Metro

वो बेटे गोदते रहे, लोग देखते रहे… हाथ आए एक बैग से मिला कातिलों का सुराग

नई दिल्ली
पैरामिलिट्री फोर्स से रिटायर्ड जयपाल समझ नहीं पा रहे कि अचानक यह सब हुआ क्या। वह बेबस होकर मदद के लिए चिल्लाते रहे और लोग तमाशबीन बने रहे। किसी ने हिम्मत नहीं जुटाई। वारदात के चश्मदीद पंत प्रिय ने पुलिस को जो बताया, वह बेहद डरावना था। पंत प्रिय खुद ‘कार 24’ में जॉब करते हैं। रात करीब 11 बजे पिता जयपाल का छोटे भाई देवप्रिय के पास फोन आया था। वह घबराते हुए बोल रहे थे कि बाइक टच होने पर उनके साथ कुछ लड़कों ने मारपीट की है। यह सुनकर वह और छोटा भाई देव प्रिय केवल पार्क की लाल बत्ती पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि पिता जयपाल सड़क किनारे खड़े थे और तीन लड़के उन्हें घेरे हुए थे।

पिता ने जैसे ही दोनों को देखा। बताया कि इन लड़कों ने बाइक टच होने पर मारपीट की है। इस पर देव प्रिय ने लड़कों से कहा कि तुमने मेरे पापा को हाथ कैसे लगा दिया। इस बात पर उनमें से एक लड़का कहने लगा कि यहां से जल्दी निकलो, नहीं तो तुम्हारे लिए ठीक नहीं होगा। दूसरे दोनों लड़के बोले कि तुम लोग सही सलामत घर नहीं पहुंच पाओगे। इतने में पंत प्रिय ने उन लड़कों से कहा कि जुबान संभालकर बात करो। तभी उनमें से एक लड़के ने कहा कि मारो इसे। सभी मारपीट करने लगे। तभी उनके कुछ अन्य साथी भी पीछे से भागकर आए। उन लोगों ने पंत प्रिय और जयपाल को पकड़ लिया। बाकी तीनों लड़के देवप्रिय को एमसीडी स्टाफ क्वॉर्टर के गेट से अंदर खींच ले गए।

जयपाल और पंत प्रिय चिल्ला रहे थे कि छोड़ दो देवप्रिय को। लेकिन तभी दो लड़कों ने चाकू घोंप दिए। जयपाल लोगों से बचाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन किसी ने भी हिम्मत नहीं जुटाई। इसके बाद कातिल वहां से भागने लगे। पंत प्रिय ने भागते हुए एक आरोपी के कंधे पर लटका हुआ बैग खींच लिया और देवप्रिय को अस्पताल ले गए। वहां से फोर्टिस अस्पताल ले गए। पुलिस जब अस्पताल पहुंची, तो आरोपी का बैग उनके हवाले किया। पुलिस ने बैग खोलकर देखा तो कातिलों का सुराग मिल गया। बैग में काले रंग की टीशर्ट और नीले रंग का लोअर था। एक मोबाइल फोन का बिल, जिस पर एक शॉप का एड्रेस था। बिल आजादपुर निवासी साहिल के नाम पर था। इसके बाद आरोपियों के ठौर ठिकाने की जानकारी पुलिस के हाथ लगती गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी शराब के नशे में पार्टी करके लौट रहे थे। रास्ते में एक टेंपो वाले से जयपाल की बहस होती देख धमकी देने लगे, बस यहीं से बात बढ़ गई।

Related Articles

Back to top button