एक मुलाकात

कार्रवाई से बचने कांग्रेस नेता ने लिया फेसबुक लाइव का सहारा..खुद को बताया पाक साफ..दबाव बनाए जाने पर इंस्पेक्टर ने कहा..आमने सामने करेंगे बात


रायपुर—- राजधानी के अभनपुर सर्किल में पदस्थ आबकारी दारोगा की तरफ से कांग्रेस नेता  लोकेश वशिष्ठ की शिकायत के बाद मामला तूल पकड़ लिया है। बताया जा रहा है कांग्रेस नेता वशिष्ठ ने देर रात महिला इंस्पेक्टर से वाट्सअप पर थाने में शिकायत को लेकर ना केवल नाराजगी जाहिर की है। बल्कि याद रखने की धमकी भी दी है।  अब आमने सामने की बातचीत को मुद्दा बनाकर कांग्रेस नेता फेसबुक लाइव के माध्यम से खुद को पाक साफ बताने का प्रयास किया है। बताया जा रहा है कि पुलिस जल्द ही अभनपुर शराब दुकान सुपरवाइजर और सर्किल इंस्पेक्टर की शिकायत पर कार्रवाई करने वाली है। जिसके चलते लोकेश वशिष्ठ और उनके साथियों के होश उड़ गए हैं। लेकिन मामले में राजनीतिक दबाव का भी प्रयास किया जा रहा है। 

सुपरवाइजर से मारपीट

                             जानकारी हो कि 30 जुलाई को अभनपुर शराब दुकान सुपरवाइजर को कुछ लोगों ने एक ढाबा में बुलाकर जमकर मारापीट की।  मारपीट में करीब 15 लोग शामिल थे। मामले को लेकर आबकारी विभाग की तरफ से सुपरवाइजर को स्थानीय थाना में रिपोर्ट लिखाने को कहा गया। सुपरवाइजर गौरव साहू ने अपने बयान  में बताया कि कांग्रेस नेता के आदमी तीन गाड़ियों में सवार होकर ढाबा पहुंचे। सभी ने मिलकर मारपीट की। किसी तरह जान बजाकर भागा। इस दौरान मारपीट करने वालों ने धमकी दी कि शराब दुकान उनके लोगो के द्वारा संचालित होगी। उसके आदमी ही शराब बेचेंगे। यदि कोई बीच में आया तो उसे जान से हाथ धोना पड़ेगा।

                           मामले में दूसरे दिन सर्किल इस्पेक्टर ने भी थाने में लिखित शिकायत की। साथ ही जानकारी  विभाग को भी दी। अपनी शिकायत में सर्किल इंस्पेक्टर ने नगर पुलिस अधीक्षक,अटल नगर और एसएसपी समेत आबकारी प्रशासन को बताया कि कांग्रेस नेता लोकेश वशिष्ठ ने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए सुपरवाइजर रखते समय उसकी पसंद को विशेष ध्यान रखने को कहा जाता रहा है। बताते चलें कि लोकेश वशिष्ठ युवक कांग्रेस,रायपुर जिला ग्रामीण अध्यक्ष है।

कांग्रेस नेता के खिलाफ शिकायत

                       इंस्पेक्टर ने अपनी शिकायत में बताया  कि शराब दुकानों के कामकाज में लोकेश अनावश्यक रुप से हस्तक्षेप करता है। स्टॉफ की ड्यूटी अपने हिसाब से लगाने के लिये दबाव ड़ालता है। .कोरोना पॉजिटिव पाये जाने पर पुराने कर्मचारियों को जब क्वारंटीन भेजा गया तो लोकेश ने शराब दुकानों में ड्यूटी लगाने को लेकर अनावश्यक दबाव बनाया। और नये स्टाफ की भर्ती का ना केवल विरोध किया…बल्कि बिना पूछे नए स्टाफ की नियुक्ति को लेकर नाराजगी जाहिर की। जब वग दबाव बनाने में कामयाब नहीं हुआ तो उसके आदमियों ने सुपरवाइजर के साथ मारपीट की घटना को  अंजाम दिया है।

                  जानकारी के अनुसार पुलिस शिकायत से पहले देर रात कांग्रेस नेता लोकेश वशिष्ठ ने सर्किल इंस्पेक्टर को वाट्स में लिखा कि मामले को मीडिया तक ना लाया जाए। पुलिस में एफआईआर भी दर्ज नहीं कराएं। इससे उनका काम बिगड़ेगा। बावजूद इसके इंस्पेक्टर ने थाना पहुचकर शिकायत की। शिकायत के बाद कांग्रेस नेता ने इंस्पेक्टर को वाट्स अप में लिखा कि अच्छा नहीं किया।  जवाब में इंस्पेक्टर ने कहा कि बात आमने सामने करेंगे। इसके बाद नाराज कांग्रेस नेता ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखेंगे।

फेसबुक लाइव से बनाया दबाव

                               जानकारी के अनुसार पुलिस और अपने सरपरस्त से सहयोग नहीं  मिलते देख 2 अगस्त को लोकेश ने फेसबुक लाइव के माध्यम से खुद को पाक साफ बताने के साथ ही पूरे आबकारी महकमा पर शराब दुकानों में मिलावाट  और ओव्हर रेट करने का आरोप लगाया है। लोकेश ने यह भी कहा कि पूरे प्रकरण में आबकारी विभाग की मिलीभगत है।

                  वही विभाग के आलाधिकारियों का मानना है कि उन्हें अच्छी तरह से मालूम है कि क्या कुछ हो रहा है। फिलहाल लोकेश वशिष्ठ के खिलाफ थाने में दर्ज है। पुलिस अपना काम करेगी। फेसबुक लाइव… कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।

कांग्रेस संगठन खफा

                वहीं अब कांग्रेस संगठन से खबर मिल रही है कि लोकेश की फेसबुक लाइव को लेकर सीनियर नेता खासा नाराज है। और पुलिस जांच के बहाने सख्त कदम उठाने का मन भी बना लिया है।

मिलावटखोरी में हाथ होने का आरोप

                        इधर आबकारी महकमे को जानकारी हाथ लगी है कि लोकेश वशिष्ठ पुराने इंस्पेक्टर के साथ मिलीभगत कर मिलावट और ओव्हररेट का कारोबार करता रहा है। पुराने इंस्पेक्टर के बदले जाने के बाद ए टू जेड के कर्मचारियों से मिली भगत कर मिलावटखोरी और ओव्हररेट के कारोबार को अंजाम दे रहा था। जब पुराने सुपरवाइजर को कोरोना पाजीटिव होने के बाद क्वारंटीन किया गया तो वह अपने पसंद के कर्मचारी को भर्ती करना चाहा। बात नहीं बनते देख इंस्पेक्टर पर अलग अलग माध्यमों से दबाव बनाया। और मामला मारपीट के बाद थाने तक पहुंच गया। 

दबाव में नहीं

                  पुलिस सूत्रों की माने तो लोकेश वशिष्ठ के मामले की जांच होगी। मामले में विभाग से भी सम्पर्क करेंगे। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। फेसबुक लाइव से दबाव में नहीं आने वाले है

फील्ड मैनेजर था भाई

               जानकारी देतें चले कि लोकेश वशिष्ठ का भाई एटूजेड कम्पनी में फील्ड मैनजर का काम करता था। उसी के इशारे में अभनपुर क्षेत्र के शराब दुकानों में मनपसंद कर्मचारियों को कांग्रेस नेता  रखवाता था। शिकायत पर लोकेश के शनि वशिष्ट को नौकरी से हटा दिया गया। बावजूद इसके कांग्रेस नेता अपने राजनैतिक पहुंच और भाई के सहयोग से शराब दुकानों में दखलंदाजी कर अपने मंसूबों को  अब तक अंजाम दे रहा था।

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