पीड़ितों के बीच कलेक्टर..राहत शिविर में पीड़ितों से किया संवाद, लिया भोजन का स्वाद.अधिकारियों से कहा..छोटी भूल भी बर्दास्त नहीं..इंजीनीयर को दिया 8 दिनों में पुल दुरूस्ती का आदेश

पीड़ितों के बीच कलेक्टर..राहत शिविर में पीड़ितों से किया संवाद, लिया भोजन का स्वाद.अधिकारियों से कहा..छोटी भूल भी बर्दास्त नहीं..इंजीनीयर को दिया 8 दिनों में पुल दुरूस्ती का आदेश

[ad_1]

बिलासपुर— कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट मिलते के कुछ घंटों बाद ही कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर और पुलिस कप्तान प्रशांत अग्रवाल प्रशासनिक अमले के साथ आज तड़के तखतपुर दौरे पर पहुंचे। मौके पर कलेक्टर ने ताबडतोड़ कार्रवाई करते हुए बाढ़ प्रभावितों को सुख दुख को सुना। कलेक्टर ने इस दौरान कुछ स्थानों की व्यवस्था पर असंतोष जाहिर करते हुए अधिकारियों को जमकर फटकारा।  कलेक्टर ने पीड़ितों के बीच मुआवाज का भी वितरण किया। 

ग्राउन्ड जीरो पहुंचे कलेक्टर और पुलिस कप्तान

                  बताते चलें कि पिछले दिनों झमाझम बारिश और मनिहारी नदी में बाढ़ आने के बाद तखतपुर समेत आस पास के ग्रामीण क्षेत्र डूब गए। तीन दिनों तक लोगों का सम्पर्क एक गाव से दुसरे गांव के बीच पूरी तरह से टूट गया। लोगों की माने तो 1926 के बाद पहली बार इस तरह का बाढ देखने को मिला। शहर से गांव तक मकान दुकान गोदाम और होटलो में पानी घुस गया। इस दौरान लोग सामान और जिन्दगी दोनों बचाते नजर आए। लेकिन राहत बचाव कार्य में प्रशासन ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ा। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर क्वारंटीन रहते हुए सारे काम काज पर लगातार नजर बनाकर रखा।  इस दौारन आलाधिकारियों को ग्राउन्ड जीरों पर तैनात कर पल पल की खबर और राहत बचाव कार्यों की जानकारी लेते रहे।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

                 शनिवार सुबह डॉ. सारांश मित्तर और पुलिस कप्तान प्रशांत अग्रवाल भारी भरकम अमले के साथ बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे। इस दौरान कलेक्टर मित्तर बाढ से प्रभावित एक एक लोगों के बीच पहुंचने का प्रयास किया। इसके पहले कलेक्टर ने एक छोटी सी बैठक लेकर सबसे पहले अधिकारियों को मुस्तैदी के साथ लोगों के आंसू पोछने का निर्देश दिया। 

पीड़ितों के बीच कलेक्टर..भोजन का लिया स्वाद

                दौरा कार्यक्रम के तहत कलेक्टर मित्तर सबसे पहले रेस्क्यू सेन्टर पहुंचे। राहत बचाव के दौरान सामुदायिक भवन में रूके 75 परिवार के एक एक सदस्यों से कलेक्टर ने मुलाकात की। पीड़ितों की पीड़ा और समस्याओं को गंभीरता के साथ सुना। मौके पर तैयार हो रहे भोजन का ना केवल जायजा बल्कि जायका भी लिया। कलेक्टर ने पेयजल की समस्या को लेकर अधिकारियों पर जमकर गुस्सा उतारा।

स्वास्थ्य केन्द्र पहुंच..दिया सख्त निर्देश

            कलेक्टर और पुलिस कप्तान ने राहत बचाव के बीच बनाए गए स्वास्थ्य केन्द्र का गंभीरता से निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद कलेक्टर और प्रशांत अग्रवाल ने तखतपुर के पचराही नाला की बाढ़ से प्रभावितों के बीच पहुंचे। वार्डों का भ्रमण किया। क्षतिग्रस्त मकानों को देखकर चिंता और दुख  जाहिर किया। अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रभावितों का जल्द से जल्द आकलन कर मुआवजा तैयार किया जाए। नाले की सफाई का भी आदेश दिया।

 आठ दिन में चाहिए दुरूस्त पुल

          कलेक्टर और पुलिस कप्तान ने मनियारी नदी का पुल भी देखा। दोनों अधिकारियों ने पुल की स्थिति को देखकर बाढ़ की भयावहता को समझने का प्रयास किया। कलेक्टर ने एनएच के प्रमुख इंजीनियर को निर्देश दिया कि पुल का पुख्ता मरम्मत कार्य तेजी से किया जाए। आठ दिनों के अन्दर पुल से आवागमन शुरू हो सके। दौरान कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अब तक पुल का मरम्मत कार्य शुरू हो जाना चाहिए था। बावजूद इसके देरी हुई। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों की जमकर क्लास ली।

बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंच..दिया सम्बल

          कलेक्टर ने तखतपुर से लगे बाढ़ आपदा से सर्वाधिक प्रभावित गांव मड़ई वासियों के बीच पहुंचे।  एक एक कर क्षतिग्रस्त मकानों का जायजा लिया। खेत पहुंचकर बरबाद फसलों को भी देखा। उन्होने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त मकानों और बरबाद फसलों का मुआवजा जल्द से जल्द निर्धारित करें। कलेक्टर ने तहसील कार्यालय पहूुंचकर कलेक्टर ने 70 से अधिक परिवारों के बीच राहत मुआवजा का चेक दिया।

क्वारंटीन से छूटते पहुंचे तखतपुर

           कार्यक्रम के बाद कलेक्टर सारांश मित्तर ने बताया कि बहुत बड़ी आपदा का सामना तखतपुर वासियों को करना पड़ा। शासन प्रशासन उनके साथ है। क्वारंटीन रहते हुए भी सारी गतिविधियों पर उन्होने नजर बनाकर रखा। जैसे ही जानकारी मिली कि रिपोर्ट नेगेटिव है। तत्काल तखतपुर वासियों के बीच पहुंचने का मौका मिला।

किसी भी परेशानी पर करें सीधे सम्पर्क

       कलेक्टर ने कहा कि राहत बचाव कार्य में किसी की छोटी सी लापरवाही को भी बर्दास्त नहीं किया जाए। निर्धारित समय के अन्दर प्रभावितों को राहत पहुंचाना है। यदि किसी को परेशानी है तो वह सीधे सम्पर्क कर सकता है।

loading…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Updates COVID-19 CASES