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स्नैचिंग के बाद कुछ दूर जाकर बाइक रोकता था और पीड़ित को बोलता था 'गुड बाय'

विशेष संवाददाता, द्वारका
लोगों से स्नैचिंग कर उन्हें गुडबॉय बोलने वाले एक स्नैचर को द्वारका साउथ थाने की पुलिस टीम ने अरेस्ट किया है। इसकी निशानदेही पर एक रिसीवर को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने कुछ चेन बेच दी थीं। वहीं कुछ उसने मां और बहन को दी थीं। पुलिस इसकी गिरफ्तार से स्नैचिंग के 7, चोरी के 2 मामले सुलझने का दावा कर रही है। इनके पास से दो सोने की चेन, एक चोरी की बाइक भी बरामद हुई है। आरोपी अब तक 45 से अधिक स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम दे चुका है।

डीसीपी द्वारका संतोष कुमार मीणा ने बताया कि आशीष उर्फ गोलू नाम के एक आरोपी को अरेस्ट किया गया है। उनके अनुसार, पिछले कुछ दिनों से द्वारका जिले में चेन स्नैचिंग की कुछ घटनाएं सामने आ रही थीं। 9 मई की सुबह पुलिस को जानकारी मिली कि सुबह के समय लाल रंग की अपाचे पर दो लोग मिलकर इन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। द्वारका साउथ थाने में मामला दर्ज किया गया। 23 मई को भी इस तरह की वारदात हुई। लाल रंग की बाइक पर गोल्ड चेन छीनने की वारदातें द्वारका नॉर्थ, बिंदापुर, बेगमपुर आदि थानों से सामने आईं। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल प्रवीण को जांच की जिम्मेदारी दी गई। प्रवीण ने जांच में स्नैचरों के रूट का पता लगाया। वह के एन काटजू मार्ग, रोहिणी से होकर आते हैं।

इसी मामले में यह पता चला कि लाल रंग की अपाचे 27 अप्रैल को चोरी हुई थी। बाइक के एन काटजू मार्ग थाने से चुराई गई थी और उसकी ई एफआईआर हुई थी। इसके बाद इस केस को एंटी क्रेक टीम के हेड सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने भी जॉइन कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने गोल्ड स्नैचिंग के कई मामलों की स्टडी कर 30 से 40 संदिग्ध की लिस्ट तैयार की और इन संदिग्धों से मिले। इस पूरी जांच में बेगमपुर के आशीष उर्फ गुल्लू और अर्जुन उर्फ विनय का नाम सामने आया। डोजियर के अनुसार, यह 100 से अधिक लूट और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम दे चुका था। वहीं इस मामले में सभी पीड़ितों ने पुलिस को बताया था कि आरोपी स्नैचिंग के बाद कुछ दूर पर अपनी बाइक रोकते थे और उन्हें गुड बाय कहते थे।

इसके बाद पुलिस टीम ने इनके बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। दोनों की तलाश में रेड की गईं। आशीष को डाबड़ी में उसकी कजिन बहन के यहां से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर उसके रिसीवर से दो सोने की चेन भी बरामद हुईं। रिसीवर की पहचान अभिनाश के रूप में हुई। अभिनाश ने कुछ चेन मूथूट में गिरवी रख दीं। जिसके बिल भी पुलिस को बरामद हुए। आशीष ने बताया कि उसने चार से पांच चेन अपनी कजिन बहन काजल उर्फ खुशी और दो से तीन चेन अपनी मां गजना को भी दी हैं। उसके साथी अर्जुन को पकड़ने के लिए पुलिस अभी रेड कर रही है।

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