जोगी परिवार की रणनीति तय..मरवाही उप चुनाव में रहेगी पूरी दखल.. हर गाँव हर घर पहुँचेगा जोगी परिवार.. वोट नहीं माँगेगा न्याय.. कांग्रेस की लिए मुश्किल तय..

जोगी परिवार की रणनीति तय..मरवाही उप चुनाव में रहेगी पूरी दखल.. हर गाँव हर घर पहुँचेगा जोगी परिवार.. वोट नहीं माँगेगा न्याय.. कांग्रेस की लिए मुश्किल तय..


मरवाही,18 अक्टूबर 2020। नामांकन के निरस्त होने के बाद जोगी परिवार चुनावी मैदान से बतौर प्रत्याशी सीधे तौर पर भले बाहर हो गया हो, लेकिन मरवाही और हो रहे उप चुनाव से बाहर नहीं हो रहा है। दोपहर को स्व. अजीत जोगी के करीबी मित्रों समर्थकों और पारिवारिक सदस्यों की उपस्थिति में जोगी परिवार ने आखिरकार वह अहम फ़ैसला ले लिया है, जिसकी संभावना क़रीब क़रीब तय थी।
जोगी परिवार जिसमें स्व. अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी और अमित जोगी शामिल हैं हर ग्राम पंचायत हर साप्ताहिक बाज़ार पहुँचेगा, और स्व. अजीत जोगी की मरवाही से जूड़ी यादों को बताते हुए नामांकन ख़ारिज की प्रक्रिया को अन्याय बताते हुए इसके लिए इंसाफ माँगेगा।
भावनाओं के समुद्र में ज्वार भाटे को भरपूर उंचाई देते हुए मरवाही विधानसभा का हर गाँव रेणु जोगी तब स्व. अजीत जोगी की तस्वीर, जिसमें उनके देहावसान के बाद शोक में उनके पाँव को पकड़े रोती तस्वीरें शामिल थीं को लेकर चुनाव की तारीख़ें घोषित होने के क़रीब डेढ़ महिने पहले घूम चुकी थीं,तब वोट नही माँगे गए थे, बल्कि रेणु जोगी केवल यह महसूस कराने गई थी कि, यह शोक केवल उनका नहीं है, बल्कि मरवाही का है। कोई अतिश्योक्ति नहीं है कि श्रीमती रेणु जोगी ने भावनाओं का जो ज्वार भाटा उठाया था अमित जोगी के पास केवल इतनी ही जवाबेदही थी कि, इस ज्वार भाटे को कम ना पड़ने दें, अमित जोगी इसे बखूबी करने में सफल दिखे भी। भावनाओं को बेहद उछाल और स्वभावगत रुप से अपेक्षित अमित जोगी की ओर से कोई गलती ना होते देख कांग्रेस के रणनीतिकारों ने कोई भी ख़तरा ना उठाने की ठानी और नामांकन पर दावा आपत्ति के दिन नाटकीय तरीक़े से जाति प्रमाण पत्र के निरस्तीकरण का आदेश आपत्तिकर्ताओं ने पेश कर दिया, और अमित जोगी बतौर प्रत्याशी उप चुनाव में मौजुद रह पाने से अयोग्य ठहरा दिए गए।
आज पूरे दिन गहन मंत्रणा के बाद पूत्र अमित जोगी को लेकर माँ रेणु जोगी नर्मदा दर्शन को गईं और उसके बाद संत कल्याण दास बाबा से मुलाक़ात कर मार्गदर्शन और आशिर्वाद लिया।
देर शाम जबकि माँ बेटे लौटे तो कल की वो क्षणिक उदासी ग़ायब थी। प्रफुल्लित मगर बेहद गंभीर भाव के साथ विनम्र स्वभाव वाली कोटा विधायक और स्व. अजीत जोगी की पत्नी डॉ रेणु जोगी ने NPG से कहा

“परिवार में दुख आया तो परिवार से बाँटा.. शोक में डूबे परिवार को बेबस समझ कर सत्ता का दूरपयोग कर विधि और संविधान से चलने वाले तंत्र को दूषित कर के अपमानित किया है, अन्याय किया है.. तो फिर मैं यह अन्याय जो हुआ है वह बताने तो परिवार के पास जाउंगी न..”

इसके बाद डॉ श्रीमती रेणु जोगी ने कहा –

“मरवाही की जनता परिवार है हमारा.. शक्तिशाली लोग सोच रहे हैं हमारा कोई नहीं है..वे ग़लत सोच रहे हैं.. मरवाही मेरा परिवार है.. मैं हर पंचायत हर बाज़ार और यथासंभव हर घर के दरवाज़े जाउंगी,और इस अन्याय को बताउंगी.. मरवाही का मेरा परिवार तय करेगा कि..जिन्होंने अन्याय किया है.. उनके साथ क्या करना है.. मुझे अपने मरहूम पति और मरवाही के बेटे अजीत जोगी की आत्मकथा भी सबको देनी है”

राजनीति में यह क़वायद क्या रंग लाएगी..यह समझना इतना भी कठिन नहीं है.. जोगी परिवार की इस कवायद से कांग्रेस के लिए ज़ाहिर है जटिलता बढ़ेगी जिसके लिए मरवाही जीतना एकमेव लक्ष्य है।

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