Metro

CBSE-ISC की परीक्षाएं रद्द होने से कहीं खुशी-तो कहीं मायूसी…जानें- क्या बोले स्टूडेंट्स

लखनऊसीबीएसई की 12वीं क्लास की परीक्षाओं (CBSE Exam news) के बाद ISC की परीक्षाएं ( in hindi) भी रद्द हो गई हैं। उम्मीद की जा रही है कि दोनों केंद्रीय बोर्डों के इस फैसले के बाद राज्य बोर्ड भी 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर सकते हैं। 10वीं की परीक्षाएं सीबीएसई-आईसीएसई के अलावा अमूमन ज्यादातर राज्य पहले ही रद्द कर चुके हैं। हालांकि 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने के फैसले को लेकर स्टूडेंट्स के बीच से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

जाहिर तौर पर सालभर मेहनत से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को परीक्षाएं रद्द होने से झटका लगा है। क्योंकि 12वीं के नतीजों का उनके पूरे करियर पर असर पड़ता है और मार्किंग में किस तरह मार्क्स दिए जाएंगे, अभी कुछ साफ नहीं है।

‘पूरी तैयारी की थी, एग्जाम कैंसल होने से खुशी नहीं हुई’अयोध्या के जेबी अकैडमी स्कूल में 12वीं की स्टूडेंट अंकिता भट्ट ने एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में कहा, ‘मेरा इस साल सीबीएसई बोर्ड का 12वीं का एग्जाम था। परीक्षा रद्द होने की घोषणा से बहुत ज्यादा खुशी नहीं हुई क्योंकि पूरी तैयारी की थी और उम्मीद थी कि एग्जाम में अच्छा करूंगी। इंटरनल के मार्क्स ज्यादातर स्टूडेंट्स के अच्छे नहीं आ पाते। अगर उन्हें बेसिस बनाकर मार्किंग की गई तो 12वीं की मार्कशीट पर अच्छे मार्क्स नहीं होंगे जिसका असर आगे हमारे करियर पर पड़ेगा।’

छात्र बोले, पीएम मोदी ने जो फैसला लिया है वह अच्छा ही होगा
कानपुर के डॉ. सोनेलाल पटेल स्कूल में पढ़ने वाले अमेय नागपाल और संजय नागपाल का कहना है कि परीक्षाएं रद्द होने से हम निराश है। हमने परीक्षा की पूरी तैयारी की थी, मंगलवार शाम को जानकारी हुई कि 12 वीं की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। छात्रों ने कहा कि यह फैसला खुद प्रधानमंत्री ने लिया है तो कुछ सोच-समझकर ही लिया होगा। कोरोना वायरस ने हमारी सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया है।

‘फैसले से पैरंट्स खुश, राहत की ली सांस’वाराणसी के आर्यन इंटरनैशनल स्कूल के 12वीं के छात्र पुष्कर सिंह ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर हमारी तैयारी पूरी थी। परीक्षाएं होतीं तो उसके रिजल्ट से हमारी मेहनत का पता लगता, लेकिन मौजूदा हालात को देखते सीबीएसई बोर्ड और सरकार ने जो फैसला किया है वह हमारे लिए एक तरह से सही भी है। हमारे पैरंट्स भी इससे खुश हैं और राहत की सांस ली है।

स्टूडेंट्स की मांग, सही तरह से हो मार्किंग
लखनऊ के एलपीएस स्कूल से आईएससी बोर्ड से 12वीं की स्टूडेंट यशी शर्मा भी सरकार के फैसले से निराश हैं। यशी ने कहा कि हमारी तैयारी थी मगर बोर्ड के अचानक एग्जाम रद्द करने के फैसले से झटका तो लगा है। हालांकि पैरंट्स खुश हैं, क्योंकि ऐसे माहौल में एग्जाम देने को लेकर वे बहुत आशंकित थे। उम्मीद है कि मार्किंग को लेकर सरकार कोई बेहतर तरीका निकालेगी जिससे मेधावी बच्चों को आगे उनके करियर में किसी तरह का नुकसान न हो।

इनपुट्स- सुमित शर्मा, अभिषेक जायसवाल

Related Articles

Back to top button
close button