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महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को ही क्यों ज्यादा शिकार बना रहा ब्लैक फंगस?

वान्या दीक्षित, लखनऊ
महिलाओं में बनने वाला इस्ट्रोजन हारमोन उन्हें म्यूकरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) से बचा रहा है। पुरुषों के मुकाबले बेहद कम महिलाएं इसकी चपेट में आ रही हैं। दरअसल, महिलाओं में इस्ट्रोजन हारमोन 14 से 50 साल की उम्र तक बनता है। वहीं, लखनऊ के अस्पतालों में भर्ती हुई ब्लैक फंगस पीड़ित ज्यादातर महिलाओं की उम्र 50 साल से अधिक ही है।

एसजीपीजीआई के न्यूरो ओटोलॉजिस्ट डॉ. अमित केसरी कहते हैं कि ब्लैक फंगस की शुरुआत में महिलाओं के मामले न के बराबर थे, लेकिन धीरे-धीरे कुछ महिलाएं भी इसकी चपेट में आने लगीं। कम होने का एक कारण यह भी है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में कोरोना संक्रमण भी कम देखने को मिला है।

मीनोपॉज के बाद खतरा ज्यादा
डॉ. अमित कहते हैं कि महिलाओं में इस्ट्रोजन हारमोन होता है, जो 14 से करीब 50 साल की उम्र की महिलाओं में ज्यादा बनता है। अस्पतालों में ब्लैक फंगस के मरीजों में महिलाओं की संख्या 15 से 20 प्रतिशत ही है। इनमें लगभग सभी महिलाएं 50 वर्ष से अधिक उम्र की हैं।

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