमार का मर्डर, 12 अगस्त, 1997 को किया गया था, लेकिन उन्हें 10 करोड़ रुपये की उगाही के लिए 5 और 8 अगस्त को धमकी भरे कॉल आए थे। गुलशन कुमार ने तब उगाही की रकम देने से मना कर दिया था। वारदात वाले दिन गुलशन कुमार अंधेरी पश्चिम के एक मंदिर से लौट रहे थे, उसी दौरान उन पर 16 राउंड गोलियां चलाई गई थीं। हालांकि गुलशन कुमार को यूपी पुलिस की तरफ से एक बॉडीगार्ड मिला था, लेकिन वारदात वाले दिन वह बीमार था, इसलिए गुलशन कुमार की सुरक्षा में नहीं था। गुलशन कुमार ने अपने बचाव के लिए पास के कई घरों में भागने की कोशिश की, लेकिन ऐसा कहा जाता है कि गोलियों की आवाज सुनकर हर किसी ने अपने-अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए थे। गुलशन कुमार के ड्राइवर ने भी अपने मालिक को प्रोटेक्ट करने की कोशिश की और इसमें ड्राइवर के दोनों पैर बुरी तरह जख्मी हो गए, लेकिन फिर भी गुलशन कुमार जिंदा नहीं बच पाए।

अबू सलेम से कनेक्शन
इस केस में संगीतकार नदीम सहित कई लोग आरोपी बनाए गए, लेकिन सेशंस कोर्ट ने 29 अप्रैल, 2002 को सिर्फ अब्दुल रऊफ मर्चेंट को कनविक्ट किया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट द्वारा बरी किए गए एक और शूटर राशिद मर्चेंट को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मुंबई क्राइम ब्रांच के रेकॉर्ड में अब्दुल रऊफ मर्चेंट डॉन अबू सलेम का पुराना साथी है। जब पुर्तगाल में अबू सलेम पकड़ा गया और उसके प्रत्यर्पण की कानूनी प्रकिया शुरू हुई, तो रिटायर एसीपी सुनील देशमुख के अनुसार, मुंबई पुलिस ने पुर्तगाल पुलिस को गुलशन कुमार मर्डर में भी अबू सलेम की भूमिका की पूरी लिस्ट भेजी, लेकिन पुर्तगाल सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ 8 केसों में ही अबू सलेम के खिलाफ मुकदमे की परमिशन दी। इनमें गुलशन कुमार का केस शामिल नहीं था।

‘दाऊद ने गुलशन कुमार की हत्या के लिए नहीं कहा था’
सुनील देशमुख ने प्रदीप जैन मर्डर केस में अबू सलेम का इंट्रोगेशन किया था। इस केस में अबू सलेम को सजा भी हुई। सुनील देशमुख कहते हैं कि यदि गुलशन कुमार मर्डर में अबू सलेम के खिलाफ मुकदमे की हमें परमिशन होती, तो हम इस केस में भी उसके खिलाफ ऐविडेंस जरूर जमा कर पाते। अबू सलेम पहले दाऊद के भाई अनीस का ड्राइवर था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुलशन कुमार की हत्या से दाऊद अबू सलेम से बहुत नाराज हो गया। दाऊद गुलशन कुमार से उगाही तो चाहता था, लेकिन दाऊद ने गुलशन कुमार की हत्या के लिए अबू सलेम से बिल्कुल भी नहीं कहा था।

7 साल फरार, बीएसएफ ने शूटर रऊफ को पकड़ा था
इस केस में जिस शूटर अब्दुल रऊफ उर्फ दाऊद मर्चेंट की उम्रकैद की सजा को बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को बरकरार रखा, 2009 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसे कुछ दिनों के लिए फर्लो पर छोड़ा था। इस बहाने वह फिर बांग्लादेश भाग गया। साल, 2016 में बीएसएफ ने उसे पकड़ा और उससे जुड़ी सूचना मुंबई क्राइम ब्रांच को दी। इसके बाद सीनियर इंस्पेक्टर अजय सावंत की टीम उसे लेने गुवाहाटी गई। तब से अब्दुल रऊफ उर्फ दाऊद मर्चेंट मुंबई की जेल में बंद है।

Related Articles

Back to top button