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दिल्लीः वैक्सीनेशन के लिए जागरूक करने जा रहे वर्कर्स पर निकल रहा लोगों का गुस्सा

नई दिल्ली
राजधानी में युवाओं का वैक्सीनेशन सरकारी केंद्रों पर बंद है, लेकिन 45 प्लस से अधिक लोगों के सेंटरों पर भीड़ कम हो रही है। राजधानी में कई लोग चॉइस की वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं, तो कुछ लोगों में वैक्सीन को लेकर संशय भी है। कई जिलों में लोगों को इन्हीं सब बातों के प्रति जागरूक करने के लिए डोर टु डोर कैंपेन चल रहे हैं। अब इन कैंपेन के लगे स्टाफ को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।

जब वैक्सीन ही नहीं है तो…
लोग इन टीमों से सीधा सवाल कर रहे हैं कि जब वैक्सीन उपलब्ध ही नहीं है तो आप वैक्सीन लेने के लिए क्यों कह रहे हैं। लोगों के अनुसार, पहले वैक्सीन लेकर आएं, फिर इस तरह की ड्राइव चलाएं। दरअसल, ज्यादातर घरों में 45 साल से उपर के लोगों के साथ 18 साल के लोग भी रहते हैं। जिन लोगों को काफी कोशिश के बाद भी को-वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं मिल पा रही है वह भी परेशान हो रहे हैं।

वैक्सीन लगवाओ तो चलें
कंझावला में एक एएनएम ने बताया कि जैसे ही वह लोगों को जागरूक करने लगीं, लोग गुस्से में आ गए। उनका कहना था कि हम आपके साथ डिस्पेंसरी चलते हैं आप हमें वैक्सीन लगवा दो। हम चार चक्कर लगाकर वापस आ चुके हैं। गोपाल नगर की सुधा देवी का कहना है कि उनकी बेटी का इस साल बारहवीं का एग्जाम है। मई की शुरुआत में जब युवाओं का टीकाकरण शुरू हुआ, तो भीड़ की वजह से उसे नहीं दिलाया। अब उसे मिल ही नहीं रहा है। दो दिन से कार्यकर्ता रोज आकर वैक्सीन लगवाने को बोल रहे हैं। जब वैक्सीन नहीं लग रहा तो कहां जाएं, कैसे लगवाएं। अगर वैक्सीन नहीं लगी तो बच्ची एग्जाम कैसे देगी। कम से कम एग्जाम देने वाले बच्चों को, ऑफिस जाने वालों को तो वैक्सीन देनी ही चाहिए।

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